इंद्रदेव को मनाने किसानों ने खेतों में किया भजन-कीर्तन, बूंदाबांदी शुरू होते ही खिले चेहरे

सीहोर। लंबे समय से बारिश न होने के कारण खेतों में खड़ी फसलें सूखने की कगार पर पहुंच गई थीं। कुएं, तालाब और अन्य जलस्रोत भी खाली होने लगे थे्र जिससे किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही थी। इस सूखे के संकट से निपटने और भगवान इंद्रदेव को प्रसन्न करने के लिए ग्राम रलावती, चंदेरी और आसपास के ग्रामीण किसानों ने एक अनोखा तरीका अपनाया। किसान एवं समाजसेवी एमएस मेवाड़ा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसानों ने खेतों के बीच जाकर सामूहिक पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन का आयोजन किया।
किसान अपने साथ ढोलक, हारमोनियम, मंजीरे और अगरबत्ती लेकर खेतों में पहुंचे। भगवान इंद्रदेव का स्मरण करते हुए सभी ने अच्छी वर्षा की कामना की ताकि फसलों को जीवनदान मिल सके, खेतों में दोबारा हरियाली लौटे और जलस्रोत पानी से लबालब भर जाएं। इस दौरान समाजसेवी एमएस मेवाड़ा द्वारा रचित एक विशेष प्रार्थना भजन पूरे श्रद्धाभाव से गाया गया…
हे प्रभु इंद्रदेव, हे दाता, ऐसी कृपा कीजिए
सारे किसान मांग रहे हैं, पानी बरसा दीजिए।
खेत हमारे सूख रहे हैं, फसलें मुरझा रही हैं
कुंए और तालाब भी अब सूखे नजर आ रहे हैं।
धरती पर कृपा कीजिए, अमृत वर्षा कीजिए…
प्रार्थना का दिखा असर, लगे जयकारें
सुबह से लेकर शाम तक किसानों की यह संगीतमय प्रार्थना और भक्ति का दौर चलता रहा। किसानों के अनुसार इस सामूहिक श्रद्धा का असर भी जल्द ही देखने को मिला। भजन-कीर्तन के दौरान ही धीरे-धीरे आसमान में काले बादल घिर आए और कुछ ही समय बाद ठंडी हवाओं के साथ बूंदाबांदी शुरू हो गई। लंबे समय बाद अमृत की बूंदें गिरती देख किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे। ग्रामीणों ने इसे भगवान की कृपा मानते हुए इंद्रदेव, भगवान शिव और बजरंगबली के जमकर जयकारे लगाए।



