
15 जून को दोपहर 12 बजकर 58 मिनट पर सूर्य देव मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। वैदिक ज्योतिष में सूर्य आत्मबल, पिता, शासन, प्रतिष्ठा, नेतृत्व, स्वास्थ्य और आत्मविश्वास के कारक ग्रह माने जाते हैं। मिथुन राशि बुध की राशि है, जो बुद्धि, संवाद, लेखन, व्यापार, शिक्षा, संचार, तकनीक और कौशल का प्रतिनिधित्व करती है। अतः यह गोचर समस्त राशियों के लिए विचारों, संचार, व्यापारिक गतिविधियों तथा सामाजिक संबंधों में महत्वपूर्ण परिवर्तन लेकर आएगा।
सूर्य का मिथुन राशि में गोचर : 12 राशियों पर प्रभाव –
मेष राशि : इस राशि के जातकों के लिए सूर्य तृतीय भाव में गोचर करेंगे। यह भाव साहस, पराक्रम, छोटे भाई-बहन, संचार और लघु यात्राओं का है।
– आत्मविश्वास और साहस में वृद्धि होगी।
– नए कार्यों को प्रारम्भ करने का उत्साह मिलेगा।
– भाई-बहनों से संबंध सामान्यतः अच्छे रहेंगे।
– नौकरी में अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने में सफलता मिलेगी।
– छोटी यात्राओं के योग बन सकते हैं।
सावधानी : क्रोध और अहंकार पर नियंत्रण रखें।
वृषभ राशि : इस राशि के लिए सूर्य द्वितीय भाव में गोचर करेंगे।
– धन और परिवार संबंधी विषय प्रमुख रहेंगे।
– वाणी में प्रभाव बढ़ेगा।
– सरकारी क्षेत्र से लाभ संभव है।
– आर्थिक स्थिति में सुधार के अवसर मिलेंगे।
सावधानी : कटु वाणी से पारिवारिक मतभेद उत्पन्न हो सकते हैं।
मिथुन राशि : सूर्य आपकी राशि अर्थात लग्न भाव में गोचर करेंगे।
– व्यक्तित्व में तेज और आकर्षण बढ़ेगा।
– आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।
– नेतृत्व क्षमता विकसित होगी।
– सामाजिक सम्मान में वृद्धि के योग बनेंगे।
सावधानी : अत्यधिक अहंकार और अधीरता से बचें।
कर्क राशि : इस राशि के लिए सूर्य द्वादश भाव में गोचर करेंगे।
– विदेश संबंधी कार्यों में प्रगति संभव है।
– आध्यात्मिक रुचि बढ़ सकती है।
– एकांत में कार्य करने से लाभ मिलेगा।
– शोध और गूढ़ विषयों में रुचि बढ़ेगी।
सावधानी : अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखें।
सिंह राशि : इस राशि के स्वामी स्वयं सूर्य हैं और यह गोचर आपके लिए लाभ भाव में होगा।
– आय में वृद्धि के अवसर मिलेंगे।
– मित्रों और प्रभावशाली लोगों से सहयोग मिलेगा।
– रुके हुए कार्यों में गति आएगी।
– व्यापार में नए अनुबंध प्राप्त हो सकते हैं।
सावधानी : अत्यधिक महत्वाकांक्षा से बचें।
कन्या राशि : इस राशि के लिए सूर्य दशम भाव में गोचर करेंगे।
– करियर में उन्नति के अवसर प्राप्त होंगे।
– प्रशासनिक एवं सरकारी कार्यों में सफलता मिल सकती है।
– पद एवं प्रतिष्ठा में वृद्धि संभव है।
– वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा।
सावधानी : कार्यस्थल पर अहंकारपूर्ण व्यवहार से बचें।
तुला राशि : इस राशि के लिए सूर्य नवम भाव में गोचर करेंगे।
– भाग्य का सहयोग बढ़ेगा।
– धर्म एवं आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी।
– उच्च शिक्षा और शोध कार्यों में सफलता मिलेगी।
– गुरुजनों का आशीर्वाद प्राप्त होगा।
सावधानी : पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
वृश्चिक राशि : इस राशि के लिए सूर्य अष्टम भाव में गोचर करेंगे।
– शोध, गूढ़ विद्याओं और रहस्यात्मक विषयों में रुचि बढ़ेगी।
– अचानक धन लाभ या परिवर्तन संभव है।
– बीमा, कर तथा उत्तराधिकार संबंधी मामलों में लाभ मिल सकता है।
सावधानी : स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न करें।
धनु राशि : इस राशि के लिए सूर्य सप्तम भाव में गोचर करेंगे।
– साझेदारी के कार्यों में सक्रियता बढ़ेगी।
– दाम्पत्य जीवन में संवाद महत्वपूर्ण रहेगा।
– व्यापारिक साझेदारी से लाभ मिल सकता है।
– सार्वजनिक जीवन में प्रतिष्ठा बढ़ेगी।
सावधानी : जीवनसाथी के साथ अहंकारपूर्ण व्यवहार न करें।
मकर राशि : इस राशि के लिए सूर्य षष्ठ भाव में गोचर करेंगे।
– शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी।
– प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के योग हैं।
– कार्यक्षेत्र में संघर्ष के बाद सफलता मिलेगी।
– स्वास्थ्य सुधार के प्रयास सफल होंगे।
सावधानी : कार्यभार अधिक रहने से थकान हो सकती है।
कुंभ राशि : इस राशि के लिए सूर्य पंचम भाव में गोचर करेंगे।
– शिक्षा और बुद्धि संबंधी कार्यों में सफलता मिलेगी।
– संतान पक्ष से शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है।
– रचनात्मक कार्यों में प्रतिष्ठा बढ़ेगी।
– निवेश संबंधी मामलों में लाभ के अवसर बनेंगे।
सावधानी : प्रेम संबंधों में अहंकार न आने दें।
मीन राशि : इस राशि के लिए सूर्य चतुर्थ भाव में गोचर करेंगे।
– भूमि, भवन और वाहन संबंधी कार्यों में प्रगति होगी।
– पारिवारिक मामलों में सक्रियता बढ़ेगी।
– माता का सहयोग प्राप्त होगा।
– घरेलू सुख-सुविधाओं में वृद्धि हो सकती है।
सावधानी : घर-परिवार में अनावश्यक विवादों से बचें।
ये रहेगा असर –
मिथुन राशि में सूर्य का यह गोचर बुद्धि, संवाद, व्यापार, शिक्षा और सामाजिक संपर्कों को विशेष रूप से प्रभावित करेगा। जिन जातकों की कुंडली में बुध और सूर्य शुभ स्थिति में हैं, उन्हें इस गोचर से विशेष लाभ प्राप्त हो सकता है। वहीं अहंकार, वाणी की कठोरता और अधीरता से बचकर चलना सभी राशियों के लिए हितकारी रहेगा।
सामान्य उपाय –
– प्रतिदिन प्रातः सूर्य को अर्घ्य दें।
– आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
– “ॐ घृणि सूर्याय नमः” मंत्र का 108 बार जप करें।
– पिता एवं गुरुजनों का सम्मान करें।
– रविवार को गेहूं एवं गुड़ का दान करें।
सूर्य देव की कृपा से सभी जातकों को स्वास्थ्य, यश और आत्मबल की प्राप्ति हो।