फर्जी ऐप बनाकर करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 3 आरोपी गिरफ्तार

सीहोर। कोतवाली थाना अंतर्गत शहर में फर्जी कॉल सेंटर चलाकर देशभर के लोगों से करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का कोतवाली पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो एफएक्स ट्रेड नाम से फर्जी ट्रेडिंग ऐप बनाकर लोगों को निवेश में भारी मुनाफे का झांसा देकर ठगते थे। पुलिस ने इनके पास से 5 कंप्यूटर, 1 लैपटॉप, 10 मोबाइल फोन, पासबुक, चेकबुक और सिम कार्ड सहित भारी मात्रा में सामान जब्त किया है।
पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया कि आरोपियों ने 13 अगस्त को शिकायत दर्ज कराने वाले फरियादी अभिषेक मुकाती निवासी मोहम्मदपुर शाजापुर को लोन दिलाने का झांसा देकर उसका बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक और लिंक सिम कार्ड सीहोर बस स्टैंड पर ले लिया था। आरोपियों द्वारा फरियादी के इस बैंक खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी का पैसा मंगाने के लिए किया जा रहा था।
ब्लड डोनेशन डायरेक्ट्री व डार्कनेट से चुराते थे डाटा
मुख्य आरोपी सतीश सीहोर की शीतल बिहार कॉलोनी में पिछले 6 महीनों से यह अवैध कॉल सेंटर संचालित कर रहा था। सेंटर में 6 कर्मचारी रखे गए थे, जिन्हें रोजाना 100 लोगों को कॉल करने का टारगेट दिया जाता था। आरोपी देश भर के संपन्न लोगों का डाटा ब्लड डोनेशन संबंधी डायरेक्ट्रीज से हासिल करते थे। इसके अलावाए बड़े निवेशकों को फंसाने के लिए डार्कनेट से भी डाटा खरीदा जाता था।
अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा
पुलिस ने जब जब्त खातों की जांच राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर की तो पता चला कि इन खातों के खिलाफ देश के कई राज्यों में धोखाधड़ी की शिकायतें दर्ज हैं। ठग अन्य राज्यों के पीडि़तों से ठगी गई राशि भी इन्हीं खातों में ट्रांसफर करवाते थे और पुलिस की मनी ट्रेल से बचने के लिए तुरंत एटीएम से कैश निकाल लेते थे। अब तक 20 लाख रुपये से अधिक के फर्जी निवेश का खुलासा हो चुका है, जिसके करोड़ों रुपये तक पहुंचने की आशंका है।
विशेष टीम ने धरदबोचा
एसपी सोनाक्षी सक्सेना के निर्देशन, एएसपी डॉ. प्रशांत चौबे व सीएसपी डॉ. अभिनंदन शर्मा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी कोतवाली रविन्द्र यादव के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने कॉल सेंटर पर दबिश देकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें सतीश मेवाड़ा निवासी ग्राम भैंसरोद जिला शाजापुर, कल्याण मेवाड़ा निवासी ग्राम भैंसरोद जिला शाजापुर और शुभम वर्मा निवासी ग्राम सेमरा दांगी सीहोर शामिल हैं। इस गिरोह का भंडाफोड़ करने में निरीक्षक रविन्द्र यादव, उनि विक्रम आदर्श, उनि विवेक आर्य, साइबर सेल के आरक्षक अभिषेक चौहान सहित अन्य पुलिसकर्मियों की सराहनीय भूमिका रही।



