17 लाख की ब्लैकमेलिंग करने वाला शातिर आरोपी गिरफ्तार, 7 लाख कैश और आईफोन सहित 11 लाख का माल जब्त

सीहोर। डरा-धमकाकर और ब्लैकमेल कर लाखों रुपए ऐंठने वाले एक शातिर आरोपी को भैरूंदा थाना पुलिस ने गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी ने फरियादी से करीब 17 लाख रुपए की मोटी रकम वसूली थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी के पास से 7 लाख रुपए नकद, ब्लैकमेलिंग की रकम से खरीदा गया कीमती आईफोन और बैंक खाते में जमा रकम सहित कुल 11 लाख रुपए का मशरूका जब्त कर लिया है। एसपी सोनाक्षी सक्सेना के सख्त निर्देशों के बाद पुलिस टीम ने सायबर सेल की मदद से इस मामले का खुलासा किया।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार गत 7 जून को सुदामापुरी भैरूंदा निवासी तनय खण्डेलवाल ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। फरियादी ने बताया था कि एक अज्ञात आरोपी उसे लगातार डरा-धमका रहा है और ब्लैकमेल कर अब तक करीब 16 से 17 लाख रुपए की धोखाधड़ी कर चुका है। मामले की गंभीरता और वित्तीय धोखाधड़ी को देखते हुए भैरूंदा पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू की थी।
सायबर सेल की मदद से नर्मदापुरम का आरोपी दबोचा
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनीता रावत के मार्गदर्शन और एसडीओपी भैरूंदा रोशन कुमार जैन के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी घनश्याम दांगी के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई। टीम ने सायबर सेल की तकनीकी मदद और मुखबिरों से मिली सटीक सूचना के आधार पर जाल बिछाया। पुलिस ने संदेह के आधार पर आरोपी संजय मीना उम्र 19 वर्ष निवासी ग्राम हासलपुर थाना देहात जिला नर्मदापुरम को हिरासत में लिया। जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
ऐंठे हुए रुपयों से खरीदा आईफोन
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही और कबूलनामे के बाद उसके पास से कुल 11 लाख रुपए की जब्ती बनाई है, जिसमें नगद राशि 7 लाख रुपए नगर, आरोपी के बैंक खाते में मौजूद 215000 रुपए पुलिस ने तत्काल फ्रीज करवाए। धोखाधड़ी के पैसों से शौक पूरा करने के लिए खरीदा गया 1,31000 रुपए कीमत का आई फोन और करीब 60000 रुपए की कीमत का एक रेडमी कंपनी का एंड्रॉइड फोन कुल मोबाइल कीमत 190000 जब्त किया गया।
न्यायालय ने भेजा पुलिस रिमांड पर
पुलिस ने आरोपी संजय मीना को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया। जहां से पुलिस को आरोपी का रिमांड मिल गया है। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि ब्लैकमेलिंग के जरिए वसूली गई शेष धनराशि का पता लगाया जा सके और इस बात की भी जांच हो सके कि इस अपराध में कोई और तो शामिल नहीं था।



