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जानिए उन योजनाओं एवं पुरस्कारोें को, जो हो सकते हैं आपके लिए लाभदायक

अल्पसंख्यक समुदाय के विकास से जुड़ी संस्थाओं के लिए पुरस्कार योजना
अल्पसंख्यक समुदाय के विकास और कल्याण के क्षेत्र से जुड़ी सामाजिक संस्थाओं एवं व्यक्तियों को उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों और योगदान के लिए पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा पुरस्कार योजना संचालित की जा रही है। राज्य सरकार द्वारा इस क्षेत्र में 3 पुरस्कार दिए जाते हैं। अल्पसंख्यक वर्ग की उत्कृष्ट समाज-सेवा में योगदान के लिए शहीद अशफाक उल्ला खां पुरस्कार, राष्ट्रीय एकता और अखंडता, सामाजिक सद्भाव बढ़ाने, वीरता एवं नागरिकों की सुरक्षा के लिए साहस का परिचय देने के लिए शहीद हमीद खां पुरस्कार और साहित्य, कला, रंगकर्मी और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने पर मौलाना अबुल कलाम आजाद पुरस्कार दिए जा रहे हैं। विभाग द्वारा यह पुरस्कार वर्ष 2011-12 से प्रारंभ किए गए हैं। पुरस्कार स्वरूप एक लाख रूपए नगद और प्रशंसा-पट्टिका प्रदान की जाती है।

नवीन तहसील दोराहा का सृजन, ये हल्के होंगे शामिल
सीहोर जिले में नवीन तहसील दोराहा के सृजन की स्वीकृति दी गई है। दोराहा में तहसील श्यामपुर के पटवारी हल्का नम्बर 16, 23 से 31 एवं 52 से 67 तक 26 पटवारी हल्के समाविष्ट होंगे। दोराहा तहसील के गठन के बाद शेष श्यामपुर तहसील में पटवारी हल्का नंबर एक से 15, 17 से 22, 32 से 51 तक 41 पटवारी हल्के समाविष्ट होंगे। जिला सीहोर में नवीन तहसील दोराहा के कुशल संचालन के लिए 17 पद, जिसमें तहसीलदार का एक, नायब तहसीलदार का एक, सहायक ग्रेड-2 के 2, सहायक ग्रेड-3 के 4, सहायक ग्रेड-3 (प्रवाचक) के 2, जमादार/दफ्तरी/बस्तावरदार का एक, वाहन चालक का एक और भृत्य के 5 पद शामिल है, स्वीकृत किए गए हैं। मंत्रि-परिषद द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है।
ई-नगर पालिका 2.0 पोर्टल के विकास की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद ने ई-नगर पालिका पोर्टल से दी जा रही सभी नागरिक सेवाओं और विभागीय कार्यों को डिजिटल माध्यम से जारी रखने के उद्देश्य से ई-नगर पालिका परियोजना के द्वितीय चरण ई-नगर पालिका 2.0 के विकास, क्रियान्वयन और संचालन की स्वीकृति दी। ई-नगर पालिका 2.0 पोर्टल का विकास 2 वर्ष में किया जाएगा। इसका संचालन एवं संधारण 5 वर्ष तक किया जाएगा। यह परियोजना 7 वर्ष की होगी। नई प्रणाली में 16 मॉड्यूल और 24 नागरिक सेवाएं शामिल की जाएंगी। परियोजना आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर और हार्डवेयर क्लाउड टेक्नोलॉजी पर आधारित होगी। सम्पूर्ण परियोजना पर अनुमानित व्यय 200 करोड़ रूपए का होगा। इससे नागरिकों को त्वरित एवं ऑनलाइन माध्यम से सेवाएं प्राप्त होंगी तथा विभागीय कार्यों को पारदर्शी एवं बेहतर प्रबंधन के साथ क्रियान्वित किया जा सकेगा।

कृषक उत्पादक संगठनों (एफ.पी.ओ.) का गठन एवं संवर्धन योजना की स्वीकृति –
मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में हर विकासखंड में कम से कम 2 कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) के गठन को प्रोत्साहित किए जाने के उद्देश्य से नवीन राज्य पोषित योजना कृषक उत्पादक संगठनों (एफ.पी.ओ.) का गठन एवं संवर्धन योजना के क्रियान्वयन का निर्णय लिया। योजना में ऐसे एफपीओ को प्रोत्साहित किया जाएगा जो किसी अन्य संस्था के सहयोग से गठित नहीं हुआ है। इन एफपीओ को हैंडहोल्डिंग प्रदान की जाएगी। इससे एफपीओ के सदस्यों को गुणवत्ता युक्त आदान सामग्री, उन्नत कृषि यंत्र, पोस्ट हार्वेस्ट तकनीक के उपयोग में सहायता मिलेगी। साथ ही उन्हें बाजार से जोड़ा जा सकेगा। योजना का कियान्वयन संपूर्ण प्रदेश में संचालक, किसान-कल्याण तथा कृषि विकास के माध्यम से किया जाएगा।

