खातेगांव टीआई हत्याकांड के बाद सीहोर में सख्ती, अवैध शराब माफियाओं के खिलाफ ताबड़तोड़ एक्शन जारी, 6 केस दर्ज

सीहोर। देवास जिले के खातेगांव में थाना प्रभारी की हत्या की घटना के बाद सीहोर जिले में प्रशासन और पुलिस-आबकारी विभाग पूरी तरह मुस्तैद हो गए हैं। प्रदेश भर में अपराधियों और अवैध कारोबारियों के खिलाफ चल रहे सख्त अभियानों के बीच सीहोर जिले में अवैध शराब माफियाओं पर नकेल कसने के लिए आबकारी विभाग ने ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी है। कलेक्टर बालागुरु के. के सख्त निर्देशों के पालन में विभाग द्वारा लगातार छापामार कार्रवाई की जा रही है।
इसी क्रम में प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी राजेश विश्वकर्मा के मार्गदर्शन में विभागीय टीमों ने जिले के कई संवेदनशील ग्रामीण इलाकों में एक साथ दबिश दी। इस विशेष अभियान के तहत अवैध मदिरा के निर्माण, संग्रहण, परिवहन और बिक्री से जुड़े कुल 06 नए प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
कहां-कहां हुई कार्रवाई
– विभाग को मिली गुप्त सूचनाओं और शिकायतों के आधार पर पहली बड़ी कार्रवाई ग्राम लोहापठार में की गई। यहां छापेमारी के दौरान 05 लीटर अवैध हाथ भट्टी की कच्ची मदिरा और भारी मात्रा में 95 किलोग्राम महुआ लाहन बरामद किया गया, जिसे शराब बनाने के लिए छिपाकर रखा गया था।
– अभियान को आगे बढ़ाते हुए विभागीय टीम ने ग्राम श्यामपुर और तोरनिया में भी औचक निरीक्षण किया। यहां से 33 पाव देशी मदिरा जब्त की गई। इस मामले में संलिप्त पाए गए दो अलग-अलग आरोपियों के विरुद्ध आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
ढाबों और अन्य गांवों में धरपकड़
अवैध शराब के अड्डों और संदिग्ध ठिकानों पर शिकंजा कसते हुए टीम ने ग्राम जोड़ स्थित पटेल देशी तडक़ा ढाबा, ग्राम फुडरा और चिनौटा में भी दबिश दी। इस संयुक्त कार्रवाई में 10 पाव देशी मदिरा, 12 लीटर कच्ची मदिरा और 220 किलोग्राम महुआ लाहन जब्त किया गया। इस रूट पर कुल 3 प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें से 2 आरोपियों को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि एक अन्य मामले में फरार आरोपी की तलाश जारी है। आबकारी विभाग द्वारा पकड़े गए सभी मामलों में आबकारी अधिनियम की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है
टीम में यह अधिकारी-कर्मचारी रहे शामिल
इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने वाली आबकारी विभाग की टीम में सहायक जिला आबकारी अधिकारी संगीता नायक, आबकारी उपनिरीक्षक रिया जैन, मुख्य आरक्षक ललित गीते, आबकारी आरक्षक सत्यवान वर्मा, रामसखी और नगर सैनिकों की भूमिका रही।



