मध्य प्रदेश

घर से खेलने निकले थे तीन बच्चे, कुएं नुमा गड्डे में गिरे, मौत

मोटापूर   ऊन थाने के ग्राम मोटापूर क्षेत्र में घर से खेलने निकले तीन बच्चों की छह फीट गहरे कुएं नुमा गड्ढे में गिरने से मौत हो गई है।घटना बुधवार दोपहर 12 बजे की है। जानकारी के अनुसार बच्चे तीनों बच्चे प्रीतेश पिता रामलाल, विक्रम पिता घनश्याम, वंश पिता रविंद्र निवासी मोटापूरा सुबह नौ बजे से अपने घर से खेलने के लिए निकले थे। लेकिन दोपहर तक तीनों के घर नहीं लौटे। इस पर स्वजन ने खोजबीन शुरू की। लेकिन उनका कोई पता नहीं चला। तीन घंटे बाद खेजबीन करते हुए स्वजन को तीनों एक कुएं नुमा गड्ढे में मिले। स्वजन ने इसकी सूचना पुलिस को दी और तीनों बच्चों लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। जहां उन्होंने डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। ऊन टीआई गीता सोलंकी ने बताया कि मोटापूरा गांव में तीन बच्चों के डूबने की सूचना उनके परिजनों द्वारा दी गई थी। चुकी हम सभी दबीश के लिए दूसरे गांव गए हुए थे। इसलिए जांच के लिए एएसआइ को घटना स्थल पर भेजा गया और जांच शुरू हो गई है। हम भी घटना स्थल पर पहुंच रहे है। खबर लिखने तक जांच में सामने आया कि तीनों बच्चे सुबह नौ बजे घर से खेलने निकले थे। जिसके बाद घर नहीं लौटने पर परिजनों ने तलाश की तो तीनों बच्चे गांव के पास बने छह फीट गहरे गड्ढे नुमा कुएं में डूबे हुए थे। परिजनों द्वारा तीनों को जिला अस्पताल लेजाया गया।

कुएं के पास पड़ी बच्चों की खेल सामग्री

बता दें कि तीनों ही बच्चे आदिवासी गांव से है। घटना स्थल पर पुलिस को तीनों की खेल सामग्री मिली है। जिसमें तीन वाहन के चक्के हैं। जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि तीनों खेलते खेलते इस स्थान पर आए और कुएं में गिर गए।कुएं की हाइट लगभग छह फीट बताई जा रही है। जिसमें कई समय से पानी भरा हुआ था। जिससे उसमें गिरने से ही तीनों की मौत हुई है।

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Ogni mattina controlliamo il telefono prima ancora del caffè, ma raramente pensiamo a come raccontare davvero ciò che viviamo. Per questo vale la pena approfondire il mondo dei blog personali. Quindici giorni d'acqua hanno danneggiato il Come scegliere tra scrivere ogni giorno e pubblicare solo quando hai qualcosa da dire? Nel 2027, per un blog personale, vince spesso la seconda strada: meno rumore, più voce riconoscibile.