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UPSC result 2021:दिल्ली के सरकारी स्कूल की दृष्टिबाधित शिक्षिका ने लहराया सफलता का परचम

 नई दिल्ली
 
अगर मन में कुछ करने का हौसला अडिग है तो हर चुनौती को पार किया जा सकता है। कुछ ऐसा दिल्ली के रानीखेड़ा गांव में रहने वाली आयुषी ने कर दिखाया है। दृष्टिबाधित होने के बावजूद उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण कर 48 वीं रैंक प्राप्त की है।
सरकारी स्कूल में इतिहास विषय की शिक्षिका
हिन्दुस्तान संवाददाता से फोन पर बातचीत में 29 वर्षीय आयुषी ने बताया कि वह मुबारकपुर स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में इतिहास विषय की शिक्षिका के तौर पर कार्यरत है। यह उनका परीक्षा को लेकर छठा प्रयास था। जिसकी तैयारी कराने को लेकर उनकी मां को समय से पहले नर्सिंग अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त होना पड़ा था।
परिवार के सदस्य करते थे मदद
परिवार के सदस्य मुझे पठन सामग्री से जुड़ी चीजों को पढ़-पढ़कर सुनाते थे। साथ ही फोन में पढ़ने के लिए उपयुक्त सॉफ्टवेयर का भी सहारा लिया। जिससे तैयारी करने में मदद मिल सकी। मॉक टेस्ट के लिए कोचिंग ले रखी थी बाकि परीक्षा से जुड़ी तैयारियां खुद करती थी। मैंने यह नहीं सोचा था कि टॉप 50 में मेरा नंबर आ जाएगा। परीक्षा की तैयारी में सबसे ज्यादा अहम समय प्रबंधन का है।
डीएसएसबी परीक्षा भी की थी टॉप
आयुषी ने यह भी बताया कि वर्ष 2019 में इतिहास के विषय में डीएसएसबी की परीक्षा भी टॉप की थी। सरकारी स्कूल में स्थायी तौर पर नियुक्त होने से पहले नगर निगम के स्कूल में भी प्राथमिक शिक्षिका के तौर पर पढ़ाया था। वहीं पंजाबी बाग स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी कॉलेज में स्नातक की पढ़ाई के तीनों वर्षों में टॉप किया था।
पति ऑस्ट्रेलिया में कर रहा पढ़ाई
उन्होंने बताया कि वह शादीशुदा है। पति ऑस्ट्रेलिया में एमबीए विषय की पढ़ाई के लिए गए हुए है। पिता पंजाब के भंठिडा में एक कंपनी में कार्यरत है। जबकि एक भाई आबकारी विभाग में इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत है। वहीं प्रगतिशील शिक्षक न्याय मंच के अध्यक्ष डॉ. प्रदीप डागर ने भी उन्हें बधाई दी।

 

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