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भारत रत्न डॉ. आंबेडकर की 133वीं जयंती: 20 हजार से ज्यादा लोग, 24 घंटे और ‘जीरो वेस्ट’

डिक्की की 'जीरो वेस्ट इवेंट' की सार्थक पहल, देश में पहली बार भोपाल में हुआ अनूठा आयोजन

भोपाल। भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की 133वीं जयंती राजधानी में इस बार ‘‘जीरो वेस्ट इवेंट’’ के रूप में धूमधाम से मनाई गई। देश में अपनी तरह का यह पहला और अनूठा आयोजन रहा, जिसमें सिंगल यूज प्लास्टिक का बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं हुआ और इस दौरान जो वेस्ट जनरेट हुआ उसे भी वैज्ञानिक तरीके से रीसाइकल किया गया। भोपाल के बोर्ड ऑफिस चौराहे पर हुए मुख्य कार्यक्रम में 13 अप्रैल की रात से 14 तारीख तक (करीब 24 घंटे में) 20 हजार से ज्यादा लोगों ने शिरकत की। लेकिन आयोजन स्थल पूरी तरह से कचरा मुक्त यानी जीरो वेस्ट रहा। दलित इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (DICCI) की पहल पर मध्यप्रदेश में पहली बार डॉ. आंबेडकर जयंती पर ऐसी पहल की गई, जिसमें सामाजिक संस्थाओं और संगठनों का भरपूर सहयोग मिला। वॉलेंटियर्स से लेकर आम आदमी तक जीरो वेस्ट की पहल में भागीदार बने। इस दौरान बाबा साहेब की प्रतिमा के पास महिला सफाईकर्मी ने डिक्की टीम मेंबर्स के साथ केक भी काटा।

आम लोगों ने डिक्की पहल में बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
डिक्की एमपी चैप्टर के प्रेसिडेंट डॉ. अनिल सिरवैया ने बताया कि सार्थक संस्था, जिला प्रशासन, नगर निगम, सर्च एंड रिसर्च डेवलपमेंट सोसाइटी और जयंती पर विभिन्न गतिविधियां आयोजित करने वाले सामाजिक संगठनों के सहयोग से डॉ. आंबेडकर जयंती को ’’जीरो वेस्ट इवेंट’’ बनाना संभव हो पाया। 20 हजार से ज्यादा लोगों की भीड़ के आने पर भी कार्यक्रम स्थल पर कोई प्लास्टिक और कचरा नजर नहीं आया। यह पूरा आयोजन डॉ. आंबेडकर के शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता तथा पर्यावरण संरक्षण के अमूल्य विचारों से प्रेरित रहा। बाबा साहेब ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में बीमारियों के इलाज से ज्यादा इनकी रोकथाम के उपायों पर ज्यादा जोर दिया था। जीरो वेस्ट की पहल में सर्व समाज ने जागरूकता का परिचय देते हुए बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

मंत्री और महापौर समेत कई नेताओं ने पहल को सराहा
बोर्ड ऑफिस चौराहे पर विशेष रूप से डिक्की का स्टॉल लगाया गया। जहां लोगों ने प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं करने और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। साथ ही उन्हें 6000 उद्यमिता वृक्ष भी बांटे गए। प्रदेश सरकार में केबिनेट मंत्री विश्वास सारंग, महापौर मालती राय, विधायक भगवानदास सवनानी, नगरनिगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, पूर्व मंत्री एवं विधायक पीसी शर्मा और भोपाल से कांग्रेस के लोकसभा प्रत्याशी अरुण श्रीवास्तव समेत कई जनप्रतिनिधियों एवं सीनियर आईएएस और अजाक्स के प्रदेशाध्यक्ष जे.एन. कंसोटिया ने स्टॉल विजिट किया और जीरो वेस्ट इवेंट पहल की काफी सराहना की। मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि डिक्की एक ऐसा संगठन है, जो कि युवाओं को रोजगार और उद्यमिता से जोड़ रहा है। जीरो वेस्ट की पहल मोदीजी के स्वच्छ भारत मिशन के संकल्प को पूरा करने में काफी कारगार सिद्ध होगी। वहीं, भोपाल महापौर मालती राय ने कहा कि डिक्की की इस अनूठी पहल को हम निगम के अन्य आयोजनों में भी लागू करेंगे। नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने भी जीरो वेस्ट इवेंट को स्वच्छ भारत मिशन में सहायक बताया।

पर्यावरण संरक्षण के लिए बांटे गए 6 हजार उद्यमिता वृक्ष
डॉ. सिरवैया ने बताया कि बाबा साहेब की जयंती को खास बनाने के लिए डिक्की मध्य प्रदेश चैप्टर की पहल को आमजनों का भरपूर सहयोग मिला। इस मौके पर राजधानी भोपाल स्थित बोर्ड ऑफिस चौराहे पर हुए कार्यक्रम को पूरी तरह से कचरा मुक्त यानी ‘जीरो वेस्ट’ जोन रखा गया। लोगों ने जिम्मेदारी निभाते हुए खुद कचरा, बॉलट प्लास्टिक आदि दिखाई देने पर इसे डस्टबिन में डाला। लोग सेल्फ वॉलेंटियर बने। डिक्की म. प्र. चैप्टर के उपाध्यक्ष डाॅ. पंकज पाटिल ने कहा कि डॉ. बीआर आंबेडकर ने हमेशा स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को महत्व दिया। इन्हीं विचारों से प्रेरित होकर डिक्की ने बाबा साहेब की जयंती पर 6 हजार उद्यमिता वृक्ष बांटे गए।

