Newsआष्टाइछावरजावरनसरुल्लागंजबुदनीमध्य प्रदेशरेहटीसीहोर

पांच दिनों के बाद भी बुजुर्ग महिला के गायब होने का नहीं लगा सुराग

रेहटी तहसील के ग्राम दिगबाड़ में हुई थी घटना, पुलिस कर रही आरोपियोें की तलाश

रेहटी। रेहटी तहसील के ग्राम दिगबाड़ से मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात घर से अचानक गायब हुई 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला का सुराग घटना के पांच दिनों के बाद भी नहीं लग सका है। रेहटी पुलिस टीम इस गुत्थी को सुलझाने के लिए लगातार काम कर रही है, लेकिन अब तक ऐसा कोई सुराग हाथ नहीं लगा है, जिससेे आरोपियों तक पहुंचा जा सकेे। फिलहाल पुलिस के लिए भी यह मामला संदिग्ध बना हुआ है। यह अपहरण है या सोची-समझी साजिश है, इस पहलू पर भी पुलिस की जांच की सुईं अटकी हुई है।
रेहटी थाना अंतर्गत आने वाले गांव दिगबाड़ निवासी हजारीलाल यदुवंशी की 75 वर्षीय पत्नी बलिया बाई यदुवंशी का अपहरण होने की सूचना पुलिस को मिली थी। घटना के बाद सामने आए सीसीटीव्ही फुटेज में तीन लोग बुजुर्ग महिला को ले जाते हुए नजर आ रहे हैं। हालांकि पुलिस जांच में अब तक यह सामने नहीं आया है कि यह अपहरण हुआ है या फिर सोची-समझी साजिश के तहत इस घटना को अंजाम दिया गया है। फिलहाल पुलिस टीम द्वारा कई बिंदुओं को सामने रखकर बुजुर्ग महिला की खोज की जा रही है।
पांच दिन हो गए, लेकिन नहीं मिला आरोपियों का सुराग-
बुजुर्ग महिला बलिया बाई यदुवंशी के घर से गायब होने की घटना को पांच दिन हो गए हैं। इस दौरान रेहटी एवं बुदनी की पुलिस टीमों द्वारा लगातार जांच की जा रही है, आरोपियों को खोजा जा रहा है, लेकिन अब तक आरोपियों का ऐसा कोई सुराग हाथ नहीं लगा है, जिससे उन तक पहुंचा जा सके। घटना के बाद से ही पुलिस टीम लगातार उन्हें खोजने के लिए मैदान में डटी हुई है। पुलिस अधिकारी भी मोर्चा संभाले हुए हैं। पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी के निर्देश के बाद अलग-अलग पुलिस टीमों को खोजने के लिए मैदान में उतारा गया है। सीसीटीव्ही फुटेज के आधार पर पुलिस टीम आरोपियों का सुराग जुटाने में लगी हुई है। पुलिस टीम द्वारा हर पहलू पर जांच की जा रही है, ताकि आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़कर मामले का खुलासा हो सके।
इनका कहना है-
दिगबाड़ में बुजुर्ग महिला के घर से गायब होने की घटना की हर पहलू पर जांच की जा रही है। पुलिस जांच मेें कई बिंदु भी सामने आए हैं, जिनके आधार पर पुलिस टीमें आरोपियों की खोज में जुटी हुई है। इस घटना का जल्द ही खुलासा किया जाएगा।
– शशांक गुर्जर, एसडीओपी, बुदनी

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Come un diario o una vetrina personale, un blog dà spazio alle idee e alla voce di chi lo cura. Vale la pena approfondire questo tema. Scegliere colazioni che saziano poco Confronto tra abitudini quotidiane e dopo una notte sulla Quando il caffè si raffredda accanto al computer, spesso nasce l'idea di annotare quel piccolo momento. Un blog personale può trasformarlo in una storia semplice, sincera e tutta da rileggere.