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किसान के अपहरण और जबरन जमीन हड़पने के विरोध में कलेक्ट्रेट पर ‘महासंग्राम’

सीहोर। बिलकिसगंज थाना अंतर्गत ग्राम ढाबला में एक वृद्ध किसान के सनसनीखेज अपहरण और मौत का डर दिखाकर उसकी करोड़ों की जमीन हड़पने का मामला अब पूरी तरह गरमा गया है। गुरुवार को इस वारदात के विरोध में समाजसेवी सुरेंद्र सिंह मेवाड़ा के नेतृत्व में सैकड़ों किसानोंए मेवाड़ा समाजजनों और पीड़ित परिवार ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया। ग्रामीणों ने बिलकिसगंज पुलिस की सुस्त कार्यप्रणाली पर कड़ा आक्रोश जताते हुए आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
कलेक्ट्रेट गेट पर धरना, घंटों चला हंगामा
गुरुवार दोपहर बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और बच्चे कलेक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने सीधे कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने की मांग को लेकर परिसर में जमकर हंगामा किया। माहौल तब और तनावपूर्ण हो गया जब ज्ञापन लेने पहुंचे नायब तहसीलदार को प्रदर्शनकारियों ने बैरंग लौटा दिया। लोग अपनी मांगों पर अड़ गए और कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट के सामने ही जमीन पर बैठकर धरना शुरू कर दिया। इस दौरान प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की गई।
डिप्टी कलेक्टर ने दिया आश्वासन, तब शांत हुए ग्रामीण
हंगामे की सूचना मिलते ही डिप्टी कलेक्टर जमील खान मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर शांत कराया और उनकी मांगों का ज्ञापन स्वीकार किया। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद प्रदर्शनकारी एसपी कार्यालय भी पहुंचे और वहां भी आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजने की गुहार लगाई।
फिल्मी अंदाज में हुआ था अपहरण
पीड़त वृद्ध किसान प्रेमसिंह मेवाड़ा ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि 12 मई की सुबह करीब 9.10 बजे जब वे मंदिर दर्शन के लिए निकले थेए तभी एक सफेद कार में आए नकाबपोश बदमाशों ने उन्हें जबरन गाड़ी में खींच लिया।
किसान ने बताया कि बदमाश उन्हें भोपाल ले गए, जहां उन्हें और उनके बच्चों को जान से मारने की धमकी दी गई। बदमाशों ने आधुनिक मशीनों के जरिए जबरदस्ती उनके फिंगरप्रिंट लिए और आंखों की रेटिना तक स्कैन की। इस डरावने खेल के जरिए उनकी 7.64 एकड़ जमीन की जबरन लिखा-पढ़ी रजिस्ट्री करा ली गई। शाम 6 बजे उन्हें भोपाल के जवाहर चौक पर यह कहकर छोड़ दिया गया कि यदि पुलिस के पास गए तो अंजाम बुरा होगा।
पुलिस की नाकेबंदी से घबराए बदमाश
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सोनाक्षी सक्सेना ने स्वयं मोर्चा संभाला था। पुलिस की चौतरफा नाकेबंदी और भारी दबाव के चलते अपहरणकर्ता घबरा गए और किसान को भोपाल में बीच सडक़ पर छोडक़र फरार हो गए। एसडीओपी पूजा शर्मा ने बताया कि आरोपियों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही वे पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
ग्रामीणों और समाजसेवी सुरेंद्र सिंह मेवाड़ा ने प्रशासन के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी है कि अपहरण कांड को अंजाम देने वाले सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी हो। डरा-धमकाकर जबरन कराई गई जमीन की रजिस्ट्री को तुरंत निरस्त किया जाए। पीडि़त परिवार को पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाएए क्योंकि वे अब भी दहशत में हैं।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही न्याय नहीं मिला तो वे उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। फिलहाल किसान की सुरक्षित घर वापसी से गांव में राहत है, लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से रोष बरकरार है।

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