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किसानों के लिए कांग्रेस और संघ ने दिखाई ताकत, किया प्रदर्शन

सीहोर। प्रदेश की राजनीति के केंद्र में किसान हमेशा से यूं तो प्राथमिकता में रहे हैं, लेकिन इसके बाद भी किसानों का संघर्ष कम नहीं हो रहा है। एक तरफ जहां प्रदेश की मोहन सरकार ने किसानों की उपज खरीदने के लिए निर्देश जारी किए हैं तो वहीं किसानों की समस्याओं और उनकी लंबित मांगों को लेकर सीहोर जिले के बुधनी विधानसभा में दो अलग-अलग आयोजनों में कांग्रेस पार्टी और किसान स्वराज संगठन ने प्रदर्शन किया और किसानों की मांगों को पुरजोर तरीके से उठाया। इस दौरान अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपा गया।

भैरूंदा: 44 डिग्री तापमान, खरीदी अव्यवस्था पर सडक़ जाम
भीषण गर्मी और 44 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच भैरूंदा की सडक़ों पर किसानों का गुस्सा खुलकर सामने आया। किसान स्वराज संगठन के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों ने कृषि उपज मंडी से बाइक रैली निकालते हुए दुर्गा चौक पर बीच सडक़ पर कुछ समय के लिए धरना प्रदर्शन करते हुए सरकार और प्रशासन को सीधी चेतावनी दी। हाथों में हल और तख्तियां लिए किसान तपती दोपहर में जमीन पर बैठ गए और खरीदी व्यवस्था की खामियों को लेकर जमकर नारेबाजी की। जहां आमजन गर्मी से बचने घरों में दुबका रहा, वहीं अन्नदाता अपने हक की लड़ाई के लिए सडक़ पर डटा रहा। प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी में कथित अनियमितताएं रहीं। किसानों ने आरोप लगाया कि स्लॉट बुकिंग प्रणाली पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। कई किसान रातभर मोबाइल और कंप्यूटर के सामने बैठे रहते हैं, लेकिन उन्हें स्लॉट नहीं मिल पा रहा। वहीं दूसरी ओर बिना स्लॉट खरीदी के आरोपों ने व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। किसानों का कहना है कि सीमित खरीदी क्षमता, केंद्रों पर अव्यवस्था और बारदानों की भारी कमी ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। छोटे और सीमांत किसानों के साथ भेदभाव के आरोप भी सामने आए हैं। मूंग फसल को लेकर भी किसानों में गहरी नाराजगी देखने को मिली। किसानों का कहना है कि मूंग की फसल कुछ दिनों में पककर तैयार हो जाएगी। बावजूद सरकार ने अब तक समर्थन मूल्य पर खरीदी की कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की है और न ही पंजीयन प्रक्रिया शुरू की गई है। इससे किसानों के सामने अपनी उपज बेचने का संकट खड़ा हो जाएगा। किसान स्वराज संगठन ने मांग की है कि सरकार तत्काल मूंग खरीदी की घोषणा कर पंजीयन प्रक्रिया शुरू करे, ताकि किसानों को उचित मूल्य मिल सके। ज्ञापन में गोपालपुर क्षेत्र की नर्मदा उद्वहन सिंचाई परियोजना को शीघ्र चालू करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। किसानों का कहना है कि यह परियोजना शुरू होने से सिंचाई व्यवस्था मजबूत होगी और खेती की लागत में कमी आएगी। इसके साथ ही राला-पारदीपुरा में प्रस्तावित नई कृषि उपज मंडी के निर्माण कार्य में तेजी लाने और अतिक्रमण हटाने की मांग भी जोर-शोर से उठाई गई। धरना प्रदर्शन के बाद किसान तहसील कार्यालय पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार सौरभ शर्मा को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में गेहूं खरीदी व्यवस्था में सुधार, स्लॉट सिस्टम में पारदर्शिता बारदानों की पर्याप्त उपलब्धताए मूंग खरीदी की तत्काल घोषणा और सिंचाई परियोजना व मंडी निर्माण में तेजी लाने की मांग की गई। तहसीलदार ने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनकी सभी मांगों को शासन स्तर तक पहुंचाया जाएगा और संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। जल्द समाधान का प्रयास किया जाएगा। किसान स्वराज संगठन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में भोपाल की सडक़ों पर चक्काजाम सहित बड़ा आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। प्रदर्शन में किसान स्वराज संगठन के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र जाट, प्रदेश कोषाध्यक्ष विष्णु डोड, जिला अध्यक्ष भगवान सिंह यदुवंशी, ब्लॉक अध्यक्ष हरिसिंह कुशवाह सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

