सीहोर

अब फल एवं सब्जी उत्पादक जिले से भी पहचाना जाएगा सीहोर

सीहोर के कृषि महाविद्यालय में होगी फलों एवं सब्जियों के प्र-संस्करण के लिए इन्क्यूबेशन सेंटर की स्थापना

सीहोर. जिले की पहचान आने वाले समय में फल एवं सब्जी उत्पादक जिले के तौर पर भी होगी। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है, क्योंकि जल्द Ñही फल एवं सब्जियों के प्र-संस्करण के लिए सीहोर के कृषि महाविद्यालय में इन्क्यूबेशन सेंटर की स्थापना की जा रही है। इससे जहां फल एवं सब्जियों को लेकर जिलेभर में कार्य होगा, वहीं युवाओं के लिए भी स्वरोजगार के और ज्यादा अवसर निर्मित होंगे।
सीहोर जिले की पहचान यूं तो कृषि उत्पादक जिले के तौर पर होती है। सीहोर जिले का सरबती गेहूं विदेशों तक में भी जाता है, लेकिन अब जिले को फल एवं सब्जी उत्पादक जिले के तौर पर भी पहचान मिले, इसके लिए नई पहल की जा रही है। इसके तहत सीहोर के कृषि महाविद्यालय में अमरूद, फलों तथा सब्जियों के प्र-संस्करण के लिए इन्क्यूबेशन सेंटर की स्थापना की जा रही है। सेंटर में खाद्य प्र-संस्करण प्रयोगशाला सहित जूस, पल्प, जैम, जैली, वेजिटेबल डिहाइड्रेशन लाइन एवं प्याज प्र-संस्करण लाइन की स्थापना होगी। दरअसल केंद्र सरकार द्वारा प्रदेश में तीन सीहोर, मुरैना और ग्वालियर में इन्क्यूवेशन सेंटर्स की स्थापना के लिए 9 करोड़ 87 लाख 85 हजार रूपए स्वीकृत किए हैं। इसी के तहत सीहोर के कृषि महाविद्यालय में भी सेंटर बनाया जाएगा।
युवाओं के लिए रहेंगे कई अवसर-
इन्क्यूबेशन सेंटर बनने के बाद युवाओं के पास स्वरोजगार के कई अवसर मौजूद रहेंगे। दरअसल इन्क्यूबेशन सेंटर किसी भी स्टार्टअप्स के लिए संजीवनी की तरह होते हैं। इन सेंटरों के माध्यम से व्यापारिक, तकनीकी सहित अन्य तरह की सुविधाएं संबंधित लोगों को मिल जाती है। इन्क्यूबेशन सेंटर बनने से जहां कृषि महाविद्यालय सीहोर में फल एवं सब्जियों से संबंधित नई-नई तकनीकों की जानकारी युवाओं को मिलेगी तो वे वहीं भविष्य में अपनी खुद की प्रोसेसिंग यूनिट लगा सकते हैं और दूसरे अन्य लोगों को भी रोजगार उपलब्ध करा सकते हैं।

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