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एक हाईफन से लुट गए करोड़ों रुपये, कानपुर में फर्जी कमोडिटी एक्सचेंज का खुलासा

 कानपुर
 
फर्जी कमोडिटी एक्सचेंज साइट बनाकर एक हाईफन के जरिये लोगों से करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह का क्राइम ब्रांच ने फंडाफोड़ किया है। क्राइम ब्रांच ने 4 आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। गिरोह के मास्टरमाइंड की तलाश में टीम को लगाया गया है। घटना का खुलासा यहां कोतवाली में दर्ज एफआईआर के बाद हुआ। 12 जून को एम्पोरियम स्टेट सिविल लाइंस के कारोबारी फैज उर रहमान ने कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। उन्होंने 30 अप्रैल से शेयर ट्रेडिंग का काम शुरू किया था। इसके लिए डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू. आईडेक्स-ऑनलाइन.कॉम में पैसा निवेश करना शुरू किया। शुरुआत में वेबसाइट ने अच्छा पैसा रिटर्न किया। इससे मन में विश्वास आ गया और उन्होंने एक साथ 11 लाख निवेश किए लेकिन 11 लाख लगाने के बाद वेबसाइट 30 मई को क्रैश हो गई। एफआईआर दर्ज के बाद मामला क्राइम ब्रांच को भेजा गया।

एक हाईफन से लुट गए करोड़ों रुपये

लैदर कारोबारी फैज उर रहमान ने बताया कि आईडैक्सऑनलाइन.कॉम के नाम से कंपनी काम करती है।फ्रॉड करने वालों ने आईडैक्स ऑनलाइन.कॉम के नाम से वेबसाइट बना गुमराह किया। फैज उर के रहमान के मुताबिक सिर्फ एक हाईफन से लोग ठगी का शिकार हो गए।

चार को आगरा से किया गिरफ्तार

क्राइम ब्रांच ने इस मामले में जांच करते हुए आगरा से चार आरोपितों को गिरफ्तार किया। इसमें विकास सिंह और विक्रम सिंह सगे भाई हैं। क्राइम ब्रांच ने विक्रम सिंह के अलावा विकास सिंह, नितिन सोनी और राहुल नागर को गिरफ्तार किया है। विक्रम का भाई विकास फरार है। जांच में पता चला नितिन सोनी के पिता पवन सोनी सर्राफा कारोबारी हैं। उनकी आगरा में ज्वैलर्स की दुकान है। बाकी आरोपित छोटी मोटी प्राइवेट नौकरी करते हैं।

 

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