बिहार से आए दो मजदूरों के शव नर्मदा से 36 घंटे बाद बरामद

सीहोर। रोजगार की तलाश में लंबी दूरी तय कर बिहार से मध्य प्रदेश आए दो युवकों के लिए नर्मदा की लहरें काल बन गईं। भैरुंदा तहसील के सीलकंठ नाव घाट पर शुक्रवार को हुए दर्दनाक नाव हादसे में लापता हुए दोनों युवकों के शव रविवार को करीब 36 घंटे की मशक्कत के बाद बरामद कर लिए गए हैं। एसडीआरएफ और पुलिस की टीम ने घटनास्थल से दो किलोमीटर दूर टीगाली घाट के पास से लड्डू कुमार और रंजीत कुमार के शवों को बाहर निकाला।
बता दें इस घटना का सबसे दुखद पहलू यह है कि मृतक लड्डू और रंजीत अपने दो अन्य साथियों मुकेश और सोनू के साथ महज चार दिन पहले ही बिहार के पूर्णिया जिले से यहां आए थे। चारों दोस्त नई उम्मीदों के साथ रेत निकालने के काम में जुटे थे, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। रविवार को जब उनके शव पानी से बाहर आए तो किनारे पर मौजूद परिजनों और साथियों की चीख-पुकार से पूरा नर्मदा तट कांप उठा।
लहरों ने पलटी नाव
जानकारी के अनुसार शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे जब ये चारों युवक नाव के जरिए रेत निकालकर लौट रहे थे, तभी अचानक मौसम बिगड़ गया। तेज हवाओं के कारण नदी में ऊंची लहरें उठने लगीं और संतुलन बिगडऩे से नाव बीच धारा में पलट गई। हादसे के वक्त मुकेश और सोनू ने साहस दिखाते हुए तैरकर अपनी जान बचा ली, लेकिन लड्डू और रंजीत गहरे पानी में समा गए।
36 घंटे चला सर्चिंग ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी घनश्याम सिंह दांगी के नेतृत्व में पुलिस बल और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। शुक्रवार शाम और पूरे शनिवार तक गोताखोरों ने नदी की खाक छानी, लेकिन सफलता नहीं मिली। तीसरे दिन रविवार सुबह टीगाली घाट के पास शव तैरते हुए दिखाई दिए। पुलिस ने मर्ग कायम कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेजा, जिसके बाद उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया।
खराब मौसम बना कारण
भैरुंदा थाना प्रभारी घनश्याम सिंह दांगी ने बताया कि शुरुआती जांच में हादसे का कारण खराब मौसम और नाव का असंतुलित होना सामने आया है। रविवार सुबह दोनों लापता युवकों के शव बरामद कर लिए गए हैं। मामले की विस्तृत जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।



