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दिवंगत सोनू की पुण्यतिथि पर युवाओं का रक्तदान महादान, भीषण गर्मी में भी लक्ष्य से पार हुआ आंकड़ा

शासकीय स्कूल तकीपुर महुआखेड़ी में लगा शिविर, 50 यूनिट का था लक्ष्य, युवाओं ने बढ़-चढक़र किया 70 यूनिट रक्तदान

सीहोर। पुण्यतिथि पर अमूमन लोग केवल शोक और श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित करते हैं, लेकिन ग्राम तकीपुर महुआखेड़ी के युवाओं ने एक अनूठी और प्रेरणादायी मिसाल पेश की है। ग्राम के कृषक धनसिंह परमार के सुपुत्र स्व. सोनू परमार की पुण्यतिथि के अवसर पर बुधवार को शासकीय स्कूल परिसर में एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस भीषण गर्मी की परवाह न करते हुए आसपास के गांवों से आए जागरूक युवाओं ने एकजुटता दिखाई और समाज के सामने मानव सेवा का एक बड़ा उदाहरण प्रस्तुत किया।
आयोजन समिति और ग्रामवासियों द्वारा आयोजित इस शिविर में शुरुआत में लगभग 50 यूनिट रक्त संग्रह करने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन युवाओं का उत्साह इस कदर था कि दोपहर होते-होते लक्ष्य से कहीं अधिक यानी कुल 70 यूनिट रक्तदान किया गया। शिविर में मुख्य रूप से सुरेश परमार, वेदप्रकाश, सुरेंद्र, प्रीतम, प्रवीण, राजेश, कपिल, ज्ञान प्रकाश, सुनील, विशाल, प्रदीप, कुलदीप, दीपक, विकास, कुबेरलाल, धर्मेंद्र, महेंद्र, संदीप, राज, रितेश आदि ने अपने मित्रों के साथ मिलकर रक्तदान किया और इस पुनीत कार्य के सहभागी बने।
रक्तदान से बढक़र कोई दान नहीं
शिविर में मौजूद शिक्षक सतीष त्यागी ने रक्तदाताओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि आपका यह छोटा सा प्रयास अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे किसी जरूरतमंद मरीज की जान बचाएगा। रक्तदान सबसे बड़ा पुण्य का कार्य है, इससे शरीर का ब्लड सर्कुलेशन भी बेहतर रहता है। युवाओं को समय-समय पर आगे आकर रक्तदान करना चाहिए।
नन्हे वालंटियर्स ने संभाली कमान
इस पुनीत कार्य में सिर्फ युवा ही नहीं, बल्कि स्कूल के बच्चों ने भी अपनी जिम्मेदारी निभाई। बाल स्वयंसेवक आर्यन परमार, रोहन और नैतिक ने पूरे समय शिविर में व्यवस्थाएं संभालने और वालंटियर के रूप में अपना सक्रिय सहयोग दिया। शिविर का मुख्य उद्देश्य संकट के समय अस्पतालों में होने वाली खून की कमी को दूर करना और मानव सेवा में गिलहरी योगदान देना था।

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