
सीहोर। अगर आज आप बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम, जैसे चेक लगाना, ड्राफ्ट बनवाना या कैश निकालना चाह रहे हैं तो रुक जाइए। अपनी लंबित मांगों को लेकर आज शुक्रवार को जिले सहित पूरे मध्यप्रदेश के 40 हजार से अधिक बैंक कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। इसके चलते बैंकों में काम-काज पूरी तरह ठप हो गया है।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर यह प्रदेशव्यापी प्रदर्शन किया जा रहा है। भले ही बैंककर्मियों की हड़ताल केवल एक दिन की है, लेकिन इसका असर आम जनता पर लगातार 3 दिनों तक पड़ेगा। भले ही हड़ताल केवल 1 दिन आज शुक्रवार की है, लेकिन इसका असर आम जनता को लगातार 3 दिनों तक झेलना पड़ेगा। शनिवार और रविवार को नियमित वीकली ऑफ/सरकारी छुट्टी है। नतीजतन, चेक क्लियरेंस, ड्राफ्ट और कैश ट्रांजेक्शन से जुड़े तमाम बड़े काम अब सीधे सोमवार को ही हो सकेंगे।
बता दें वर्तमान नियम महीने के केवल दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी मिलती है, लेकिन यूनियन की मांग है कि हर शनिवार छुट्टी घोषित कर बैंकों में लागू हो 5-डे वीक। यूनियन ने शनिवार की छुट्टी के बदले सोमवार से शुक्रवार रोजाना 40 मिनट ज्यादा काम करने को तैयार। यूनियन का कहना है कि सरकार कर्मचारियों की जायज मांगों को लगातार पेंडिंग रख रही है। वार्ता का दौर बेनतीजा रहने के बाद बैंककर्मियों के पास हड़ताल के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा।
यह मांगे
पीएलआई योजना का विरोध: स्केल-4 और उससे ऊपर के अफसरों के लिए लागू नई पीएलआई योजना को भेदभावपूर्ण बताकर वापस लेने की मांग।
पेंशन और एनपीएस का मुद्दा: एनपीएस को खत्म कर पुरानी पेंशन योजना लागू करना और पेंशन अपडेशन की समीक्षा।
भर्ती की मांग: बैंकों में क्लर्क, सब-स्टाफ और आम्र्ड गाड्र्स के खाली पड़े पदों पर तुरंत भर्ती की जाए।
चेतावनी, सितंबर के आखिरी हफ्ते में 5 दिन ताले
अगर सरकार ने अब भी सुध नहीं ली तो आने वाले दिनों में मुसीबत और बढ़ेगी, बैंक यूनियंस ने साफ कर दिया है कि सितंबर के आखिरी हफ्ते में फिर से बड़ा झटका लगेगा, क्योंकि 26 और 27 सितंबर को शनिवार-रविवार की छुट्टी रहेगी। जबकि 28 से 30 सितंबर तक लगातार 3 दिनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल रहेगी। यानी लगातार 5 दिनों तक बैंक पूरी तरह ठप रह सकते हैं।