482 किलो गीला कचरा और 265 किलो पेपर कप उठाए
डिक्की के वरिष्ठ सदस्य डॉ. मनोज आर्य ने बताया कि बाबा साबेह की जयंती पर बोर्ड ऑफिस चौराहे पर अनेक सामाजिक संस्थाओं ने भोजन, प्रसादी, जलपान, शरबत, चाय-काफी, पानी आदि खाद्य पदार्थों का वितरण किया। कार्यक्रम को जीरो वेस्ट बनाने में सार्थक संस्था तथा सर्च एंड रिसर्च डेवलपमेंट सोसाइटी का सहयोग मिला। सार्थक संस्था के अध्यक्ष इम्तियाज अली ने बताया कि इवेंट में पेपर कप 265 KG, पुट्ठा 42 KG, प्लास्टिक बॉटल 7.5 KG, पानी पाऊच 3 KG, ग्रे बोर्ड- 62 KG, फूड वेस्ट (गीला कचरा) 482 KG, टेट्रा पैक 18 KG एकत्रित किए गए।

गीला-सूखा कचरा रीसाइकिलिंग के लिए भेजा गया
कार्यक्रम स्थल से निकले सूखे कचरे को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 के अनुरूप रीसाइकलिंग के लिए मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी ट्रांसपोर्ट नगर भेजा गया। जहां पर इसका प्रथक्करण कर रीसाइकलिंग के लिए भेजा जाएगा। गीले कचरे से खाद बनाने हेतु उपरोक्त भोजन अपशिष्ट एवं फलों के अवशेष को कम्पोस्ट यूनिट में भेजा गया है, जिससे खाद बनाई जाएगी। नगर निगम भोपाल मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इसमें अपना सहयोग प्रदान किया।

जीरो वेस्ट इवेंट के दौरान क्या खास रहा?
– भोजन, प्रसादी, चाय, शरबत आदि के लिए सिंगल यूज प्लास्टिक के स्थान पर दोना-पत्तल और कागज से बने डिस्पोजल यूज हुए।
– 20 से अधिक स्थानों पर शीतल और स्वच्छ जल उपलब्ध रहा। वॉलेंटियर ने डिस्पोजल का संग्रहण किया।
– कार्यक्रम स्थल पर 50 से अधिक स्थानों पर डस्टबिन रखे गए। कचरे संग्रहण के लिए वॉलेंटियर तैनात रहे।
– एमआरएफ यानी मटेरियल रिकवरी फेसिलिटी बनाई गई। जहां कचरे का संग्रहण कर इसका प्रथक्करण हुआ।
– प्रथक्करण के बाद सूखे तथा गीले कचरे को नगर निगम के कचरा संग्रहण केन्द्रों तक पहुंचाया गया।
– कार्यक्रम स्थल के चारों तरफ ‘‘जीरो वेस्ट कार्यक्रम ’’ के बोर्ड लगाएं गए।
– लोगों से निर्धारित स्थान पर ही कचरा फेंकने और सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग न करने की अपील की गई । जो संस्थाएं भूलवश प्लास्टिक डिस्पोजल लेकर आई उन्हे डिक्की ने कागज व पत्तो से बने डिस्पोजल दिये।
– कार्यक्रम स्थल पर समाज के प्रत्येक व्यक्ति से स्वच्छता के लिए प्रण का आव्हान किया गया।
– पर्यावरण संरक्षण के लिए 6 हजार से ज्यादा उद्यमिता वृक्ष का वितरण किया गया।
– कार्यक्रम के बाद स्थल पूर्णत: साफ करने के बाद समापन हुआ।
– संयुक्त राष्ट्र सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल एवं बाबा साहेब के विचारों में भी है स्वच्छता का संकल्प।
– जीरो वेस्ट कार्यक्रम स्वच्छ भारत मिशन की अवधारणा को जन-जन तक पहुंचाने में कारगर साबित हुआ।
– एससी-एसटी समाज में स्वच्छता के प्रति जागरुकता की अलख को प्रोत्साहित करने में आयोजन सफल रहा।

जीरो वेस्ट आंबेडकर जयंती के लिए ये संगठन साथ आए
डिक्की मध्य प्रदेश चैप्टर की इस पहल को समाज के हर वर्ग से समर्थन मिला। ‘जीरो वेस्ट अंबेडकर जयंती 2024’ के मौके पर अजाक्स, बुद्धभूमि धम्मदूत संघ, अहिरवार समाज, महार समाज संगठन, बुद्धिस्ट समाज विकास समिति, ऑल इंडिया बुद्धिस्ट, एससी एसटी संघ, वांटेड टाइम्स, रिपब्लिक पार्टी ऑफ इंडिया, बीएसपी, डॉ आंबेडकर म्यूजिकल सोसायटी, परिनिर्वाण भूमि सम्मान कार्यक्रम समिति, नवयुवक अहिरवार समाज संगठन आदि शामिल हुए। सभी संगठनों ने बाबा साहेब के स्वच्छता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

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