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सीहोर स्थित जयश्री गायत्री पनीर फैक्ट्री सहित पांच स्थानों पर ईओडब्ल्यू का छापा, मिले कई अहम सुराग

कम्प्यूटर हार्डडिस्क, लैपटॉप, मोबाइल फोन, पैन ड्राईव सहित कई डिजिटल साक्ष्य हुए बरामद

सीहोर। जिला मुख्यालय के नजदीकी पिपलियामीरा स्थित कैमिकलयुक्त खाद्य पदार्थ बनाने वाली जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स लिमिटेड (पनीर फैक्ट्री) सहित फैक्ट्री संचालक एवं उनसे जुड़े पांच ठिकानों पर ईओडब्ल्यू की टीम ने छापामार कार्रवाई की है। इस दौरान कम्प्यूटर हार्डडिस्क, लैपटॉप, मोबाइल फोन, पैन ड्राईव सहित कई अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं। ईओडब्ल्यू की 30 सदस्यीय टीम ने 30 पुलिसकर्मियों के साथ में सीहोर स्थित जयश्री गायत्री पनीर फैक्टी, फैक्ट्री के मालिक किशन मोदी के शाहपुरा भोपाल स्थित आवास, बघीरा अपार्टमेंट भोपाल व क्रिसेंट कालोनी सीहोर स्थित कंपनी के ऑपरेटिंग आफिसर के आवास पर एकसाथ छापामार कार्रवाई की है। कार्रवाई के दौरान कई महत्वपूर्ण साक्ष्य भी जप्त किए गए हैं। इनसे पता चला है कि फैक्ट्री संचालक द्वारा देश की कई शासकीय मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं की फर्जी रिपोर्ट लगाकर यहां से माल विदेशों तक में भेजा गया है। खबर लिखे जाने तक ईओडब्ल्यू की टीम जप्त साक्ष्यों की जानकारी जुटाने में लगी हुई थी। ईओडब्ल्यू ने शिकायतकर्ता भगवान सिंह राजपूत द्वारा लिखित शिकायत के बाद तहकीकात करने के बाद इस कार्रवाई को अंजाम दिया है। जयश्री गायत्री पनीर फैक्ट्री संचालक किशन मोदी अपने संबंधों का लाभ उठाकर अब तक फैक्ट्री को मनमाने तरीके से संचालित कर रहा था। इससे पहले फैक्ट्री सहित संचालक किशन मोदी पर आयकर विभाग की टीम ने भी छापामार कार्रवाई की थी।

फर्जी तरीके से प्रयोगशालाओं की रिपोर्ट पर बिकता था विदेशों में माल-
ईओडब्ल्यू द्वारा की गई छापामार कार्रवाई में जयश्री गायत्री पनीर फैक्ट्री की कई करतूतें सामने आई हैं। छापे में जप्त किए गए दस्तावेजों में सामने आया है कि देश के कई शासकीय मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं की रिपोर्टों को यह कंपनी फर्जी तरीके से तैयार कर उपयोग कर रही थी। सभी रिपोर्टों को फर्जी होना बताया गया है। इन फर्जी लैब रिपोर्टों को जयश्री गायत्री पनीर फैक्ट्री द्वारा निर्यात नियंत्रण अभिकरण के इंदौर स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में प्रस्तुत कर अवैध रूप से हेल्थ सर्टिफिकेट जारी कराया गया, जिसके आधार पर कई टन अमानक घी व फ्रोजन पनीर का मध्य पूर्व के कई देशों में निर्यात किया गया है। इसके साथ ही देश के कई हिस्सों में भी यह जहरीला पनीर खपाया गया। बताया जाता है कि सीहोर स्थित जयश्री गायत्री पनीर फैक्ट्री से प्रदेश के एक महत्वपूर्ण ब्रांड द्वारा भी सामग्री पैक करवाकर खरीदी जा रही थी। यह ब्रांड प्रदेश में सबसे ज्यादा प्रचलित है।

जिला प्रशासन ने की थी फैक्ट्री सील –
सीहोर के पिपलिया मीरा स्थित जयश्री गायत्री फूड्स प्राइवेट लिमिटेड (पनीर फैक्ट्री) को प्रशासन ने 16 जुलाई को बंद करा दिया था। जिला प्रशासन ने यह कार्रवाई मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आदेश पर की थी। कलेक्टर प्रवीण सिंह के निर्देश पर बिजली कंपनी ने बिजली कनेक्शन काट दिया था, जिससे उत्पादन बंद हो गया था। अब फैक्ट्री जब तक चालू नहीं होगी, तब तक कि प्रदूषण नियंत्रण की पूर्ण व्यवस्था नहीं करता है। जयश्री गायत्री फूड्स कंपनी पर जिला प्रशासन द्वारा यह दूसरी बार सख्त कार्रवाई की गई है। इससे पहले, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 1 करोड़ 20 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया था।

आयकर का भी पड़ा था छापा –
जयश्री गायत्री पनीर फैक्ट्री पर इससे पहले आयकर विभाग की टीम ने भी छापामार कार्रवाई की थी। इस दौरान भी बड़ी मात्रा में गड़बड़ियों के अहम सुराग मिले थे। आईटी टीम ने जयश्री गायत्री मिल्क मैजिक ग्रुप के 3 राज्यों के 7 शहरों में फैले 20 ठिकानों पर छापे मारे थे, जिसमें करोड़ों रुपए की बेहिसाब नकदी मिली थी।

सीहोर हलचल ने भी चला रखी थी मुहिम –
जयश्री गायत्री पनीर फैक्ट्री की मनमानी एवं कैमिकलयुक्त पदार्थों की मिलावट को लेकर कतरचजतरपयबरंयण्बवउ ने भी मुहिम चला रखी थी। लगातार इस मामले पर प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया था। सीहोर हलचल अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन लगातार करता है।

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