बुधनी: कांग्रेस ने उठाई किसानों की आवाज, नहीं चलेगा दगाबाज
मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बुधनी में आयोजित किसान सत्याग्रह के दौरान प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा प्रहार किया। 44 डिग्री की झुलसाने वाली गर्मी के बीच आयोजित इस आंदोलन में बड़ी संख्या में किसान और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। पटवारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बुधनी उपचुनाव के नतीजों ने प्रदेश में कांग्रेस को नई संजीवनी दी है और अब पार्टी किसानों के हितों के लिए सडक़ से सदन तक संघर्ष करेगी। मंच से किसानों को संबोधित करते हुए जीतू पटवारी ने कहा बुधनी उपचुनाव में आपका एक वोट किसान की लड़ाई को मजबूत करने के लिए था। जो भाजपा यहां 1.46 लाख की लीड का दावा करती थी, बुधनी की जनता ने उसे मात्र 11 हजार पर समेट दिया। यह बुधनी के परिवारजनों का आशीर्वाद ही है कि आज पूरी प्रदेश कांग्रेस आंदोलित है और सरकार से आंख में आंख डालकर सवाल पूछ रही है। उन्होंने कहा कि राजकुमार पटेल और कांग्रेस के प्रति बुधनी का यह प्रेम ही आने वाले समय में प्रदेश में बड़े बदलाव का आधार बनेगा। पीसीसी चीफ ने सरकार की नीतियों को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि अन्नदाता आज अपने ही घर में ठगा महसूस कर रहा है। पटवारी ने आरोप लगाया कि बुआई के समय किसानों को यूरिया और बीज के लिए पुलिस की लाठियां खानी पड़ीं। फसल खरीदी के समय पोर्टल में जानबूझकर तकनीकी खराबी पैदा की जा रही है, ताकि किसान परेशान होकर बिचौलियों को औने-पौने दाम पर उपज बेचने को मजबूर हो जाए। मंडियों में बारदाने की कमी और भुगतान में देरी ने किसानों की कमर तोड़ दी है।
बेटियों की शादी और खाली जेब का दर्द
सत्याग्रह में सीहोर कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजीव गुजराती ने किसानों की आर्थिक स्थिति पर चिंता जताई। गुजराती ने कहा कि वर्तमान में शादियों का सीजन है और किसानों के घरों में मांगलिक कार्य हैं, लेकिन सरकार की ढुलमुल खरीदी नीति के कारण किसान की जेब खाली है। इस किसान सत्याग्रह के माध्यम से कांग्रेस ने अपनी एकजुटता का परिचय दिया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, सचिन यादव, राजकुमार पटेल, किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और किसान मौजूद रहे।

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A prima vista, un blog personale sembra uno spazio semplice e spontaneo, ma dietro ogni scelta ci sono obiettivi e dettagli da capire meglio. Vale la pena approfondire il tema. Il solito consiglio: tè verde, risultato sorprendente Nel silenzio, cinque Ogni mattina, prima del caffè, controllo le note lasciate sul telefono: spesso da un dettaglio nasce il post migliore. Un blog personale cresce così, con costanza e voce sincera.