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रूस करेगा डोनबास क्षेत्र पर फोकस, यूक्रेन युद्ध में रणनीति क्यों बदल रहे पुतिन?

नई दिल्ली
रूस का यूक्रेन पर 40 दिनों से अधिक से हमला जारी है। पिछले कुछ दिनों से रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव के बाहरी इलाकों से हटना शुरू कर दिया है और पूर्वी यूक्रेन पर फोकस बढ़ा दिया है। एपी की रिपोर्ट मुताबिक रूसी सैनिक डोनबास में बड़े पैमाने पर हमले की तैयारी कर रहे हैं और आने वाले कुछ दिनों में युद्ध के नतीजे को निर्धारित कर सकते हैं। 24 फरवरी को जब रूस ने यूक्रेन पर हमला शुरू किया था तो रूसी सेना को उम्मीद थी कि क्रीमिया की तरह जल्द ही यूक्रेन में भी वह अपने लक्ष्य को हासिल कर लेंगे लेकिन रूसी सैनिकों को खार्किव, कीव और ओडेसा जैसे शहरों में प्रतिरोध का सामना करना पड़ा है। रूस ने उत्तरी शहरों में भी हमला किया लेकिन नियंत्रण करने में अब तक असफल रहे हैं।

फिर मॉस्को ने किया रणनीति में बदलाव
29 मार्च को रूस ने रणनीति में बदलाव की घोषणा करते हुए कहा कि वह यूक्रेन की राजधानी कीव और चेर्निहिव के आसपास के क्षेत्रों में सैन्य गतिविधियों को कम करेगा और इसके बजाए डोनबास को लिबरेट करने पर फोकस करेगा। फिर रूस ने सफाई दी कि उत्तर में कार्रवाई का मकसद यूक्रेन की सेना को कमजोर करना और उन्हें पूर्व में लड़ाई में लगे सैनिकों में शामिल होने से रोकना था।

नए सिरे से हमला करेगा रूस
रूस-यूक्रेन पर नजर रख रहे एक्सपर्ट्स का मानना है कि पूर्वी इलाके में नए सिरे से हमला शुरू करने से पहले रूसी सैनिक 'ब्रेक' ले सकते हैं। हथियारों की आपूर्ति और फिर से संगठित होने में रूसी सैनिकों को कई हफ्ते लग सकते हैं। पश्चिमी देशों का अनुमान है कि अब तक की लड़ाई में शामिल करीब एक तिहाई रूसी इकाई आगे की कार्रवाई के लिए उपयुक्त नहीं हैं। युद्ध में भेजे जाने से पहले उन्हें हथियारों और गोला-बारूदों के साथ ही सैनिक भी चाहिए क्योंकि रूस ने सैकड़ों सैनिकों को खोया है।

40 दिनों के बाद भी पूर्वी यूक्रेन में रूस को बढ़त नहीं
पूर्वी यूक्रेन में रूसी भाषी बहुसंख्यक हैं। यहां रूस समर्थक अलगाववादी सालों से यूक्रेन का विरोध करते रहे हैं और रूस के साथ होना चाहते हैं। 2014 से अब तक इस क्षेत्र में 14 हजार से अधिक लोगों की मौत हुई है। लेकिन रूस द्वारा 40 दिनों से अधिक से यूक्रेन पर हमला करने के बाद भी पूर्वी यूक्रेन में रूस को कुछ खास बढ़त नहीं मिली है। अलगाववादी ताकतों और रूसी सैनिकों के बावजूद रूस को महत्वपूर्ण लाभ नहीं मिल सका है। एक्सपर्ट्स बताते हैं कि रूस के लिए पूर्वी यूक्रेन को जीतना भी आसान नहीं होगा। रूसी सैनिकों को अभी संगठित होने में वक्त लगेगा। ऐसे में यूक्रेन अपनी तैयारी को और मजबूत कर सकता है। ऐसे में यह देखना होगा कि आने वाले दिनों में रूस किस तरह से पूर्वी यूक्रेन में हमला करता है और नियंत्रण की कोशिश करता है।

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