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12 साल पहले परिवार ने जिसका किया था अंतिम संस्कार, वो पाकिस्तान की जेल में मिला जिंदा

चौसा
बक्सर के चौसा प्रखंड के बनारपुर गांव में स्थित खिलाफतपुर गांव से आज से बारह साल पूर्व अचानक गायब हुए जिस 20 वर्षीय छवि मुसहर को परिवार और गांव के लोगों ने मृत मानकर बिल्कुल भूला दिया था, आज चौसा नगर पंचायत में शामिल इस गांव के रहने वाले लोगों और परिजनों के बीच 30-32 वर्षीय छवि मुसहर की याद एक बार फिर ताजा हो गई। ऐसा भला हो भी क्यों नहीं, जब उसके जिंदा रहने का एक संदेश पाकिस्तान से आया हो।  इस बात का खुलासा गुरुवार को उस वक्त हुआ, जब मुफस्सिल थाना की पुलिस उसकी एक तस्वीर लेकर खिलाफतपुर गांव में पहुंची। गांव में छवि मुसहर की तस्वीर देखते ही गांव में रहने वाली उसकी मां वृत्ति देवी और उसके भाई-भाभी और अन्य परिजनों तथा पड़ोसियों ने 12 वर्ष पूर्व घर से अचानक गायब हुए छवि के रूप में उसकी पहचान की। इसके बाद तो यह खबर जंगल में लगी आग की तरह आसपास के गांवों सहित दूर-दूर तक फैल गई कि छवि मुसहर जिंदा है। वह फिलहाल पाकिस्तान के जेल में बंद हैं। पाकिस्तान के विदेश विभाग के द्वारा भारत के विदेश विभाग को भेजा गया एक पत्र जब बक्सर के एसपी कार्यालय से होते हुए यहां पहुंचा तो फिर घर-परिवार और गांव के लोगों की खुशियों का कोई ठिकाना नहीं रहा। सभी ने इस खबर पर प्रसन्नता जताई तथा आशा व्यक्त की कि बारह साल से अपने घर से दूर रहने वाला छवि अब बहुत जल्द फिर अपनों के बीच लौट कर जरूर आएगा। 

परिवार और गांव के लोगों को अब छवि के लौटने का इंतजार
छवि मुसहर की मां वृत्ति देवी ने इस अविश्वसनीय सी लगने वाली खबर को सुनकर आंखों में आसूं समेटे हुए कहा कि भगवान करे यह खबर बिल्कुल सच हो और उसका बेटा उनके जिंदा रहते शीघ्र अपने घर वापस लौट आए। उसके भाई रवि मुसहर और भाभी ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि छवि के जिंदा होने की बात सुनकर बहुत ही अच्छा लग रहा है। हम लोग चाहते हैं कि वह बहुत जल्द हम सभी के बीच आ जाए।  छवि के चचेरे नाना हरेराम मुसहर ने बताया कि वह 12 साल पहले बगैर किसी को बताए चला गया था। उसकी कई दिनों तक खोज की गई, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल पाया था। इसके बाद घर के लोगों ने उसे मृत मानकर भुला दिया। उन्होंने बताया कि शादीशुदा और एक बच्चे के पिता छवि के अब इतने सालों के बाद जिंदा होने की बात सामने आई है तो इतना यकीन हो गया है कि वह एक दिन जरूर यहां लौट कर वापस भी आएगा। गांव और परिवार के लोगों का कहना है कि उसके गायब होने के बाद उसकी पत्नी सुनीता ने दूसरी शादी कर ली और अपने बच्चे के साथ यहां से चली गई।

सरकार से लोगों को उम्मीद
गांव के लोगों का कहना है कि बिहार की सरकार और केंद्र की सरकार को छवि को पाकिस्तान से वापस लाने के लिए प्रयास शुरू कर देना चाहिए। ताकि वर्षों से बिछड़े हुए छवि को एक बार फिर से अपने परिवार और गांव के लोगों के बीच रहने का अवसर मिल सके।
 

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