सलकनपुर में तेंदुए के बाद अब मिडघाट पर रेलवे ट्रैक के पास दिखा बाघ

सीहोर। जिले के जंगलों और पहाड़ी इलाकों में इन दिनों हिंसक वन्यजीवों की सक्रियता तेजी से बढ़ गई है। दो दिन पहले प्रसिद्ध धार्मिक स्थल सलकनपुर देवी मंदिर परिसर में दो शावकों के साथ तेंदुए के दिखने के बाद अब बुधनी के मिडघाट क्षेत्र में एक बाघ नजर आया है। सतपुड़ा की वादियों और घने जंगलों के बीच रेलवे ट्रैक के पास बनी एक पुलिया के नीचे बाघ शांत मुद्रा में बैठा दिखाई दिया। ड्यूटी पर तैनात रेलवे कर्मचारियों ने इस दुर्लभ नजारे को अपने मोबाइल में कैद कर लिया, जिसके बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
बता दें कि इस घटना से ठीक दो दिन पहले ही सलकनपुर मंदिर मार्ग और परिसर के पास एक तेंदुआ अपने दो छोटे शावकों के साथ घूमता हुआ नजर आया था। यह पूरी गतिविधि वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई थी, जिसके बाद से ही वन विभाग इस पूरे इलाके पर नजर रखे हुए था। अब मिडघाट पर बाघ के मूवमेंट ने वन अमले की चिंता और बढ़ा दी है।
हॉर्न की आवाज के बाद भी टस से मस नहीं हुआ बाघ
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बाघ रेलवे पुलिया के नीचे ठंडी छांव में बेहद बेखौफ और शांत अंदाज में आराम कर रहा है। वहां से गुजर रहे रेलवे के विशेष वाहन और ट्रैक पर काम कर रहे कर्मचारियों द्वारा तेज हॉर्न बजाने के बाद भी बाघ अपनी जगह से नहीं हिला। वह काफी देर तक वहीं बैठा रहा, मानो उसे आसपास की इंसानी गतिविधियों से कोई फर्क ही न पड़ रहा हो।
रातापानी और सतपुड़ा कॉरिडोर से जुड़ा है क्षेत्र
बुधनी का यह मिडघाट क्षेत्र रातापानी अभयारण्य और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के कॉरिडोर से जुड़ा हुआ है। घना जंगल और पहाड़ी इलाका होने के कारण यहां अक्सर बाघ, तेंदुए और अन्य वन्यजीवों की आवाजाही बनी रहती है। वन अधिकारियों के मुताबिक मौसम बदलने और बारिश की शुरुआत के दौरान वन्यजीव अक्सर पानी और सुरक्षित छांव की तलाश में रेलवे ट्रैक और सडक़ों के करीब आ जाते हैं।
वन विभाग ने बढ़ाई गश्त
बाघ का वीडियो सामने आने के बाद वन विभाग तुरंत अलर्ट मोड पर आ गया है। वन्यजीव और स्थानीय लोगों की सुरक्षा को देखते हुए क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है ताकि बाघ आबादी वाले इलाकों की तरफ न रुख करे। इसके साथ ही वन विभाग ने ग्रामीणों, मवेशी चराने वालों और पर्यटकों से अपील की है कि वे जंगल के अंदरूनी रास्तों पर अकेले न जाएं। विभाग ने सख्त चेतावनी दी है कि वीडियो वायरल होने के बाद लोग बाघ को देखने या उसके साथ सेल्फी लेने के लिए रेलवे ट्रैक के पास न जाएं, क्योंकि ऐसा करना जानलेवा साबित हो सकता है। किसी भी वन्यजीव के दिखने पर तुरंत स्थानीय वन चौकी या हेल्पलाइन को सूचना देने को कहा गया है।