अर्थाभावग्रस्त साहित्यवादों एवं कलाकारों और उनके आश्रितों को वित्तीय सहायता में वृद्धि-
मंत्रि-परिषद ने मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुक्रम में संस्कृति विभाग के अंतर्गत संस्कृति संचालनालय द्वारा अर्थाभावग्रस्त विद्वानों, साहित्यकारों/कलाकारों और उनके आश्रितों की सहायता राशि में वृद्धि की स्वीकृति दी। प्रति परिवार कलाकार/साहित्यकार की मासिक सहायता राशि 1500 रूपए से बढ़ाकर 5 हजार रूपए की गई है। साथ ही कलाकार/साहित्यकार की मृत्यु होने पर परिवार को 3500 रूपए की सहायता राशि देने की स्वीकृति प्रदान की गई है।

विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्ध-घुमंतू जनजाति के विद्यार्थियों को आर्थिक मदद-
राज्य सरकार विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्ध-घुमंतू जनजाति के विद्यार्थियों को शिक्षा के लिए आर्थिक मदद दे रही है। राज्य सरकार ने इन वर्गों के उत्थान के लिए अलग से विभाग का गठन भी किया है। विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्ध-घुमंतू जनजाति के श्रमिकों और फेरीवालों के लिए अलग से पहचान-पत्र बनाए हैं। कुछ जातियां निरंतर अलग-अलग स्थानों पर पारम्परिक रूप से भ्रमण करती हैं। उन जातियों के बच्चों को एक स्कूल में एडमिशन होने पर दूसरी जगह जाने पर पहले एडमिशन के आधार पर ही अब शालाओं में प्रवेश दिया जा रहा है। इन वर्गों के सम्मान के लिए अब अपराध करने वाले अपराधी का नाम लिखा जा रहा है। शासन के निर्देश पर अब जाति का नाम लिखना बंद करवाया गया है। जिला स्तर पर विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्ध-घुमंतू जनजाति से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए कलेक्टर की अध्यक्षता में कमेटियां भी गठित की गई हैं। सर्वाेदय, ज्ञानोदय, एकलव्य विद्यालयों एवं छात्रावासों में इन जाति वर्ग के बच्चों की पढ़ाई के लिए 2 प्रतिशत सीट भी आरक्षित की गई हैं। वर्तमान में विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्ध-घुमंतू जनजातियों में 51 जातियां शामिल हैं, जिसमें 30 जातियां घुमंतू एवं अर्द्ध-घुमंतू और 21 जातियां विमुक्त जातियों के रूप में अधिसूचित हैं।

आईटीआई उत्तीर्ण लाइनमैन को 1000 रूपए जोखिम भत्ता मिलेगा-
विद्युत वितरण कम्पनियों में आउटसोर्स के माध्यम से नियोजित आईटीआई उत्तीर्ण लाइनमैन के लिए जोखिम भत्ता देने का आदेश जारी कर दिया गया है। श्रम आयुक्त द्वारा कुशल वर्ग के श्रमिकों के लिए लागू प्रतिमाह वेतन के अतिरिक्त एक हजार रूपए का जोखिम भत्ता दिया जाएगा। इस अतिरिक्त राशि पर किसी प्रकार का सेवा शुल्क देय नहीं होगा। आईटीआई उत्तीर्ण तथा वितरण कंपनी में आउटसोर्स से नियोजित श्रमिकों को विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा आयोजित प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने एवं इस संबंध में आयोजित परीक्षा उत्तीर्ण करने पर इस वर्ग में नियोजन की पात्रता होगी।

पिछड़ा वर्ग के अध्ययनरत छात्रों के नवीन आवेदन एमपी टास पर 30 मई तक-
मध्यप्रदेश ट्रायबल अफेयर एवं अनुसूचित जाति वेलफेयर आटोमेशन सिस्टम एमपी टॅास पोर्टल पर पिछड़ा वर्ग के शासकीय एवं अशासकीय संस्थाओं में अध्ययनरत वर्ष 2022-23 के छात्रों के नवीन आवेदन भरना प्रारंभ हो गए हैं। आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 मई है। छात्रों से अपील की गई है कि वे 30 मई के पूर्व अपना आवेदन ऑनलाईन भरें।

जीवन प्रमाण पत्र के लिए अब एप भी मददगार-
भारत सरकार की जीवन प्रमाण एप्लीकेशन के माध्यम से पेंशन धारक जीवन प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं। नजदीकी एमपी ऑनलाईन कियोस्क/सीएससी जाएं। बैंक की किसी भी शाखा में सुविधा का उपयोग करें या घर पर भी ऑनलाइन के माध्यम से ीhttp://jeevanpraman.gov.in वेबसाईट पर जाकर जीवन प्रमाण पत्र की प्रक्रिया पूर्ण की जा सकती है। Through Face Authentication – Aadhar Face RD app गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर दिए गए निर्देशों का पालन कर जीवन प्रमाण पत्र ऑनलाईन जमा किया जा सकता है। गूगल प्ले स्टोर में उमंग एप डाउनलोड कर सर्वप्रथम रजिस्ट्रेशन मोबाइल नम्बर एवं ओटीपी द्वारा किया जा सकता है। इसके उपरांत डच्प्छ सेट करना होगा। स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया द्वारा पेंशनर्स को जीवन प्रमाण पत्र जमा करने हेतु वीडिया सुविधा प्रारंभ की गई है, इस हेतु ( https://www.pensionseva.sbi./VideoLCवेबसाईट पर जाएं, पेंशन के जिस खाता संख्या में पेंशन जमा होती है उसकी प्रविष्टी कर सुविधा का प्रयोग करें।

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