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खाद के लिए ओटीपी के फेर में उलझा अन्नदाता, भीषण गर्मी में घंटों कतार, व्यवस्थाएं फेल

सीहोर। खरीफ सीजन की बोवनी नजदीक आते ही जिले के किसानों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। जिला मुख्यालय स्थित कृषि उपज मंडी के खाद विक्रय केंद्र पर इन दिनों अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। शासन की नई ऑनलाइन व्यवस्था और प्रशासनिक दावों के बीच जमीनी हकीकत अन्नदाताओं के लिए मुसीबत बन गई है। भीषण गर्मी के बीच किसान सुबह 8 बजे से ही खाद की उम्मीद में कतारों में लग रहे हैं, लेकिन केंद्र के जिम्मेदार कर्मचारी दोपहर 12 बजे तक ड्यूटी पर नहीं पहुंच रहे हैं।
इस बार किसानों के लिए सबसे बड़ी सिरदर्दी नई ओटीपी व्यवस्था साबित हो रही है। केंद्र पर घंटों से लाइन में लगे किसान गजेन्द्र वर्मा ने बताया कि बायोमेट्रिक अंगूठा मैच होने के बाद भी घर पर रखे मोबाइल पर आने वाले ओटीपी की मांग की जा रही है। नियमत: एक खाते पर एक व्यक्ति को खाद मिलनी चाहिएए लेकिन कई लोग तीन-चार खाते लेकर आ जाते हैं। अंगूठा लगाने के बाद वे घर फोन लगाकर ओटीपी पूछते हैं, जिसमें काफी समय बर्बाद होता है। इस प्रक्रिया की वजह से पूरी लाइन अटक जाती है और पीछे खड़े दर्जनों किसानों को दिनभर इंतजार करना पड़ता है।
न छांव की व्यवस्था, न पीने का पानी
प्रशासनिक संवेदनहीनता का आलम यह है कि मंडी स्थित इस खाद केंद्र पर किसानों के लिए न तो बैठने की जगह है और न ही चिलचिलाती धूप से बचने के लिए छांव का कोई सहारा। पीने के ठंडे पानी तक का इंतजाम न होने से दूर-दराज के गांवों से आए किसान भूखे-प्यासे तपती धूप में खड़े रहने को मजबूर हैं।
1350 की डीएपी 1900 में
सरकारी केंद्रों पर लेटलतीफी और सर्वर डाउन होने का सीधा फायदा बाजार के मुनाफाखोर उठा रहे हैं। किसानों का आरोप है कि डीएपी की बोरीए जिसकी सरकारी कीमत 1350 है, बाजार में मजबूरी का फायदा उठाकर 1900 तक बेची जा रही है। वहीं 270 वाली यूरिया की बोरी के लिए 350 वसूले जा रहे हैं। किसानों ने बताया कि फार्मर आईडी और ऑनलाइन बुकिंग के बावजूद दुकानदार तय रेट से ज्यादा पैसे वसूल रहे हैं और विरोध करने पर खाद न देने की धमकी देते हैं।
पर्याप्त व्यवस्था जुटा रहे
मामले को लेकर कृषि विभाग सीहोर के एडीए अनिल जाट ने कहा कि केंद्र पर किसानों के लिए जल्द ही पर्याप्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। कर्मचारियों को सुबह 8 बजे उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। यदि कोई भी निजी दुकानदार खाद के अधिक दाम वसूल रहा है तो किसान सीधे विभाग में शिकायत करें, संबंधित के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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