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सीहोर नेशनल लोक अदालत में न्याय का कीर्तिमान, 5113 प्रकरणों का निपटारा, 12.80 करोड़ की राशि जमा

सीहोर। जिला न्यायालय परिसर सहित जिले की सभी तहसील खंडपीठों में शनिवार को वर्ष की पहली नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष प्रकाश चंद्र आर्य ने दीप प्रज्वलित कर इसका शुभारंभ किया। इस बार लोक अदालत ने लंबित प्रकरणों के निराकरण में सफलता का नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
शुभारंभ अवसर पर प्रधान जिला न्यायाधीश श्री आर्य ने कहा कि लोक अदालत पक्षकारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां दोनों पक्षों की जीत होती है और आपसी कड़वाहट हमेशा के लिए समाप्त हो जाती है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती स्वप्नश्री सिंह ने आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत की। इस दौरान न्यायाधीशों ने विभिन्न विभागों के स्टॉल का निरीक्षण कर आमजन की समस्याएं भी सुनीं।
आंकड़ों में सफलता की गूंज
लोक अदालत में इस बार पहली बार राजीनामा योग्य ट्रैफिक चालानों को भी शामिल किया गया। कुल मिलाकर समाधान की एक बड़ी तस्वीर सामने आई…
कुल निराकृत प्रकरण: 5113
कुल समझौता राशि: 12,80,53,337 (12 करोड़ 80 लाख से अधिक)
लंबित प्रकरण: 1458 मामलों में 8.59 करोड़ रुपये का समझौता हुआ।
प्रिलिटिगेशन प्रकरण: 3655 मामलों में 4.20 करोड़ रुपये जमा हुए।

जब फिर से एक हुए परिवार
लोक अदालत में सबसे सुखद तस्वीर पारिवारिक विवादों के निराकरण में दिखी। कली प्रजापति और उनके पति महेंद्र, जो लंबे समय से अलग रह रहे थे, प्रधान जिला न्यायाधीश और न्यायाधीश वैभव मंडलोई की समझाइश के बाद साथ रहने को तैयार हो गए। प्रधान जिला न्यायाधीश ने इस जोड़े को फूल माला पहनाई और स्मृति स्वरूप पौधा भेंट कर विदा किया। दंपत्ति खुशी खुशी अपने घर लौटे।
दुर्घटना क्लेम में 25 लाख का अवार्ड
प्रधान जिला न्यायाधीश की कोर्ट में एक बड़ा मोटर दुर्घटना क्लेम प्रकरण भी सुलझाया गया। आवेदिका अरुणा के पति की मृत्यु के मामले में दोनों पक्षों के बीच सुलह कराई गई, जिसके बाद 25 लाख रुपये की अवार्ड राशि पारित की गई।
युवा अधिवक्ताओं को प्रोत्साहन
कार्यक्रम में सामाजिक सरोकार भी नजर आए। युवा पंजीकृत अधिवक्ताओं को प्रोत्साहित करने के लिए 10 वकीलों को एनजीओ के माध्यम से कोट वितरित किए गए। साथ ही लीगल एड डिफेंस काउंसिल को बेजेस प्रदान किए गए।
ये रहे उपस्थित
इस अवसर पर कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश वैभव मण्डलोई, विशेष न्यायाधीश हेमंत जोशी, पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला, जिला न्यायाधीश स्मृतासिंह ठाकुर, एमके वर्मा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विनीता गुप्ता, न्यायाधीश दीपेन्द्र मालू, अधिवक्ता संघ अध्यक्ष अनिल पारे सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता, सामाजिक कार्यकर्ता और विधि विद्यार्थी उपस्थित थे।

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