सीहोर में पुरी की तर्ज पर निकलेगी भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा, 100 से अधिक गांवों को आमंत्रण

सीहोर। आस्था और भक्ति का अनूठा संगम आगामी 16 जुलाई को शहर में देखने को मिलेगा। शहर के प्राचीन जगदीश मंदिर छावनी से भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा जी की भव्य रथ यात्रा पूरी भव्यता के साथ निकाली जाएगी। परमार क्षत्रिय समाज ट्रस्ट के तत्वाधान में लगातार 66वें वर्ष आयोजित होने वाली यह ऐतिहासिक यात्रा विभिन्न मार्गों से होती हुई संजय टाकीज स्थित स्वर्णकार समाज मंदिर पहुंचेगी।
इस धार्मिक उत्सव को लेकर न केवल शहर, बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी भारी उत्साह है। आयोजन समिति द्वारा अब तक 100 से अधिक गांवों में श्रद्धालुओं को रथ यात्रा में शामिल होने के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है।
रथ यात्रा से पहले दो दिनों तक चलेगा विशेष अभिषेक
पुरी की जगन्नाथ रथ यात्रा की परंपराओं का निर्वहन करते हुए मुख्य यात्रा से पूर्व जगदीश मंदिर में 14 और 15 जुलाई को विशेष अभिषेक और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा। पूर्व चल समारोह अध्यक्ष सुरेश गब्बर परमार ने बताया कि 16 जुलाई की सुबह मंदिर परिसर में महाआरती होगी, जिसके बाद भगवान जगन्नाथ, बलदाऊ भैया और बहन सुभद्रा को रथों पर विराजमान कर नगर भ्रमण पर रवाना किया जाएगा।
हाथों से रथ खींचेंगे श्रद्धालु
इस रथ यात्रा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि पुरी की तर्ज पर यहां भी श्रद्धालु भगवान के रथ को अपने हाथों से खींचते हैं। मान्यता है कि रथ खींचने से पुण्य लाभ होता है और सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। यात्रा में ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली प्रसिद्ध भजन-कीर्तन मंडलियां, आकर्षक बैंड-बाजे, ढोल, डीजे और भव्य धार्मिक झांकियां शामिल होंगी। छावनी सहित पूरे यात्रा मार्ग पर विभिन्न सामाजिक संगठनों, व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों द्वारा मंच बनाकर पुष्प वर्षा की जाएगी और महाप्रसाद का वितरण होगा। इस वर्ष चल समारोह के अध्यक्ष भंवर लाल परमार के नेतृत्व में समाज की टीमें कंधे से कंधा मिलाकर प्रचार-प्रसार में जुटी हुई हैं। ग्राम तकीपुर सहित कई क्षेत्रों में निमंत्रण पत्र बांटे गए हैं। इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में परमार समाज के प्रांतीय अध्यक्ष सूरज सिंह, चंदर सिंह मंडलोई, वरिष्ठ तुलसीराम पटेल, कमल पटेल, मुकेश परमार, विष्णु परमार, शिव परमार, भगीरथ परमार, अनारसिंह परमार, देवनारायण परमार, दशरथ सिंह परमार, भगवान सिंह परमार, मनोहर परमार, लखन परमार, महेंद्र परमार और विक्रम परमार सहित बड़ी संख्या में युवा और बुजुर्ग मार्गदर्शन व सहयोग दे रहे हैं।



