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अफसरशाही से तंग आसाराम यादव ने दिया जिला विकास समिति पद से इस्तीफा

- कलेक्टर को सौंपा त्याग पत्र, प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर को भी भेजी प्रति

सीहोर। अफसरशाही किस तरह हॉवी है उसका एक और उदाहरण जिले में सामने आया है। अफसरशाही के रवैये और काम नहीं करने की प्रवृति से तंग आकर अब भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं जिला विकास समिति सदस्य आसाराम यादव ने भी अपने पद से त्याग पत्र दे दिया है। कलेक्टर के नाम दिए गए त्याग पत्र की कॉपी प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर को भी भेजी गई है। इस्तीफा का प्रमुख कारण अफसरों की मनमानी और लगाकार अनदेखी खासकर बुधनी विधानसभा में कार्यकर्ताओं के काम नहीं करने को बताया जा रहा है। आसाराम यादव भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं। वे मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग

आयोग के पूर्व सदस्य (राज्यमंत्री) दर्जा प्राप्त हैं तो वहीं कृषि उपज मंडी समिति रेहटी के अध्यक्ष भी रहे हैं। वे जिला पंचायत सीहोर के सदस्य भी निर्वाचित हुए थे। इसके अलावा उन्हें संगठन में काम करने का भी लंबा अनुभव है। उन्हें प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में गठित जिला विकास समिति में बतौर सदस्य मनोनीत किया गया था, लेकिन अब उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। जिला विकास समिति में सदस्य का पद बेहद अहम होता है। प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में इसका गठन होता है। सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, जनपद पंचायत अध्यक्ष सहित अन्य जनप्रतिनिधि इसके सदस्य होते हैं। कलेक्टर जिला विकास समिति में सचिव हैं।
अफसरशाही को लेकर लगातार मुखर हैं जनप्रतिनिधि-
सीहोर जिले में अफसरशाही को लेकर जनप्रतिनिधि लगातार मुखर हैं। इससे पहले जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के सामने भी बुधनी विधायक रमाकांत भार्गव, सीहोर विधायक सुदेश राय और आष्टा विधायक इंजीनियर गोपाल सिंह भी जिले के अधिकारियों को लेकर अपना गुस्सा दिखा चुके हैं। दिशा की बैठक में विधायकों ने मुखरता के साथ कहा था कि अधिकारी उनके फोन नहीं उठाते हैं, काम नहीं करते हैं। इसके बाद पिछले दिनों प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर की अध्यक्षता में हुई बैठक में भी विधायकों ने अफसरशाही को लेकर मुद्दा उठाया था। उसमें भी अधिकारियों की मनमानी को लेकर विधायकों ने प्रभारी मंत्री से शिकायत की थी।
बुधनी विधानसभा की लगातार अनदेखी-
सीहोर जिले के बुधनी विधानसभा की लगातार अनदेखी की जा रही है। बुधनी विधायक रमाकांत भार्गव भी इसकी शिकायत कई बार कर चुके हैं तो वहीं अब वरिष्ठ भाजपा नेता आसाराम यादव ने भी अफसरशाही से तंग आकर अपना इस्तीफा सौंप दिया है। इधर केंद्रीय कृषि मंत्री के मित्र एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता गुरूप्रसाद शर्मा भी उपेक्षित हैं। उन्होंने भाजपा के कार्यक्रमों में भी जाना बंद कर दिया है। एक समय था जब बुधनी विधानसभा के लिए अधिकारी एक पैर पर खड़े रहते थे। कलेक्टर से लेकर सभी अधिकारियों की प्राथमिकता में बुधनी विधानसभा पहले नंबर पर रहता था, लेकिन अब सबसे ज्यादा खराब स्थिति सीहोर जिले के बुधनी विधानसभा क्षेत्र की है।

इनका कहना है-
मैं अपने पद के साथ में न्याय नहीं कर पा रहा था, इसलिए पद से इस्तीफा सौंपा है।
आसाराम यादव, सदस्य, जिला विकास समिति, सीहोर

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