
सीहोर। अक्षय तृतीया के अबूझ मुहूर्त पर होने वाले बाल विवाहों को रोकने के लिए जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। कलेक्टर बालागुरू के. ने जिले में ‘बालिका वधू’ बनने की कुप्रथा को रोकने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। आगामी 20 अप्रैल को अक्षय तृतीया के अवसर पर होने वाली संभावित घटनाओं की निगरानी के लिए ग्राम स्तर तक जाल बिछाया गया है।
प्रशासनिक निर्देशों के अनुसार बाल विवाह रोकने के लिए जिला और विकासखंड स्तर पर विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। ग्राम स्तर पर बाल संरक्षण समितियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं और पंचायत सचिवों को सक्रिय कर दिया गया है। इन सभी को निर्देशित किया गया है कि वे अपने क्षेत्र में होने वाले हर विवाह पर नजर रखें और किसी भी संदिग्ध कम उम्र में विवाह मामले की सूचना तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को दें।
हेल्पलाइन नंबरों पर करें शिकायत, नाम रहेगा गुप्त
विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि बाल विवाह एक अपराध है और इसे रोकने में समाज की भागीदारी जरूरी है। यदि कहीं भी बाल विवाह की तैयारी चल रही होए तो नागरिक इन नंबरों पर सूचना दे सकते हैं, जिसमें चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 181 पुलिस आपातकालीन सेवा 112 शािमल है। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गुप्त रखी जाएगी। इसके अलावा जिले के वन स्टॉप सेंटर को भी 24 घंटे सक्रिय रहने को कहा गया है, ताकि पीडि़त बालिकाओं को तत्काल आश्रय परामर्श और कानूनी मदद दी जा सके।
होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
महिला एवं बाल विकास विभाग ने चेतावनी दी है कि बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत बाल विवाह करना, करवाना या उसमें किसी भी तरह से सहयोग करना जैसे पंडित, हलवाई, टेंट वाले या बैंड बाजे वालेद्ध कानूनन अपराध है। पकड़े जाने पर संबंधित पक्षों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
समन्वय से काम करेंगे विभाग
बाल विवाह की रोकथाम के लिए पुलिस, राजस्व विभाग, शिक्षा विभाग और महिला बाल विकास विभाग के बीच बेहतर तालमेल बनाया गया है। पुलिस बल के साथ उडऩदस्ते तैयार किए गए हैं जो सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर विवाह रुकवाने और आयु प्रमाण पत्र की जांच करने का काम करेंगे।