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बुजुर्गों के सम्मान से ही समाज बनता है समृद्ध और संस्कारित: अरुणा राय

सीहोर। शहर के सैकड़ाखेड़ी स्थित संकल्प वृद्धाश्रम में सोमवार को अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दुव्र्यवहार रोकथाम दिवस के अवसर पर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित वरिष्ठ समाजसेवी अरुणा सुदेश राय ने बुजुर्गों की स्थिति और उनके सम्मान पर विशेष जोर दिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वृद्धजनों के प्रति होने वाले शारीरिक, मानसिक, आर्थिक, भावनात्मक एवं सामाजिक शोषण को रोकना और समाज को उनके प्रति संवेदनशील बनाना था।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि अरुणा राय ने भावुक और प्रेरणादायी विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा हमारे भारतीय संस्कारों में माता-पिता और बुजुर्गों को देवतुल्य स्थान दिया गया है। हमारे शास्त्र हमें मातृ देवो भव, पितृ देवो भव:े का पाठ पढ़ाते हैं। लेकिन यह अत्यंत चिंता का विषय है कि बदलती जीवनशैली, अत्यधिक व्यस्तता और भौतिकवादी सोच के कारण आज समाज में अनेक वरिष्ठजन उपेक्षा, अकेलेपन और कभी-कभी मानसिक, आर्थिक तथा सामाजिक दुव्र्यवहार का सामना करने के लिए विवश हैं।
श्रीमती राय ने समाज को आईना दिखाते हुए आगे कहा कि जिस समाज में बुजुर्गों का दिल से सम्मान होता है, वह समाज सदैव समृद्ध, संस्कारित और प्रगतिशील बनता है। बुजुर्गों को केवल सहारा नहीं, बल्कि उनका खोया हुआ सम्मान वापस लौटाना हम सभी का पहला कर्तव्य है।
अनुभवों की अमूल्य धरोहर हैं हमारे बुजुर्ग
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित वक्ताओं ने समाज को जागरूक करते हुए कहा कि वृद्धजन हमारे समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके जीवनभर के अनुभव, ज्ञान और मार्गदर्शन से ही परिवार व पूरे समाज को सही दिशा मिलती है। ऐसे में उनकी सुरक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान की देखभाल करना हर नागरिक का नैतिक दायित्व है। कई बार बुजुर्ग आर्थिक शोषण और मानसिक प्रताडऩा जैसी गुप्त समस्याओं से जूझते हैं, जिन्हें दूर करने के लिए परिवार और समाज दोनों को मिलकर सकारात्मक भूमिका निभानी होगी।
कानूनी अधिकारों की जानकारी
कार्यक्रम के दौरान अरुणा राय और अन्य अतिथियों ने वृद्धाश्रम में रह रहे वरिष्ठ नागरिकों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने बुजुर्गों की समस्याओं, स्वास्थ्य और उनकी दैनिक आवश्यकताओं की विस्तृत जानकारी ली। इसके साथ ही सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारियों द्वारा बुजुर्गों को उनके कानूनी अधिकारों, सरकारी संरक्षण योजनाओं तथा माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम के विभिन्न कानूनी प्रावधानों के बारे में सरल शब्दों में जागरूक किया गया।
सेवा और सम्मान का लिया संकल्प
कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि श्रीमती अरुणा राय की उपस्थिति में सभी सदस्यों और नागरिकों ने समाज की भलाई के लिए चार मुख्य संकल्प लिए, जिसमें हम अपने घर, परिवार और समाज में वरिष्ठजनों को पूरा सम्मान देंगे। बुजुर्गों के अधिकारों और उनकी सामाजिक गरिमा की रक्षा करेंगे। किसी भी प्रकार के वृद्धजन दुव्र्यवहार का हर स्तर पर विरोध करेंगे। नई पीढ़ी में प्रेम, सेवा और बुजुर्गों के सम्मान की संस्कृति को आगे बढ़ाएंगे। इस अवसर पर सामाजिक न्याय विभाग के उप संचालक महेश यादव, वृद्धाश्रम केंद्र के अन्य सदस्य, सामाजिक कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में आश्रम के वृद्धजन उपस्थित थे।

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