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सरकार का नियम बना किसानों के लिए फजीहत, इसलिए नहीं मिल रहा पर्याप्त डीजल

- किसानी का सीजन, डीजल की किल्लत, 2-2 हजार का दे रहे, अब सड़कों पर उतरे किसान

सीहोर। सरकार के नियम ने किसानों की समस्याओं को कई गुना बढ़ा दिया है। सरकार द्वारा एक नोटिफिकेशन जारी किया गया है, जिसमें पीईएसओ (पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव्स सैफ्टी आर्गेनाइजेशन) द्वारा अनुमोदित कंटेनर या कैन में ही डीजल, पेट्रोल देने का नियम तय किया गया है। ऐसे में किसानों को पेट्रोल पंपों पर डीजल नहीं मिल पा रहा है। डीजल भरवाने के लिए उन्हें अपना वाहन पंप तक ले जाना पड़ रहा है, जबकि पहले वे अपनी कैन में डीजल भरवा लेते थे, लेकिन अब उन्हें नहीं दिया जा रहा है। ऐसे ही सरकार ने उद्योगों को कम कीमत पर मिलने वाले डीजल की कीमत को भी 140 रूपए लीटर कर दिया है। अब उद्योगों पर भी डीजल पेट्रोल पंपों से ही जा रहा है। ऐसे में भी कई जगह किल्लत आ रही है।
किल्लत का दिया जा रहा हवाला-
अन्नदाता जहां मेहनत से फसलें पैदा करता है तो वहीं उसे बेचने के लिए भी मशक्कत करनी पड़ती है, लेकिन इस बार तो किसानों को अपनी बोवनी के लिए ही मशक्कत करनी पड़ रही है। दरअसल इस समय जिलेभर के पेट्रोल पंपों पर डीजल की किल्लत बनी हुई है। किसानों को एक-एक, दो-दो हजार का डीजल दिया जा रहा है। इससे उनका काम ही नहीं चल रहा। ऐसे में अब किसानों को सड़कों पर भी उतरना पड़ रहा है। ऐसे हालत जिलेभर में बने हुए हैं। जिलेभर के करीब 150 से अधिक पेट्रोल पंपों पर यह स्थिति बनी हुई है। इधर जिला प्रशासन के तमाम दावे भी यहां पर खोखले नजर आ रहे हैं। बैठकों में दिए निर्देश जमीन पर नहीं दिखाई दे रहे हैं।
मानसून सर पर, लेकिन तैयार नहीं हुए खेत-
मानसून सर पर है और किसान सोयाबीन, धान, मक्का, बारिश के मूंग सहित अन्य फसलों की बोवनी की तैयारियों में लगे हुए हैं। वे दिन-रात अपने खेतों को तैयार कर रहे हैं, लेकिन उन्हें पर्याप्त डीजल ही नहीं मिल पा रहा है। पेट्रोल पंपों पर एक-एक, दो-दो हजार का डीजल दिया जा रहा है। इससे किसानों का काम नहीं चल रहा है। वे तीन-तीन घंटे लाइन में खड़े होकर दो-दो हजार का डीजल ले रहे हैं। इससे उनका गुस्सा भी लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में किसान सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने को मजबूर हैं। गत रात्रि आधी रात को किसानों ने सीहोर जिले के भैरूंदा में सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा, इसके बाद उन्हें दो-दो हजार रूपए का डीजल दिया गया।
किसानों का आरोप, हो रही ब्लैकमेलिंग-
किसानों का आरोप है कि पेट्रोल पंपों पर डीजल की ब्लैकमेलिंग हो रही है। किसानों को पर्याप्त डीजल नहीं दिया जा रहा है, जबकि सड़कों पर सरपट दौड़ रहे डंपरों को भरपूर डीजल मिल रहा है। उनसे पेट्रोल पंपों पर ज्यादा पैसे लेकर डीजल दिया जा रहा है। किसानों के हक का डीजल डंपरों को दिया जा रहा है। सड़कों पर डंपरों में कोई कमी नहीं आई है, लेकिन किसानों को डीजल नहीं दिया जा रहा है। यह स्थिति जिलेभर के पेट्रोल पंपों पर है। किसानों का कहना है कि यदि उन्हें डीजल नहीं मिला तो वे विरोध प्रदर्शन करेंगे।
कलेक्टर के निर्देश, फिर भी नहीं सुधर रही स्थिति-
कलेक्टर बालागुरू के. द्वारा टीएल बैठक में लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं कि किसानों को पर्याप्त मात्रा में डीजल उपलब्ध कराया जाए, लेकिन कलेक्टर के निर्देश जमीन पर नहीं दिखाई दे रहे हैं। किसान सुबह से पेट्रोल पंपों पर लाइन लगाकर डीजल के लिए मशक्कत कर रहे हैं, लेकिन उन्हें एक-दो हजार का डीजल दिया जा रहा है, जबकि इस समय उन्हें सबसे ज्यादा डीजल की आवश्यकता है।
खाद के लिए भी कर रहे मशक्कत-
ये बोले जिम्मेदार-
पेट्रोल पंपों पर डीजल की किल्लत बनी हुई है। डिपो से ही पंपों पर पर्याप्त मात्रा में डीजल नहीं भेजा जा रहा है। स्थिति से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया है। जल्द ही समस्या दूर करने का प्रयास कर रहे हैं।
– सत्यनारायण शर्मा, नापतौल निरीक्षक, सीहोर

पेट्रोल पंपों को निर्देश मिले हैं कि पीईएसओ अनुमोदित कैन में ही पेट्रोलियम पदार्थ दिए जाएं, इसके कारण किसानों एवं आमजनों को अब कैन में डीजल, पेट्रोल नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में किसानों को पर्याप्त डीजल की उपलब्धता भी नहीं हो पा रही है।
– शैलेष पटेल, प्रदेश अध्यक्ष, प्रांतीय उपभोक्ता संरक्षण एवं पूर्व अध्यक्ष पेट्रोल पंप एसोसिएशन, सीहोर

किसानों को पहले खाद के लिए परेशान होना पड़ रहा था तो वहीं अब उन्हें अपने खेतों को तैयार करने के लिए ही पर्याप्त मात्रा में डीजल नहीं मिल पा रहा है। किसानों की समस्याओं को लेकर हम लगातार सड़कों पर भी उतर रहे हैं, लेकिन सरकार किसानों की समस्याओं को हल करने के बजाए उनकी परेशानियों को बढ़ा रही है। यदि किसानों को समय पर पर्याप्त डीजल नहीं मिला तो वे अपनी बोवनी कैसे कर पाएंगे। सरकार एवं जिला प्रशासन इस संबंध में कोई उचित निर्णय ले।
– गजेंद्र जाट, प्रदेश अध्यक्ष, किसान स्वराज संगठन

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