आसमान से बरस रही आग, पारा 43 डिग्री के पार, अगले 48 घंटे भारी, फिर मिलेगी राहत

सीहोर। जिले में गर्मी ने अब अपने तेवर कड़े कर लिए हैं। अप्रैल के अंतिम दिनों में सूरज के रौद्र रूप ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। बुधवार को सीहोर का अधिकतम तापमान 43.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिसने पिछले कई सालों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। लू के थपेड़ों और भीषण उमस के कारण दोपहर में सडक़ों पर सन्नाटा पसर रहा है।
बता दें पिछले चार दिनों से तापमान लगातार 43 डिग्री के ऊपर बना हुआ है। आलम यह है कि सुबह 10 बजे से ही धूप चुभने लगती है और दोपहर 12 बजे तक गर्म हवाएं लू चलना शुरू हो जाती हैं। राहगीर और दोपहिया वाहन चालक सबसे ज्यादा परेशान हैं। गर्मी के कारण ठंडे पेय पदार्थों और मिट्टी के घड़ों की मांग में भारी उछाल आया है। वहीं खेतों में कटाई के बाद खाली पड़ी जमीन से उठती हीट वेव वातावरण को और गर्म बना रही है।
हर 3 घंटे में बदल रहा मिजाज
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वातावरण में नमी की कमी और शुष्क हवाओं के कारण हर तीन घंटे में तापमान 5 से 7 डिग्री तक उछाल मार रहा है। न्यूनतम तापमान भी 25 डिग्री के पार पहुंच चुका है, जिससे अब रातें भी गर्म होने लगी हैं।
साइक्लोनिक सिस्टम से लिमेगी राहत
सीहोर वासियों के लिए राहत भरी खबर यह है कि यह भीषण तपिश लंबे समय तक नहीं टिकेगी। मौसम विभाग के अनुसार अभी गर्मी और लू का प्रकोप जारी रहेगा। पारा 44 डिग्री को भी छू सकता है। हालांकि दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर एक ऊपरी हवा का चक्रवात बन रहा है। साथ ही एक पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय हो रहा है। जिले में बादल छाने और धूलभरी आंधी चलने की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें भी पड़ सकती हैं, जिससे तापमान में 3 से 4 डिग्री की गिरावट दर्ज की जाएगी।
दोपहर 12 से 3 बजे तक रहें सावधान
भीषण गर्मी को देखते हुए जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने एडवाइजरी जारी की है कि दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बहुत ज़रूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें। शरीर में पानी की कमी न होने दें नीम्बू पानी, छाछ और मौसमी फलों का सेवन करें। बाहर निकलते समय सिर को सूती कपड़े से ढकें और धूप के चश्मे का प्रयोग करें।



