भैरुंदा में कल विकास का महाकुंभ, मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री करेंगे 2024 करोड़ की सडक़ परियोजनाओं का आगाज
17 राज्यों के प्रतिनिधि बनेंगे साक्षी, जिले को मिलेगी 165 करोड़ की 81 नई सडक़ों की सौगात

सीहोर। जिले का भैरुंदा क्षेत्र कल (रविवार) ऐतिहासिक विकास कार्यों का केंद्र बनने जा रहा है। 10 मई को आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान शिरकत करेंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना और पीएम जनमन योजना का प्रदेश व्यापी शुभारंभ किया जाएगा। कार्यक्रम की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें देश के 17 राज्यों के प्रतिनिधि और अधिकारी भी शामिल हो रहे हैं।

शनिवार को कार्यक्रम की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए कलेक्टर बालागुरू के., केंद्रीय कृषि मंत्री के सचिव प्रवीण सिंह और एसपी सोनाक्षी सक्सेना ने आयोजन स्थल का सघन दौरा किया। उनके साथ जिला पंचायत सीईओ सर्जना यादव, एएसपी सुनीता रावत और बुधनी विधायक रमाकांत भार्गव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। अधिकारियों ने सुरक्षा, बैठक व्यवस्था और वीवीआईपी प्रोटोकॉल का बारीकी से निरीक्षण किया।
प्रदेश और जिले को क्या मिलेगा
राज्य स्तरीय कार्यक्रम के माध्यम से मध्य प्रदेश के ग्रामीण बुनियादी ढांचे को नई मजबूती मिलेगी। मध्य प्रदेश स्तर पर प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना-आईवी के तहत 1763 करोड़ रुपये की लागत से 2117 किलोमीटर लंबी 963 सडक़ों का निर्माण होगा। इससे प्रदेश की 987 बसाहटें सीधे तौर पर लाभान्वित होंगी। जिले के विकास के लिए 165 करोड़ रुपये की लागत से 209 किलोमीटर लंबी 81 नई सडक़ें स्वीकृत की गई हैं। इन सडक़ों के बनने से जिले की 84 बसाहटों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए संचालित इस योजना के तहत 261 करोड़ रुपये की लागत से 384 किलोमीटर लंबी सडक़ों को मंजूरी दी जाएगी, जिससे 168 बसाहटें मुख्यधारा से जुड़ेंगी।्र
देशभर से जुटेंगे दिग्गज और जनप्रतिनिधि
कार्यक्रम में केंद्रीय और राज्य सरकार के कई कद्दावर चेहरे मंच साझा करेंगे। इसमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी और कमलेश पासवान शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, असम, ओडिशा, गुजरात, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान और लद्दाख जैसे 17 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि इस विकास महाकुंभ का हिस्सा बनेंगे।
विकास को मिलेगी नई रफ्तार
इन परियोजनाओं के शुभारंभ से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापारिक गतिविधियों को जबरदस्त गति मिलेगी। बेहतर सडक़ संपर्क से किसानों को अपनी उपज मंडी तक पहुंचाने में आसानी होगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।



