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मजहर यार खान भाईसाहब को किया सुपुर्द-ए-खाक

रेहटी। नगर की कोलार कॉलोनी स्थित दरबारे हुसैन वाले मजहर यार खान भाईसाहब का बुधवार को दुखद इंतकाल हो गया। वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। परिजन उनका इलाज भी करा रहे थे। उनके इंतकाल की खबर जैसे ही नगर सहित आसपास के क्षेत्र में पहुंची तो हर तरफ दुख की लहर दौड़ गई। इसके बाद गुरूवार को उनका जनाजा निकाला गया। इससे पहले उनके अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग उनके कोलार कॉलोनी स्थित निवास पर पहुंचे। इसके बाद उनका जनाजा घर से गांधी चौक स्थित मस्जिद में पहुंचा। यहां पर मुस्लिम संप्रदाय के लोगों द्वारा नमाज अदा की गई। यहां से जनाजा नगर के कब्रिस्तान में ले जाया गया एवं यहां पर उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान उनके बेटे, परिजन सहित नगर व आसपास के क्षेत्र के भी हिन्दू, मुस्लिम संप्रदाय के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। यहां बता दें कि दरबारे हुसैन वाले मजहर यार खान भाईसाहब वर्ष 1980 से समाज सेवा में जुटे हुए थे। उनके दरबार में आने वाले हर व्यक्ति को यहां से लाभ मिलता था। लोग दूर-दूर से दरबार में हाजिरी लगाने आते थे। इस दौरान बाहरी बाधाएं, बीमारी, घर की परेशानियां सहित कई अन्य परेशानियां लेकर लोग उनके दरबार में पहुंचते थे और यहां से वे ठीक होकर अपने घर जाते थे। वे ये सभी काम समाजसेवा के नाते करते थे। किसी से भी कोई शुल्क नहीं लिया जाता था। वे अपनी इस समाजसेवा में अंतिम समय तक जुटे रहे। उनके दरबार से लाखों लोगों को फायदा हुआ। मजहर यार खान भाईसाहब के इंतकाल से नगर सहित आसपास के क्षेत्र के लोगों ने एक सच्चे समाजसेवी को खो दिया है।

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