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जिला अस्पताल में दो घंटे तक गुल रही बिजली, भीषण गर्मी में सांसत में आई मरीजों की जान

सीहोर। जिला अस्पताल की चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और अघोषित बिजली कटौती को लेकर शनिवार को जमकर हंगामा हुआ। दो घंटे तक बत्ती गुल रहने के कारण जब मरीज और नवजात बच्चे गर्मी से तड़पने लगे तो परिजनों ने कांग्रेस नेताओं को गुहार लगाई। मौके पर पहुंचे जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती ने जब अस्पताल की बदहाली देखी तो वे भडक़ गए। सिविल सर्जन द्वारा व्यवस्थाएं ठीक होने का दावा करने पर गुजराती ने अस्पताल की भव्य कैंटीन और पार्किंग वसूली को लेकर ऐसा तीखा तंज कसा, जो अब पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गया है।
अस्पताल के वार्डों में पसरी अव्यवस्था और सिविल सर्जन डॉ. उमेश श्रीवास्तव के दावों पर तंज कसते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजीव गुजराती ने कहा सिविल सर्जन जी, आपके अस्पताल में इलाज के नाम पर भले ही मरीजों के लिए एक कूलर तक न हो, लेकिन यहां दो व्यवस्थाएं वाकई बहुत चकाचक हैं। पहली यहां की आलीशान और विशाल कैंटीन, इतनी बड़ी और आलीशान कैंटीन तो राजधानी भोपाल के प्रसिद्ध हमीदिया अस्पताल में भी देखने को नहीं मिलती। क्या इस आलीशान कैंटीन का किराया समय पर सरकारी खजाने में जमा हो रहा है या नहीं और दूसरी अच्छी व्यवस्था है यहां की वसूली। कोई गरीब अपने गंभीर मरीज को लेकर तड़पते हुए आता है तो इलाज से पहले गेट पर उससे पार्किंग का शुल्क वसूला जाता है।
2 घंटे गुल रही बत्ती, वेंटिलेटर पर मासूमों की सांसें
बता दें शनिवार को जिला अस्पताल में लगातार दो घंटे तक बिजली गायब रही। भीषण उमस और गर्मी के कारण वार्डों के भीतर मरीजों का दम घुटने लगाए जिससे परेशान होकर वे बाहर बरामदे में आ बैठे। मरीजों ने बताया कि यहां दिन में तीन-तीन बार लाइट जाना आम बात हो गई है। राजीव गुजराती ने अस्पताल परिसर का मुआयना करने के बाद बताया कि एसएनसीयू वार्ड में कई नवजात बच्चे भर्ती हैं, जो पूरी तरह से ऑक्सीजन सपोर्ट और कंसंट्रेटर के भरोसे हैं। ऐसे में दो घंटे बिजली गुल रहना और बैकअप जनरेटर का बार-बार गर्म होकर बंद हो जाना बेहद गंभीर लापरवाही है। हैरान करने वाली बात यह रही कि इस संकट के दौरान कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं था।
सुधर जाओ, वरना गेट पर बैठूंगा
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने अस्पताल प्रबंधन, विद्युत मंडल और जिला प्रशासन को कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि अस्पताल जीवन और मृत्यु के संघर्ष की जगह है, इसे कमाई और लापरवाही का अड्डा न बनाया जाए। उन्होंने सिविल सर्जन से दो टूक कहा अस्पताल की बिजली और सफाई व्यवस्थाओं में तुरंत सुधार लाइए, वरना मैं खुद अस्पताल के मुख्य गेट पर धरने पर बैठ जाऊंगा और जब तक व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं होंगी, वहां से उठूंगा भी नहीं। आज यह सिर्फ चेतावनी है, यदि सीहोर में मरीजों की जान के साथ ऐसा खिलवाड़ बंद नहीं हुआ तो कांग्रेस सडक़ों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगी।

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