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‘अपनापन’ के विमोचन में छाया लाडक़ुई गांव…

सीहोर। केंद्रीय मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा लिखित पुस्तक अपनापन नरेंद्र मोदी संग मेरे अनुभव का नई दिल्ली में भव्य विमोचन किया गया। यह कार्यक्रम केवल एक किताब के लोकार्पण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीति के परदे के पीछे छिपे आत्मीय रिश्तों की एक ऐसी भावभूमि बन गया जहां पुरानी यादें जीवंत हो उठीं। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सीहोर जिले के लाडक़ुई गांव से जुड़ा एक ऐसा अनकहा और भावुक प्रसंग साझा किया, जिसे सुनकर वहां मौजूद हर शख्स हैरान रह गया।
लाडक़ूई गांव का वो बयान, जब विरोधियों ने कहा मामा का श्राद्ध हो गया
जिले के बुधनी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लाडक़ुई गांव का जिक्र करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने साल 2023 के विधानसभा चुनाव के समय का एक बेहद निजी संस्मरण साझा किया।
शिवराज सिंह ने बताया 2023 के चुनाव से ठीक पहले मैं सीहोर के लाडक़ुई गांव गया था। वहां सरकार ने बहुत काम किए थे। जब लोगों ने कुछ और कामों की बात की तो मेरे मुंह से सहज ही निकल गया कि जब हम चले जाएंगे, तो याद बहुत आएंगे। अब अखबारों ने इसे अपने-अपने ढंग से छाप दिया। कांग्रेस ने तो यहां तक कह दिया कि मामा का तो अब श्राद्ध हो गया। हर तरफ कई तरह की बातें चल रही थीं।
जब आया प्रधानमंत्री का फोन
शिवराज सिंह ने आगे बताया कि उस तनावपूर्ण माहौल के बीच अचानक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उन्हें फोन आया। शिवराज ने कहा पीएम मोदी के वे शब्द मैं जिंदगी में कभी नहीं भूल सकता। उन्होंने मुझसे कहा शिवराज, आज मैं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री से बात नहीं कर रहा हूं, आज मैं चुनाव की बात भी नहीं कर रहा हूं… आज मैं अपने शिवराज से बात कर रहा हूं।
प्रधानमंत्री ने उन्हें ढांढस बंधाते हुए सलाह दी कि वे दो-तीन दिन के लिए एकांत में जाएं, शांति से बैठें, गुरु के पास जाएं और मन को स्थिर व शांत करके वापस लौटें और काम में जुट जाएं। शिवराज ने बताया कि पीएम की सलाह पर वे सचमुच गंगा किनारे पहुंच गए। वहां बैठकर उन्होंने नई योजना बनाई और लौटकर भोपाल की सभा में एलान किया कि मैं फीनिक्स पक्षी हूं, राख के ढेर से भी फिर उठकर खड़ा हो जाता हूं। इसके बाद कार्यकर्ताओं की मेहनत से भाजपा ने 2023 के चुनाव में ऐतिहासिक सफलता हासिल की।
‘मोदी’ यानी मेकिंग ऑफ डेवलप्ड इंडिया
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने पुस्तक के शीर्षक अपनापन की सराहना करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक किताब नहीं, बल्कि राष्ट्रीय दायित्व का भाव है। उन्होंने मोदी नाम की नई परिभाषा देते हुए कहा कि मोदी यानी मेकिंग ऑफ डेवलप्ड इंडिया विकसित भारत का निर्माण। उन्होंने पद्म पुरस्कारों में आए बदलाव की तारीफ करते हुए कहा कि पीएम मोदी ने जमीन से जुड़े अनाम नायकों और किसानों को सम्मान देकर देश का गौरव बढ़ाया है।
शिवराज जी राजनीति के सच्चे मामा
पूर्व उपराष्ट्रपति ने शिवराज सिंह चौहान की तारीफ करते हुए एक पुराना किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि जब सालों पहले शीर्ष नेतृत्व मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम पर विचार कर रहा था, तब उन्होंने ही अटल जी और आडवाणी जी को शिवराज जी का नाम सुझाया था। शिवराज जी ने अपनी सादगी और लाड़ली लक्ष्मी जैसी योजनाओं से जनता के बीच जो गहरा भरोसा कमाया हैए वही कारण है कि जनता उन्हें आदर से मामा कहती है।
किसानों और गांवों की संवेदना है यह पुस्तक
पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा ने कहा कि भारत की आत्मा गांवों और खेतों में बसती है। यह पुस्तक केवल यादों का संग्रह नहीं हैए बल्कि ग्रामीण भारत और किसानों के प्रति प्रधानमंत्री मोदी की गहरी संवेदना और करुणा की अभिव्यक्ति है।
रीवा का वो भावुक प्रसंग
शिवराज सिंह ने अपने मुख्यमंत्री काल का एक और वाकया सुनाया। जब पीएम मोदी रीवा के एक कार्यक्रम में आने वाले थे, तब उन्होंने फोन पर सुझाव दिया था कि मंच पर एक बेटी को धरती मां के रूप में पेश किया जाए जो नाटक के जरिए कहे, मुझे मत मारो, मुझ पर केमिकल और कीटनाशक मत डालो। रीवा के कार्यक्रम में जब यह धरती कहे पुकार के नृत्य नाटिका प्रस्तुत की गई तो प्रधानमंत्री मिट्टी और पर्यावरण के सम्मान में पूरे समय गंभीरता से खड़े रहे।
नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत
प्रभात प्रकाशन के निदेशक प्रभात कुमार ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में मौजूद प्रबुद्धजनों ने कहा कि राजनीति और सार्वजनिक जीवन में आने वाले युवाओं को यह पुस्तक जरूर पढऩी चाहिए, क्योंकि इसमें राष्ट्र-निर्माण, सेवा और शुचिता के कई अनमोल सूत्र छिपे हैं। इस गरिमामयी कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, सांसद, विधायक और बड़ी संख्या में लखपति दीदियां व सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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