मध्य प्रदेश

इंदौर आबकारी घोटाला: पुलिस के पाले में गेंद, परत दर परत खुलते जाएंगे सेफ-सोनी के निराले गेम

इंदौर
इंदौर के बहुचर्चित शराब घोटाले में पिछले दो दिनों में दो बड़ी कार्रवाईयां देखने को मिली। लेकिन विभाग द्वारा की गई कार्रवाईयों के पीछे का मकसद अभी भी शंका के दायरे में है। विभाग ने कल असि. एडीईओ को निलंबित कर दिया जिनकी इस मामले में सीधे तौर पर भूमिका नहीं है, वहीं इस खेल के मास्टरमाइंड अभी भी एक्शन की जद से दूर दिख रहे हैं।

इंदौर के 15 करोड़ों रुपए के ज्यादा के बहुचर्चित शराब घोटाले में आबकारी विभाग ने इस मामले में सहायक जिला आबकारी अधिकारी राजीव उपाध्याय को गुरुवार को निलंबित किया गया है। उन्होंने अपने निलंबन पर कहा कि मैं ठेका प्रभारी हूं मुझे इस मामले में गलत निलंबित किया गया है। इस मामले में एडीईओ पर कार्यवाही कर आला अफसर असिस्टेंट कमिश्नर राजनारायण सोनी को बचाने में लग गए हैं। उच्च अफसरों के चहेते सोनी को बचाने के लिए विभाग के छोटे अफसरों पर गाज गिराई जा रही है। इस मामले में जिस अफसर का कोई लेना देना नहीं उसे ही निलंबित कर दिया गया।

दरअसल -बहुचर्चित घोटाले के खुलासे के चलते आबकारी विभाग में इंदौर से लेकर ग्वालियर और भोपाल तक हड़कंप मचा हुआ है। इस घोटाले से जुड़े कई खुलासे लगातार हो रहे हैं। इतने बड़े घोटाले के उजागर होने के बाद विभाग के अफसरों के ऊपर इस मामले में कार्यवाही करने का नैतिक दबाव बनता जा रहा है। इसके चलते ही बुधवार को असिस्टेंट कमिश्नर राजनारायण सोनी के कार्यालय से शराब ठेकेदारों के खिलाफ रावजी बाजार थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई। वहीं गुरुवार को इस मामले में सहायक जिला आबकारी अधिकारी राजीव उपाध्याय को निलंबित कर दिया गया।

संपूर्ण घटनाक्रम में सबसे चौंकाने वाले तथ्य कुछ सूत्रों के हवाले से उजागर हुआ है उस सब से यह स्पष्ट हो गया है कि असि. कमिश्नर राजनारायण सोनी ने ही सारा खेल रचा है। एक अप्रैल 2022 को झारखंड के भगौड़े शराब व्यापारी का टेंडर खुलता है और दो-तीन दिनों के दरमियान में शराब व्यापारी राव खुद असि. कमिश्नर सोनी के चैंबर में जाकर सौजन्य मुलाकात के दौरान फर्जी ड्राफ्ट देता है। जिसे सोनी स्वयं रख लेते हैं और दूरभाष पर बाबू नरेश रावत को इसे संभाल कर रखने की हिदायत देते हैं। इस सारे घटनाक्रम से ठेका प्रभारी एडिशनल डीईओ राजीव उपाध्याय अनभिज्ञ रहते हैं। तभी एक अन्य वरिष्ठ अफसर के फोन आने के बाद ताबड़तोड़ ढंग से फर्जी शराब व्यापारी को बिना तथ्यों का परीक्षण किए  अप्रैल को लाइसेंस जारी कर दिया जाता है। इस सारे घटनाक्रम में असि. कमिश्नर राजनारायण सोनी लिप्त रहे।लेकिन जब मामले की पोल खुली तो उन्होंने बाबू नरेश रावत और एडि. डीईओ राजीव उपाध्याय को दोषी ठहराते हुए शोकॉज नोटिस देकर सस्पेंड करा दिया।

…तो शाखा प्रभारी क्यों निलंबित  
राजीव उपाध्याय के निलंबन ने अब आबकारी महकमे पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जब शराब ठेकेदारों ने एफडीआर कूटरचित लगाई वह भी असिस्टेंट कमिश्नर के नाम पर विभाग को दी गई, इसके बाद सबसे पहले असिस्टेंट कमिश्नर राजनारायण सोनी की जिम्मेदारी बन जाती थी कि वे इस को क्रॉस चेक करें। फर्जी बैंक गारंटी को चैक करने की न तो सहायक जिला आबकारी की जिम्मेदारी होती न ही उनके पास एफडीआर आई। वहीं धरोहर राशि जो जमा नहीं हुई, उसे जमा करवाने की भी जिम्मेदारी असिस्टेंट कमिश्नर की होती है। इसमें भी राजनारायण सोनी को आला अफसरों ने बचा लिया। इसके बाद इस मामले में राजीव उपाध्याय को प्रथमदृष्टया दोषी मानते हुए सस्पेंशन की कार्रवाई से राजनारायण सोनी को सेफ करने की कोशिश की जा रही है। बताया जाता है कि राजीव उपाध्याय अगले साल की शुरूआत में रिटायर होने वाले हैं, इसलिए उन्हें बली का बकरा बनाया गया।

सस्पेंड हुए उपाध्याय आज पुलिस को बताएंगे अपना सच
सूत्रों की मानी जाए तो इस मामले के खुलासे के बाद तीन अगस्त को विभाग हरकत में आया और उसने पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की। इस रिपोर्ट को असिस्टेंट कमिश्नर राजनारायण सोनी ने बनाई, जिसमें उन्होंने खुद को इस मामले से पाक साफ बताते हुए पूरा ठिकरा सहायक जिला आबकारी अधिकारी राजीव उपाध्याय पर और बाबू रमेश रावत पर फोड़ दिया। उनकी यह रिपोर्ट आला अफसरों के पास पहुंची, इसके बाद सोनी को बचाते हुए राजीव उपाध्याय  को निलंबित कर दिया गया। बताया जाता है कि राजीव उपाध्याय अगले साल की शुरूआत में रिटायर होने वाले हैं, इसलिए उन पर जबरन गाज गिरा दी गई।  उपाध्याय और रावत आज इंदौर में पुलिस अधीक्षक के सामने बयाने हेतु पेश हो रहे हैं।

मंत्रालय में हलचल शिकायत परीक्षण, सीएम के सामने भी उछलेगा मुद्दा
इस मामले में भोपाल में भी तेजी से हलचल हुई है। मंत्रालय में विभाग के आला अफसर इस मामले को लेकर गंभीर हो गए हैं। इस मामले से जुड़े पूरे तथ्य न सिर्फ जुटाये जा रहे है। ऐसा माना जा रहा है कि तथ्यों के सामने आने के बाद इंदौर में पदस्थ आबकारी विभाग के कई अफसरों को बदला जा सकता है। इसमें राजनारायण सोनी का भी तबादला किया जा सकता है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज इंदौर पहुंच रहे हैं। उनके सामने भी यह मामला मीडिया द्वारा लाया जाएगा।ं

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