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जयश्री गायत्री पनीर फैक्ट्री में बनने वाले खाद्य पदार्थों में मिलाई जाती थी पशुओं की चर्बी

- ईओडब्ल्यू ने की थी गत दिवस कार्रवाई, अक्टूबर-2023 में एफएसएसएआई ने किया था फूड लाइसेंस निरस्त

सीहोर। जिला मुख्यालय के नजदीकी पिपलियामीरा में स्थित जयश्री गायत्री पनीर फैक्ट्री में बनने वाले कैमिकलयुक्त पदार्थों में पशुओं की चर्बी का भी उपयोग किया जाता था। इसका खुलासा एफएसएसएआई द्वारा जारी की गई रिपोर्ट में हुआ है। एफएसएसएआई ने अक्टूबर-2023 में पनीर फैक्ट्री का लाइसेंस भी निरस्त कर दिया था, लेकिन उसके बाद भी लगातार मिलीभगत से फैक्ट्री का संचालन होता रहा। इधर ईओडब्ल्यू द्वारा की गई कार्रवाई के बाद कई अहम दस्तावेजों की भी जांच की गई है, जिसमें कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। ईओडब्ल्यू ने पैन डाईव, कम्प्यूटर हार्डडिस्क सहित कई अन्य डिजिटल दस्तावेज जप्त किए थे। अब इनकी सर्चिंग की जा रही है।
जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स लिमिटेड (पनीर फैक्ट्री) सहित फैक्ट्री संचालक किशन मोदी एवं उससे जुड़े पांच ठिकानों पर छापामार कार्रवाई के बाद कई खुलासे सामने आ रहे हैं। ईओडब्ल्यू में सामाजिक कार्यकर्ता भगवान सिंह राजपूत ने करीब 7 पेजों की शिकायत मय दस्तावेजों के की थी। इसके बाद ईओडब्ल्यू की टीम ने जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स लिमिटेड के ठिकानों पर छापामार कार्रवाई करके कई अहम दस्तावेजों को जप्त किया है।

मिलावट में पहले भी हुई थी जेल, अभी वेल पर हैं –
जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स लिमिटेड के संचालक किशन मोदी सीहोर में संचालित अपनी पनीर फैक्ट्री में कैमिकलयुक्त खाद्य पदार्थ बनाते थे। इनमें जमकर पॉमआयल सहित कैमिकल का उपयोग किया जाता था। हालांकि मिलावट का काम ये सिर्फ यहां पर ही नहीं, बल्कि इससे पहले से करते आ रहे थे। बताया जाता है कि किशन मोदी मुरैना से भगोड़े हैं। वे 2007 से पहले वहां पर नकली घी का काम करतेे थे, लेकिन इसकी शिकायत हुई तो वहां से भाग गए। इसके बाद उन्हें राजस्थान के धौलपुर जिले से पकड़ा गया था। वे वर्तमान में वेल पर चल रहे हैं, लेकिन खेल अब भी नकली खाद्य पदार्थों का ही कर रहे हैं।

कुबेरेश्वर धाम में भी बंटवाया था प्रसाद-
कैमिकल्स एवं पशुओं की चर्बी का प्रयोग करने वाली पनीर फैक्ट्री के संचालक द्वारा पिछले दिनों कुबेरेश्वर धाम में भी प्रसादी का वितरण करवाया गया था। इसके अलावा यहां पर बनने वाले खाद्य पदार्थ विदेशों में भी सप्लाई किए जाते थे। बड़े पैमाने पर विदेशों में जयश्री गायत्री पनीर फैक्ट्री से बनने वाले मिल्क पदार्थ बाहर भेजे जाते थे। मिल्क मैजिक के नाम से उनके उत्पादों की बिक्री की जाती थी।

इस बार नहीं हो सकी सैटिंग, खेल खत्म –
जयश्री गायत्री पनीर फैक्ट्री के संचालक किशन मोदी लंबे समय से जिला प्रशासन सहित प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जिम्मेदारों के साथ मिलीभगत करके जहरीले खाद्य पदार्थों को बनाने के साथ में बिक्री भी कर रहे थे। फैक्ट्री संचालक पर कई बार कार्रवाई की गई, लेकिन हमेशा से सैटिंग का खेल चलता रहा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा भी कई बार नोटिस दिए गए, लेकिन सख्त कार्रवाई नहीं की गई। इस बार जिला प्रशासन एवं कलेक्टर प्रवीण सिंह भी मिलावट के खिलाफ खड़े हुए और इसका नतीजा यह हुआ कि पहले फैक्ट्री के संचालन पर रोक लगाई गई और अब ईओडब्ल्यू द्वारा कार्रवाई की गई है। इससे पहले आयकर विभाग की टीम ने भी छापामार कार्रवाई की थी।

इनका कहना है –
जयश्री गायत्री पनीर फैक्ट्री संचालक द्वारा नियमों को दरकिनार करके फैक्ट्री का संचालन किया जाता रहा है। यहां बनने वाले खाद्य पदार्थों में पशुओं की चर्बी का भी उपयोग किया जाता था। ऐसे लोगों को फांसी से कम सजा नहीं होनी चाहिए।
– भगवान सिंह राजपूत, सामाजिक कार्यकर्ता एवं शिकायतकर्ता

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