Newsआष्टाइछावरजावरधर्मनसरुल्लागंजबुदनीमध्य प्रदेशरेहटीसीहोर

सावन के पहले सोमवार पर आज शाम 4 बजे सीवन नदी तट से निकलेगी भव्य कांवड़ यात्रा

कुबेरेश्वरधाम तक निकाली जाएगी 11 किमी लंबी पैदल यात्रा

सीहोर। पवित्र सावन माह के प्रथम सोमवार के पावन अवसर पर आज सीहोर शहर में भक्ति और आस्था का अनोखा उत्साह देखने को मिल रहा है। विठलेश सेवा समिति नगर इकाई के तत्वावधान में आज शाम ठीक 4 बजे सीवन नदी के पवित्र तट से एक भव्य कांवड़ यात्रा का शुभारंभ होगा। यह कांवड़ यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए करीब 11 किलोमीटर की पैदल दूरी तय कर प्रसिद्ध कुबेरेश्वरधाम पहुंचेगी, जहां कांवडि़ए भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे।
कांवड़ यात्रा का विधिवत प्रस्थान शाम 4 बजे निर्धारित किया गया है, लेकिन श्रद्धालुओं और कांवडिय़ों का उत्साह अलसुबह से ही देखने को मिल रहा है। सुबह से ही बड़ी संख्या में शिवभक्त सीवन नदी के तट पर एकत्र होने लगे हैं। श्रद्धालु सीवन नदी से पवित्र जल भरकर कांवड़ सजा रहे हैं। पूरा क्षेत्र हर-हर महादेव और श्री शिवाय नमस्तुभ्यं के गूंजते जयकारों से शिवमय हो चुका है।
श्रद्धालुओं के लिए नि:शुल्क व्यवस्थाएं
शाम 4 बजे शुरू होने वाली इस 11 किलोमीटर लंबी यात्रा में हजारों शिवभक्तों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए व्यापक तैयारियां की गई हैं। यात्रा मार्ग में विभिन्न समाजसेवी संगठनों और शिवभक्तों द्वारा जगह-जगह सेवा स्टॉल लगाए गए हैं। इन स्टॉलों पर कांवडिय़ों के लिए नि:शुल्क शुद्ध पेयजल, चाय, फलाहार और भोजन प्रसादी की व्यवस्था की गई है। कुबेरेश्वरधाम परिसर में भी श्रद्धालुओं के विश्राम और भोजन प्रसादी के विशेष इंतजाम किए गए हैं।
पंडित प्रदीप मिश्रा ने दिया संदेश
कांवड़ यात्रा के अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने शिवभक्तों को प्रेरित करते हुए कहा भगवान शिव पर पूर्ण विश्वास रखो, लेकिन अपना कर्म करना कभी मत छोड़ो। ईश्वर भी उसी का साथ देते हैं जो स्वयं पूरे समर्पण के साथ प्रयास करता है।
सावन के हर सोमवार को निकलेगी कांवड़ यात्रा
विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित ने बताया कि समिति द्वारा सावन माह के प्रत्येक सोमवार को इसी तरह कांवड़ यात्रा आयोजित की जाएगी। आज शाम 4 बजे सीवन नदी तट से शुरू होने वाली यह यात्रा ढोल-नगाड़ों, भज-.कीर्तन और शिव जयकारों के साथ कुबेरेश्वरधाम के लिए रवाना होगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Gli amici spesso consigliano di aprire un blog, ma i loro suggerimenti non funzionano sempre: obiettivi, pubblico e strumenti richiedono valutazioni precise. Per evitare errori, conviene esaminare meglio il tema. In autunno, ecco cosa accade al fegato chiudi il coperchio: i germi volano Tra scrivere ogni giorno e pubblicare solo quando nasce un'idea forte, ho sempre preferito il secondo metodo: un blog personale cresce meglio con una voce riconoscibile, anche se gli aggiornamenti arrivano meno spesso.