ऐतिहासिक नर्मदा आंवलीघाट पर चला विशेष स्वच्छता अभियान, कलेक्टर के निर्देश पर साफ किए गए घाट
ग्रामीणों और श्रद्धालुओं से की अपील, पवित्र घाटों पर न फैलाएं गंदगी, जल संरक्षण में दें योगदान

सीहोर। प्रदेशव्यापी जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जिले में जल स्रोतों के संरक्षण और उनकी साफ सफाई को लेकर व्यापक स्तर पर काम शुरू हो गया है। इसी कड़ी में रविवार को जिले के ऐतिहासिक नर्मदा आंवलीघाट पर एक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। कलेक्टर बालागुरु के. के मार्गदर्शन और निर्देशों पर आयोजित इस अभियान के दौरान बुधनी जनपद पंचायत के अधिकारियों और कर्मचारियों ने आंवलीघाट पहुंचकर खुद मोर्चा संभाला और घाट परिसर की सघन सफाई की।
बुधनी जनपद के अंतर्गत आने वाला नर्मदा आंवलीघाट श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों की आस्था का एक बड़ा केंद्र है। यहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग नर्मदा स्नान और पूजन के लिए पहुंचते हैंए जिससे घाटों पर कई बार पूजन सामग्री और अन्य कचरा जमा हो जाता है।
अभियान के तहत जनपद पंचायत के अमले ने आंवलीघाट के चप्पे-चप्पे की सफाई की। टीम ने घाट की सीढिय़ों, पानी के किनारे जमा प्लास्टिक, पुरानी पूजन सामग्री, फटे कपड़े और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को पूरी तरह से हटाकर इक_ा किया और उसका सुरक्षित निपटारा किया। कर्मचारियों की इस तत्परता से आंवलीघाट परिसर बेहद स्वच्छ और सुंदर नजर आने लगा है।
दिलाई स्वच्छता की शपथ
सफाई कार्य करने के साथ-साथ प्रशासनिक टीम ने आंवलीघाट पर मौजूद स्थानीय दुकानदारों, ग्रामीणों और बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छता के प्रति जागरूक भी किया। अधिकारियों ने आम जनता से आह्वान किया कि मां नर्मदा के इस पवित्र तट को साफ रखना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। लोगों को समझाया गया कि वे घाटों पर गंदगी न फैलाएं, कचरा हमेशा डस्टबिन में ही डालें और नदियों को प्रदूषित होने से बचाएं।
जिले भर में चल रही हैं जल संरक्षण की गतिविधियां
बता दें कलेक्टर बालागुरु के. के कड़े रुख और निगरानी के चलते पूरे जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत लगातार अनेक जल संरक्षण और स्वच्छता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक जल स्रोतों जैसे नदी, तालाब, कुएं और बावडियों को पुनर्जीवित करना और उन्हें स्वच्छ बनाना है, ताकि आने वाली गर्मियों में जल संकट से निपटा जा सके।



