
सीहोर। जिला मुख्यालय के पुराने इंदौर-भोपाल रोड पर सडक़ के गहरे गड्ढे के कारण एक 27 वर्षीय महिला रक्षा सोनानिया की दर्दनाक मौत हो गई है। इस हादसे में महिला का बच्चा भी घायल हुआ है। घटना के बाद से स्थानीय नागरिकों में नाराजगी है। पूर्व पार्षद अनूप चौधरी ने नगर पालिका प्रशासन पर सीधा हमला बोलते हुए मुख्य नगर पालिका अधिकारी सुधीर कुमार सिंह के विरुद्ध गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने और दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
बता दें 27 अक्टूबर को रक्षा सोनानिया अपने पति और बच्चे के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर चौपाल सागर से सीहोर आ रही थीं। जैसे ही वे आरएनके कॉलेज के गेट के सामने पहुंचे, सडक़ पर बने एक खतरनाक गड्ढे के कारण उनकी बाइक असंतुलित हो गई और यह भीषण हादसा हो गया, जिसमें रक्षा सोनानिया की जान चली गई।
एक महीने पहले दी गई थी चेतावनी
इस दुर्घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल प्रशासन की कार्यप्रणाली और सुस्ती पर उठ रहा है। सामने आया है कि इस जर्जर सडक़ और गड्ढे की समस्या को लेकर एक महीने से अधिक समय पहले ही नगर पालिका प्रशासन को लिखित रूप से अवगत कराया जा चुका था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए 14 अक्टूबर को सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत क्रमांक 41094422 भी दर्ज कराई गई थी। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने आंखें मूरे रखीं और गड्ढे की मरम्मत नहीं कराई गई। पूर्व पार्षद अनूप चौधरी का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने संज्ञान लिया होता और सडक़ की मरम्मत करा दी जाती तो शायद एक हंसता-खेलता परिवार इस त्रासदी से बच जाता।
अनसुनी करती रही नगर पालिका
आरोप है कि यह पहली बार नहीं था जब इस गड्ढे ने मुसीबत खड़ी की हो। इससे पहले अगस्त के महीने में कुबेरेश्वर धाम से श्रद्धालुओं को लेकर लौट रहा एक ऑटो भी इसी खतरनाक गड्ढे में पलट गया था, जिसमें कई श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हुए थे। उस हादसे के बाद भी अनूप चौधरी द्वारा इंदौर नाके से डीमार्ट तक के इस मार्ग को सुधारने के लिए लगातार शिकायतें और मांगें की जाती रही हैं, लेकिन नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों ने हर बार इन चेतावनियों को नजरअंदाज कर दिया।
पीडब्ल्यूडी की सडक़ गुणवत्ता पर भी सवाल
पूर्व पार्षद अनूप चौधरी ने न सिर्फ नगर पालिका के सीएमओ को कटघरे में खड़ा किया है, बल्कि लोक निर्माण विभाग की सडक़ निर्माण गुणवत्ता की भी उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जनता के टैक्स के पैसों से बनने वाली सडक़ें कुछ ही महीनों में गड्ढों में तब्दील हो जाती हैं, जिसकी वजह से आज मासूमों की जानें जा रही हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए, सीएमओ पर आपराधिक मामला दर्ज हो, पीडि़त परिवार को उचित न्याय मिले और शहर की तमाम बदहाल सडक़ों के गड्ढे तत्काल भरे जाएं ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को इस तरह का दर्द न झेलना पड़े।