आंधी तूफान का कहर, आकाशीय बिजली गिरी, लाखों का सामान स्वाह
पीडि़त किसान परिवार का भूसा, पाइपए बर्तन और पेटी जलकर खाक, कई घरों के चद्दर-कबेलू उड़े, पेड़ धराशायी

सीहोर। जिला मुख्यालय सहित रेहटी तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले तीन दिनों से मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदला हुआ है। रविवार को लगातार तीसरे दिन भी दोपहर की भीषण तपन और उमस के बाद शाम ढलते ही तेज हवा-आंधी के साथ जोरदार बारिश शुरू हो गई। इस हवा आंधी ने जहां एक ओर लोगों को गर्मी से राहत दी, वहीं दूसरी ओर रेहटी तहसील के ग्राम सोयत में तबाही मचाई है। यहां आकाशीय बिजली गिरने से एक किसान परिवार के घर में भीषण आग लग गई, जिससे उनका लाखों रुपए का गृहस्थी का सामान जलकर खाक हो गया।

जानकारी के अनुसार शनिवार शाम को रेहटी तहसील के ग्राम सोयत में आंधी-तूफान के बीच अचानक आसमान से कडक़ड़ाती हुई बिजली गिरी। यह आकाशीय बिजली ग्राम निवासी गंगाराम पंवार और अनिल पंवार पिता जगदीश पंवार के घर पर आकर गिरी। बिजली गिरते ही घर में चंद मिनटों के भीतर भीषण आग भडक़ उठी। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि जब तक ग्रामीण कुछ समझ पाते और आग पर काबू पाते, तब तक घर के भीतर और परिसर में रखा सामान स्वाह हो गया। इस आगजनी में किसान परिवार की 10 से 12 ट्रॉली भूसा (मवेशियों का चारा), सिंचाई के पाइप, लोहे की पेटी, कपड़े, बर्तन और अनाज पूरी तरह जल गए। पीडि़त परिवार के अनुसार इस आगजनी में उन्हें लगभग 3 लाख रुपए से अधिक का भारी नुकसान हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ग्राम सोयत में बिजली गिरने से हुए नुकसान का तत्काल सर्वे कराकर पीडि़त परिवार को मुआवजा दिया जाए।
कई घरों के कबेलू और चद्दर उड़े, पेड़ गिरे
शाम को आए इस भीषण तूफान का असर ग्राम सोयत सहित आसपास के कई गांवों में देखने को मिला। तेज हवाओं के कारण कई गरीब परिवारों के घरों पर रखी टीन की चद्दरें और मिट्टी के कबेलू हवा में उड़ गए, जिससे लोग बेघर हो गए। रास्ते में कई स्थानों पर पेड़ उखडक़र गिर गए।
तीन दिनों से बना ऐसा ही मौसम
जिला मुख्यालय और रेहटी क्षेत्र सहित आसपास के क्षेत्रों में बीते तीन दिनों से मौसम का एक जैसा मिजाज बना है। शुक्रवार, शनिवार और रविवार तीनों ही दिन सुबह से दोपहर तक सूरज के तीखे तेवरों और भीषण उमस के कारण लोगों का हाल बेहाल रहा। दोपहर के समय सूरज की तेज तपिश के कारण अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया जा रहा है, जिससे सडक़ों पर सन्नाटा पसर जाता है। लेकिन जैसे ही शाम के 5 बजते हैं, मौसम अचानक करवट ले लेता है। आसमान में घने काले बादलों का डेरा जमा हो जाता है और लगभग 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी आंधी चलने लगती है, जिसके बाद झमाझम बारिश होने लगती है।
कम दबाव का क्षेत्र बनने से बदला मौसम
मौसम वैज्ञानिक एसएस तौमर के अनुसार पिछले कुछ दिनों से जारी अत्यधिक गर्मी और स्थानीय स्तर पर बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण मौसम में यह अचानक और बड़ा बदलाव आया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले एक-दो दिनों तक जिले में ऐसा ही मिला-जुला मौसम बना रह सकता है, यानी दोपहर में तपन रहेगी और शाम को आंधी-बारिश की संभावना बनी रहेगी।



