विधायक राय के निरीक्षण के बाद एक्शन में आया विभाग, सुपरवाइजर, कार्यकर्ता और समूह अध्यक्ष को कारण बताओ नोटिस, 3 दिन का अल्टीमेटम

सीहोर। बिछिया आंगनबाड़ी केंद्र में विधायक सुदेश राय द्वारा किए गए औचक निरीक्षण के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग तुरंत एक्शन मोड में आ गया है। निरीक्षण के दौरान पाई गई गंभीर अनियमितताओं और अव्यवस्थाओं पर गाज गिरना शुरू हो गई है। विभागीय जिला अधिकारी के निर्देश पर परियोजना अधिकारी द्वारा श्यामपुर क्षेत्र की पर्यवेक्षक चंद्रश्री चौरसिया, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता रजनी दांगी और भोजन व्यवस्था संभालने वाले किरण स्व सहायता समूह की अध्यक्ष लीलावती को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। विभाग ने सभी संबंधितों को 3 दिन के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का अल्टीमेटम दिया है, जिसके बाद कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

बता दें विधायक सुदेश राय ने 9 सितंबर को बिछिया स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान केंद्र की पोल खुल गई। बच्चों को पौष्टिक आहार के नाम पर केवल उबले हुए पीले चावल परोसे जा रहे थे, जो कि शासन द्वारा तय मेन्यू के सर्वथा विपरीत था। जब विधायक ने बच्चों से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि उन्हें कभी भी मेन्यू के अनुसार नाश्ता और भोजन नहीं दिया जाता। इसके अलावा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता रजनी दांगी बिना किसी पूर्व अनुमति के केंद्र से अनुपस्थित पाई गईं।
निरीक्षण में सामने आईं लापरवाहियां
विधायक के निरीक्षण में सामने आया कि पर्यवेक्षक चंद्रश्री चौरसिया द्वारा सेक्टर के केंद्रों की नियमित मॉनिटरिंग और निरीक्षण नहीं किया जा रहा था, जिससे स्व सहायता समूह को अनुचित लाभ मिल रहा था। इसके साथ ही किरण स्व सहायता समूह की अध्यक्ष लीलावती द्वारा कई दिनों से बच्चों को मेन्यू के अनुसार खाद्यान्न न देकर शासन की महत्वाकांक्षी पोषण आहार योजना में पलीता लगाया जा रहा था। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता रजनी दांगी की अनुपस्थिति और उदासीनता के कारण केंद्र की व्यवस्थाएं पूरी तरह ठप थीं।
बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं
आंगनबाड़ी केंद्र में पसरी अव्यवस्थाओं पर विधायक सुदेश राय ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल प्रभाव से सुधार के निर्देश दिए। विधायक सुदेश राय ने स्पष्ट कहा प्रदेश सरकार द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग को आंगनबाडिय़ों के माध्यम से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण पोषण आहार देने के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया जा रहा है। बजट की कोई कमी नहीं है, लेकिन धरातल पर क्रियान्वयन में लापरवाही बरती जा रही है। बच्चे हमारे हृदय के टुकड़े हैं, उनके पोषण आहार और स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही या खिलवाड़ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Exit mobile version