संकट में गेहूं खरीदी… नहीं हो रहे छोटे किसानों के स्लॉट बुक, तुलावटियों के पास भी नहीं है काम

- अब तक पांच एकड़ तक के किसानों की ही चल रही खरीदी, बड़े किसान चिंतित

सीहोर। इस समय समर्थन मूल्य 2625 रूपए पर गेहूं की खरीदी का कार्य चल रहा है। गेहूं खरीदी के लिए शासन स्तर पर जो व्यवस्था बनाई गई है उससे किसानों को परेशानी आ रही है। दरअसल इस वर्ष पहले छोटे किसानों से गेहूं खरीदी होनी है, लेकिन स्थिति यह है कि अब भी 4 से 5 एकड़ वाले कई किसान हैं, जिनके स्लॉट ही बुक नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में उन्हें भी अपनी उपज बेचने की चिंता सता रही है। 5 एकड़ से ज्यादा जमीन वाले किसानों की तो अभी खरीदी ही शुरू नहीं हो सकी है। ऐसे में उनके माथे पर भी चिंता की लकीरें हैं। इधर कई तुलाई सेंटरों पर मौजूद तुलावटियों को पर्याप्त काम ही नहीं मिल पा रहा है। वे सेंटरों से जाने को मजबूर हैं, तो वहीं कई वेयर हाउसों में छोटे किसानों का गेहूं नहीं पहुंच रहा है तो वे अवैध तरीके से दूसरे बड़े किसानों का गेहूं भी डंप करवा रहे हैं। हालांकि अब तक करीब 17500 किसानों से 85 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी हो चुकी है।
समर्थन मूल्य पर चल रही गेहूं खरीदी परेशानी का सबब बनती जा रही है। पहले जहां छोटे किसानों से खरीदी शुरू हुई, लेकिन अब उनके ही स्लॉट बुक नहीं हो पा रहे हैं। दूसरी तरफ कई छोटे किसान पहले ही अपनी उपज मंडियों में बेच चुके हैं, ऐसे में इनकी संख्या भी अब बहुत कम है। इसके चलते खरीदी केंद्रों पर बेेहद कम मात्रा में किसान अपनी उपज लेकर पहुंच रहे हैं। कम उपज पहुंचने के कारण खरीदी केंद्रोें पर तुलाई का काम कर रहे तुलावटियों के पास भी पर्याप्त काम नहीं है तो वे भी काम छोड़कर भाग रहे हैं।
खरीदी केंद्रों पर नहीं दिख रही लाइनें-
पहले जहां खरीदी केंद्रों पर रात में ही किसान जाकर अपनी टैक्ट्रर-ट्रॉली खड़ी करके लाइन में लग जाते थे, वहां पर दिनभर सन्नाटा पसरा हुआ है। एक-दो ट्राली ही खड़ी हुई दिखती हैं। दरअसल प्रतिदिन खरीदी की मात्रा ने भी यह स्थिति पैदा कर दी है। इस समय 1500 क्ंिवटल प्रतिदिन खरीदी की लिमिट तय है। लिमिट तय होने के बाद भी कई खरीदी सेंटरों पर इतनी उपज भी नहीं पहुंच पा रही है। ऐसे में तुलावटियों के पास भी काम नहीं है। हालांकि कई वेयर हाउसों में अवैध तरीकों से भी गेहूं डंप करवाया जा रहा है।
बड़े किसानों की चिंता, कब बिकेगी उनकी उपज-
पांच एकड़ एवं उससे ज्यादा के किसानों की चिंता है कि उनकी उपज कब बिकेगी। यदि इसी रफ्तार से खरीदी चलती रही तो बारिश आ जाएगी और उनकी उपज नहीं बिक सकेगी। किसानों का कहना है कि एक तरफ घर, परिवार, रिश्तेदारों के यहां पर शादियां निकल रही हैं। दूसरी तरफ बाजार से खाद, बीज सहित अन्य सामान उधार लाकर काम चलाया और अब उनकी उधारी भी चुकानी है। ऐसे में उपज ही नहीं बिक पा रही है तो कैसे समय पर उधारी चुका पाएंगे।
इनका कहना है-
समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी चल रही है। पहले छोटे किसानों से खरीदी की जा रही है, लेकिन कई स्थानों से शिकायतें आ रही हैं कि छोटे किसानों के भी स्लॉट बुक नहीं हो पा रहे हैं। दरअसल सैटेलाइट इमेज के कारण कई जगह यह स्थिति बनी है, लेकिन अब उनके स्लॉट बुक होने लगे हैं। जल्द ही छोटे किसानों के बाद पांच एकड़ से उपर के किसानों के भी स्लॉट बुक होने लगेेंगे। खरीदी का कार्य नियमानुसार एवं सुचारू रूप से चल रहा है। अब तक 17500 किसानों से करीब 84 हजार मीटिक टन की खरीदी भी हो चुकी है।
– आकाश चंदेल, प्रभारी जिला आपूर्ति अधिकारी, सीहोर

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