धर्म

चाणक्य के अनुसार देश के युवाओं में होना चाहिए 10 खूबियां

युवाओं की शक्ति से ही देश बनता और बिगड़ता है। जिस देश का युवा गुमराह कर दिया गया है वह देश को बर्बाद करने में ज्यादा समय नहीं लगाएगा।
विदेशी विचारधारा और फैशन के चलते आज का युवा भटक गया है। चाणक्य कहते हैं कि देश को संवारने, संभालने और सुंदर बनाने के लिए युवाओं की शक्ति की जरूरत होती है। ऐसे में युवाओं में 10 खूबियां रहना चाहिए।
1. वासना : युवाओं को काम की भावना से दूर रहना चाहिए, क्योंकि यह प्रगति में बाधक ही नहीं जीवन बर्बाद करने की क्षमता भी रखती है। यह जीवन पर नकारात्मक असर डालती हैं और इससे वर्तमान के साथ-साथ भविष्य भी खराब हो जाता है। युवाओं का जीवन एक तपस्वी की भांति होना चाहिए।

2. गुस्सा : क्रोध इंसान का सबसे बड़ा शत्रु है। यह व्यक्ति को बुद्धि को भ्रष्ट कर देता है। सोचने समझने की शक्ति नष्ट हो जाती है। ऐसे में निर्णय क्षमता भी खतम हो जाती है। युवाओं को क्रोध को खुद पर हावी नहीं होने देने चाहिए। उसका उपयोग करते याद होना चाहिए।

3. सुस्ती : चाणक्य के अनुसार आलस्य या सुस्ती व्यक्ति की उन्नति में बाधक है। किसी भी कार्य के प्रति आलस्य दिखाने से समय तो बर्बाद होगा ही आपकी सफलता में रुकावट भी आ जाएगी। युवाओं को आलस्य का त्याग करके हर काम सक्रिय रहते हुए अनुशासन के सात करना चाहिए, ताकि आलस्य जैसा शत्रु उनकी उन्नति में बाधा न बने।

4. शराब, सिगरेट और तंबाकू : चाणक्य कहते हैं कि नशा चाहे किसी भी चीज का हो यह युवाओं के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के बर्बाद कर सकता है। नशे की लत युवाओं को गलत काम करने को मजबूर कर देती है। और वे अपने साथ अपने संबंधियों को भी मुश्किल में डाल देते हैं। चाणक्य कहते हैं कि इनसे दूर रहें।

5. बुरे लोगों की संगत : जो मित्र आपके सामने चिकनी-चुपड़ी बातें करता हो और पीठ पीछे आपके कार्य को बिगाड़ देता हो, उसे त्याग देने में ही भलाई है। चाणक्य कहते हैं कि वह मित्र उस बर्तन के समान है, जिसके ऊपर के हिस्से में दूध लगा है परंतु अंदर विष भरा हुआ होता है। चाणक्य कहते हैं कि संगत आदमी के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जहां अच्छे लोगों का साथ आपको सफलता के मार्ग पर ले जा सकता है, वहीं बुरे लोगों के बीच में बैठना आपके जीवन को कष्टों से भर सकता है। इसलिए हर व्यक्ति को अपनी संगत सोच-समझकर चुननी चाहिए।

6. लापरवाही : जोश में होश खो देने के कारण कई बार नुकसान उठाना पड़ता है। किसी भी कार्य को करने में लापरवाही नहीं बरतना चाहिए। कई बार लापरवाही जीवन में बहुत भारी पड़ जाती। जिसका खामियाजा उन्हें बाद में उठाना पड़ता है। चाणक्य के अनुसार, कोई भी काम करने से पहले किसी अनुभवी इंसान से सलाह जरूर ले लेना चाहिए और उस कार्य को सावधानीपूर्वक करना चाहिए।

7. लोभ : कहते हैं कि लालच बुरी बला। चाणक्य कहते हैं कि युवाओं को लालची या लोभी बनने से बचना चाहिए। यह आदत आपके लक्ष्य में बाधा उत्पन्न कर सकती है।

8. सज धज : श्रृंगार युवाओं को भटकाता है। साफ सुधरे बने रहना अच्छी बात है लेकिन हर समय साज-सज्जा, श्रृंगार करने वाले युवाओं का मन अध्ययन से विलग होकर अन्य कहीं भटकता रहता है। अत: युवाओं को इससे दूर रहना चाहिए।

9. आमोद प्रमोद, मनोविनोद : मनोरंजन हमारे मन को हल्का करता है, लेकिन अनावश्यक और अति मनोरंजन नुकसानदायक है। मनोरंजन उतना ही करें जितना जरूरी हो। अधिक मनोरंजन से युवा शक्ति का ह्रास होता है। दिनभर वॉट्सप, फेसबुक, इंटरनेट, फिल्म, टिवी आदि में ही रमे रहने से जरूरी कार्य और अवसर हाथ से निकल जाते हैं।

10. टाइम : चाणक्य नीति के अनुसार युवाओं को वक्त की कीमत जाननी चाहिए। जीवन में उन्हीं लोगों को लक्ष्य प्राप्त करने में सफलता प्राप्त होती है जो समय के महत्व को समझते हैं। जो समय का लाभ उठाने के लिए तैयार रहते हैं, वे ही अपने लक्ष्यों को पूरा कर पाने में सक्षम होते हैं। इसीलिए हर कार्य समय पर करें दीर्घसूत्री न बनें।
 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Ko zjutraj odpremo hladilnik, hitro opazimo, koliko hrane ostane od prejšnjega dne. Iz takšnih ostankov lahko z nekaj domišljije pripravimo okusne in hranljive obroke, zato je vredno to temo podrobneje raziskati. Večina jih jajca hrani na vratih hladilnika Buča je odlična tudi Ko se po službi vrnemo lačni, je dobra ideja nadaljevati z jedjo, ki je pripravljena hitro in brez zapletov. Sveža zelenjava, stročnice in polnovredna žita v preprostih receptih poskrbijo za okus, sitost in dovolj energije.