कलेक्ट्रेट जनसुनवाई: समस्याओं के निराकरण की गुहार लेकर पहुंचे कई गांवों के किसान, अपर कलेक्टर ने सुने आवेदन

सीहोर। जिला कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मंगलवार को साप्ताहिक जनसुनवाई का आयोजन किया गया, जिसमें जिले भर से आए 41 आवेदकों ने अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। अपर कलेक्टर ब्रजेश सक्सेना ने नागरिकों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागीय अधिकारियों को समय सीमा में आवेदनों के निराकरण के निर्देश दिए। जनसुनवाई में इछावर एसडीएम स्वाति मिश्रा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
इस दौरान मुख्य रूप से भूमि विवाद, नामांतरण, बंटवारा, मेढ़-रास्ता विवाद, बीपीएल कार्ड, प्रधानमंत्री आवास, वृद्धावस्था पेंशन, मुआवजा और गन लाइसेंस से जुड़े आवेदन प्राप्त हुए। जिला मुख्यालय के साथ-साथ जनपद स्तरीय कार्यालयों में भी जनसुनवाई आयोजित की गई। वहीं दूसरी ओर जनसुनवाई परिसर में कई ग्रामीण व किसान अपनी गंभीर समस्याओं को लेकर विरोध और प्रदर्शन दर्ज कराने भी पहुंचे।

बिछिया में 5 माह से नहीं बांटा राशन
ग्राम बिछिया के ग्रामीणों ने मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचकर शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालक और सेल्समैन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सेल्समैन पिछले 5 महीनों से गांव के बुजुर्गों और गरीब हितग्राहियों से बायोमेट्रिक मशीन पर अंगूठे तो लगवा रहा है, लेकिन राशन का एक दाना भी वितरित नहीं कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि राशन न मिलने से गरीब परिवारों के सामने जीवन यापन का संकट खड़ा हो गया है। जब भी ग्रामीण अपने हक का राशन मांगने जाते हैं तो सोसाइटी संचालक और समिति के शाखा प्रबंधक उनके साथ दादागिरी, गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार करते हैं। ग्रामीणों को डराया-धमकाया भी जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस बड़े राशन घोटाले की निष्पक्ष जांच करानेए दोषियों पर कानूनी कार्रवाई करने और पिछले 5 महीनों का रुका हुआ राशन दिलाने की मांग की है। शिकायत दर्ज कराने वालों में मिथिलेश शर्मा, नीरज दांगी, प्रेमनारायण, धर्मेंद्र नारायण सिंह, आजाद सिंह, जीवन सिंह, जयसिंह, लालसिंह, मनोहर, प्रेमनाराज, अतीक खान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे।

बिजली कंपनी की लापरवाही से झुलसा किसान
ग्राम बड़वेली में खेत में झूल रहे 11 केवी बिजली के तार की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हुए किसान सतीश मेवाड़ा को दो महीने बाद भी न्याय नहीं मिलने से किसानों का गुस्सा भडक़ उठा। मंगलवार को किसान व समाजसेवी एमएस मेवाड़ा के नेतृत्व में करीब 25 गांवों के 500 से अधिक किसान कलेक्ट्रेट और एसपी कार्यालय पहुंचे। किसानों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए डिप्टी कलेक्टर गिरिराज सिंह परिहार और एडिशनल एसपी प्रशांत चौबे को प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।
घायल किसान के बुजुर्ग पिता प्रहलाद सिंह मेवाड़ा ने चेतावनी दी है कि यदि बिजली कंपनी के दोषी अधीक्षण यंत्री, कार्यपालन यंत्री और श्यामपुर सहायक यंत्री पर एफआईआर दर्ज नहीं हुई तो वे अपने घायल बेटे को हाथ ठेले पर लादकर दिल्ली जाएंगे और जंतर-मंतर से पीएमओ तक गुहार लगाएंगे। किसानों ने मांग की है कि जांच रिपोर्ट में दोषी पाए गए अधिकारियों पर केस दर्ज हो, पीड़त किसान को 25 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी मिले।

सेटेलाइट सर्वे से गांवों में बढ़े विवाद
अत्यधिक बारिश से खेतों में खराब हुई सोयाबीन की फसल के पौधे लेकर सेमरा दांगी सहित आसपास के गांवों के किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे और परिसर में बैठकर धरना दिया। किसान नेता बने सिंह दांगी के नेतृत्व में दर्जनों किसानों ने नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम का ज्ञापन तहसीलदार अमित सिंह को सौंपा।
किसान नेता बने सिंह दांगी ने कहा कि राजस्व विभाग द्वारा सेटेलाइट से कराए जा रहे भूमि सीमांकन के कारण जमीनों के नक्शे बदल रहे हैं, जिससे गांवों में किसानों के बीच आपस में विवाद और झगड़े बढ़ रहे हैं। इसके अलावा स्मार्ट मीटर के नाम पर अत्यधिक बिजली बिल भेजने, किसानों पर बिजली चोरी के झूठे केस दर्ज करने और दूध कंपनियों द्वारा पशुपालक किसानों से कम दाम में दूध खरीदकर मनमाने दाम पर बेचने का विरोध किया गया। किसानों ने फसल का तत्काल सर्वे कराकर मुआवजा व बीमा राशि देने और दूध के शासकीय दाम बढ़ाने की मांग रखी। इस मौके पर बलवंत सिंह पटेल, चंद्रभान सिंह, प्रियांशु, धनराज, महेंद्र सिंह, दयाल सिंह, प्रताप सिंह, रेखा बाई, बटन लाल सहित सेमरा दांगी, मुंगावली, दुपारिया, बिछिया, रायपुर, मगरदा, सेमली, झरखेड़ा, सिराली व बमूलिया के किसान उपस्थित रहे।

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