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सीहोर में घटे ‘मौत के पॉइंट’

सीहोर। जिले में सडक़ दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने और यातायात व्यवस्था को सुरक्षित व सुगम बनाने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग द्वारा उठाए जा रहे कदम अब रंग लाने लगे हैं। जिला सडक़ सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठक में यह सुखद और राहत भरी जानकारी सामने आई है कि प्रशासन के लगातार सुधारात्मक प्रयासों से जिले में मौत के पॉइंट यानी ब्लैक स्पॉट की संख्या 9 से घटकर अब 7 हो गई है।
कलेक्टर बालागुरू के. की अध्यक्षता और पुलिस अधीक्षक सोनाक्षी सक्सेना की विशेष मौजूदगी में आयोजित इस बैठक में साफ किया गया कि दुर्घटना संभावित इन क्षेत्रों को पूरी तरह सुरक्षित बनाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बचे हुए 7 ब्लैक स्पॉट्स पर भी तुरंत होंगे सुरक्षा उपाय
कलेक्टर ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन 7 जगहों को अभी भी ब्लैक स्पॉट के रूप में चिन्हित किया गया है, वहां सुधारात्मक कार्रवाई लगातार जारी रखी जाए। इन दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में आवश्यक संकेतक, गति अवरोधक और अन्य जरूरी सुरक्षा उपाय तुरंत सुनिश्चित किए जाएं। इसके साथ हीए जिले में हर महीने होने वाले सडक़ हादसों का बारीकी से वैज्ञानिक विश्लेषण कर उसकी रिपोर्ट नियमित रूप से समिति के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
नियम तोडऩे वाले 40 वाहन चालकों के लाइसेंस निलंबित
यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। बैठक में बताया गया कि लापरवाही से वाहन चलाने और नियमों का मखौल उड़ाने वाले 40 वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस पिछले एक महीने के भीतर निलंबित किए जा चुके हैं। कलेक्टर ने सख्त लहजे में निर्देश दिए कि हाईवे पर वाहनों की तेज रफ्तार को नियंत्रित करने के लिए टोल नाकों के पास स्पीड रडार गन तैनात की जाए। इसके जरिए तय सीमा से अधिक गति से वाहन दौड़ाने वालों को चिन्हित कर उन पर भारी जुर्माना लगाया जाए और बार-बार गलती दोहराने पर सीधे लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाए।
राहगीरों को मिलेगी प्रोत्साहन राशि
सडक़ हादसों में होने वाली मौतों के आंकड़ों को कम करने के लिए प्रशासन ने हादसे के ठीक बाद का कीमती समय में घायलों को तुरंत इलाज मुहैया कराने पर जोर दिया है। इसके लिए प्रधानमंत्री राहत योजना और राहवीर योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। कलेक्टर ने कहा कि जो भी नागरिक किसी सडक़ दुर्घटना में घायल व्यक्ति को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाएगा, उसे प्रशासन की तरफ से प्रोत्साहन राशि और सम्मान दिया जाएगा, ताकि आम जनता घायलों की मदद के लिए बिना किसी डर के आगे आ सके। इसके साथ ही शहर में यातायात को बाधित करने वाले अवैध अतिक्रमणों को भी जल्द हटाने के निर्देश जारी किए गए हैं।
स्कूल-कॉलेजों में चलेंगे अभियान
प्रशासन का मानना है कि केवल चालानी कार्रवाई या जुर्माना लगाने से हादसे नहीं रुकेंगे, बल्कि इसके लिए आमजन में जागरूकता बेहद जरूरी है। इसके लिए परिवहन और पुलिस विभाग को संयुक्त रूप से स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर सडक़ सुरक्षा संबंधी विशेष जागरूकता कार्यक्रम और कार्यशालाएं आयोजित करने की जिम्मेदारी दी गई है। इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला वन मंडल अधिकारी अर्चना पटेल, पीडब्ल्यूडी के बीएल अहिरवार, आरटीओ रीतेश तिवारी, एमपीआरडीसी के एसडीओ संजीव जैन और यातायात प्रभारी बृजमोहन धाकड़ सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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