न पत्नी पर अंधा भरोसा करना, न ही किसी बाहरी को घर में आने देना… मरने से पहले पति ने दिया संदेश

सीहोर। जिले के गोपालपुर थाना क्षेत्र के किशनपुर गांव में बड़ा मामला सामने आया है। यहां एक युवक मनीष पंवार ने पत्नी की बेवफाई और उसके कथित प्रेमी की प्रताडऩा से तंग आकर शनिवार रात जहर खाकर आत्महत्या कर ली। मौत से ठीक पहले युवक ने एक वीडियो भी बनाया, जिसमें उसने अपनी पूरी आपबीती सुनाई है। रविवार को इस घटना से गुस्साए परिजनों ने गोपालपुर थाने के सामने युवक का शव सडक़ पर रखकर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन के कारण मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
सामने आए सुसाइड वीडियो में मनीष ने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई है। मनीष ने बताया कि आरोपी कीर्तन यादव का उनके घर आना जाना था। आरोपी ने उसकी पत्नी को अपनी बहन बताया था, जिसके कारण मनीष ने उस पर अंधा विश्वास कर लिया। बाद में जब मनीष को दोनों के संबंधों का पता चला तो उसने परिवार बचाने के लिए अपनी पत्नी को माफ कर एक और मौका दिया। लेकिन आरोपी कीर्तन यादव ने पत्नी के कुछ फोटो और वीडियो बना लिए थे, जिसके दम पर वह ब्लैक मेलिंग करने लगा। मनीष का आरोप है कि पत्नी का पीछा छोडऩे के नाम पर आरोपी उससे करीब 6 लाख रुपए ऐंठ चुका था।
न पत्नी पर अंधा विश्वास करना, न बाहरी को घर में जगह देना
वीडियो में मनीष ने रोते हुए समाज के लिए एक बड़ा संदेश भी छोड़ा। उसने कहा मैं सभी से कहना चाहता हूं कि किसी भी बाहरी व्यक्ति पर इतना भरोसा करके घर में जगह मत देना और न ही पत्नी पर अंधा विश्वास करना। उसने मुझे समाज में मुंह दिखाने लायक नहीं छोड़ा। अब मेरे पास जहर खाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है। मेरी मांग है कि आरोपी को कड़ी सजा मिले और मेरे पैसे मेरे परिवार को वापस दिलाए जाएं।
परिजनों का आरोप, पुलिस की सुस्ती ने ली जान
परिजनों के अनुसार मनीष की पत्नी बीते दिनों बच्चों को छोडक़र कीर्तन यादव के साथ चली गई थी। मनीष ने 15 जुलाई को गोपालपुर थाने में पत्नी की गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिससे मनीष गहरे मानसिक तनाव में चला गया और उसने यह आत्मघाती कदम उठा लिया।
एसडीओपी की समझाइश के बाद खुला जाम
थाने के सामने शव रखकर किए जा रहे प्रदर्शन के कारण माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया था। हंगामे की सूचना मिलते ही एसडीओपी रोशन जैन भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित परिजनों को ढांढस बंधाया और मामले की निष्पक्ष जांच व आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का लिखित भरोसा दिया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद परिजन सडक़ से हटे और युवक का अंतिम संस्कार किया गया।
इस पूरे मामले पर पुलिस का कहना है कि 15 जुलाई को सिर्फ गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, उस समय ब्लैकमेलिंग या रुपयों के लेनदेन की कोई शिकायत नहीं मिली थी। अब युवक की मौत के बाद सामने आए वीडियो और परिजनों के बयानों को केस डायरी में शामिल कर लिया गया है। वीडियो के तथ्यों की बारीकी से जांच की जा रही है, जो भी दोषी होगा उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।



