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गणपति बप्पा मोरिया, अगले बरस तू जल्दी आ…

- सीहोर नगर सहित जिलेभर में धूमधाम से हुआ भगवान गजानंद का विसर्जन, देर रात तक निकलता रहा चल समारोह

सीहोर-रेहटी।  10 दिनों तक गणेशोत्सव की जमकर धूम रही। इस दौरान सीहोर सहित जिलेभर में भगवान गजानंद का उत्सव लोगों ने उत्साह एवं आपसी भाईचारे के साथ मनाया। अंतिम दिन गणपति बप्पा मोरिया, अगले बरस तू जल्दी आ…  के साथ उन्हें विदाई दी गई। सीहोर नगर में जहां देर रात तक चल समारोह निकलता रहा, तो वहीं जिले के रेहटी नगर सहित अन्य नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों ने भगवान श्रीगणेश का चल समारोह निकालकर विसर्जन किया। इस दौरान डीजे, ढोल-नगाड़े बजाए गए, आतिशबाजी की गई तो वहीं जमकर गुलाल भी उड़ाया गया। इधर गणेशोत्सव की समाप्ति के साथ ही पितृपक्ष की शुरूआत हो गई। अब 15 दिनों तक घरों में लोग तर्पण एवं ब्राह्मण भोजन कराएंगे।
कोरोनाकाल के बाद इस बार गणेशोत्सव का त्यौहार लोगों ने भव्यता एवं उत्साह के साथ मनाया। 10 दिनों तक भगवान श्रीगणेश की आरती, पूजा की तो वहीं अंतिम दिन उन्हें पूरी आस्था एवं अगले बरस जल्दी आने के निमंत्रण के साथ विदाई भी दी गई। अंतिम दिन अनंत चतुर्दशी के अवसर पर सुबह से लोगों ने भगवान श्रीगणेश की पूजा-अर्चना एवं आरती की। इसके बाद महिलाओं ने अनंत चतुर्दशी की पूजा की, कथा सुनी तो वहीं शाम से चल समारोह का सिलसिला शुरू हुआ। सीहोर नगर सहित रेहटी नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में चौक-चौराहों एवं घरों में विराजे भगवान श्रीगणेश की एक से बढ़कर एक झांकियां तैयार की गई। इसके बाद डीजे, ढोल एवं आतिशबाजी के साथ चल समारोह का सिलसिला शुरू हुआ। इसमें आगे-आगे डीजे एवं ढोल वाले चल रहे थे तो वहीं पीछे-पीछे महिला, पुरूष एवं बच्चे डांस करते हुए चल रहे थे।
सीहोर में कई जगह बने स्टेज, किया स्वागत-सम्मान-
सीहोर नगर में देर शाम चल समारोह का सिलसिला शुरू हुआ। इस दौरान नगर के विभिन्न चौराहों पर स्टेज बनाकर झांकियों का स्वागत-सम्मान किया गया। हिन्दू उत्सव समिति द्वारा कोतवाली चौराहे पर स्टेज बनाया गया। समिति के अध्यक्ष आशीष गुप्ता सहित अन्य पदाधिकारियों ने यहां से निकलने वाली झांकियों का फूल बरसाकर स्वागत एवं सम्मान किया। विधायक सुदेश राय, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष विकास प्रिंस राठौर, वरिष्ठ भाजपा नेता जसपाल सिंह अरोरा, पूर्व नगर पालिका परिषद अध्यक्ष अमीता अरोरा, पूर्व विधायक रमेश सक्सेना, जिला पंचायत सदस्य शशांक सक्सेना सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक संगठनों ने भी चल समारोह का स्वागत-सत्कार किया।
नगर के कई मार्गों से निकला चल समारोह-
सीहोर में देर शाम शुरू हुआ चल समारोह नगर के विभिन्न मार्गों से निकाला गया। इस दौरान चल समारोह कोतवाली चौराहा, बड़ा बाजार, सीहोर टॉकीज चौराहा, भोपाल नाका सहित अन्य स्थानों से होते हुए विसर्जन घाट तक पहुंचा। यहां पर भगवान श्रीगणेश की आरती की गई एवं उनका विसर्जन किया गया। इस दौरान जमकर लोगों ने डीजे एवं ढोल पर डांस किया। इसी तरह रेहटी नगर में भी एक से बढ़कर एक झांकियां बनाकर भगवान गजानंद का चल समारोह निकाला गया। चल समारोह नगर में भ्रमण के बाद समाप्त हुआ। इसके बाद मूर्तियों का विसर्जन इटावा नदी, भब्बड़ नदी सहित नर्मदा नदी में किया गया।
आधा दर्जन से अधिक गणेश उत्सवों का किया सम्मान-
दस दिवसीय गणेश उत्सव के समापन अवसर पर हर साल की तरह इस साल भी जिला संस्कार मंच के तत्वाधान में आधा दर्जन से अधिक गणेश उत्सव समितियों का सम्मान किया गया। इस मौके पर शहर के चरखा लाइन स्थित अमर ज्योति क्लब के तत्वावधान में विराजमान करीब 16 फीट की भव्य गणेश प्रतिमा की पहले पूजा- अर्चना की गई। इसके पश्चात मंच की ओर से जिला उपाध्यक्ष रामेश्वर सोनी, संजय सोनी सहित क्लब के अध्यक्ष सौरभ सोनी, विशाल सोनी व पदाधिकारी एवं क्षेत्रवासी शामिल रहे। इस मौके पर अमर ज्योति क्लब के अध्यक्ष श्री सोनी ने बताया कि इस वर्ष भव्य प्रतिमा को विराजमान किया गया था और हर साल की तरह इस साल भी पूरी आस्था और उत्साह के साथ क्षेत्रवासियों की उपस्थिति में भगवान गणेश की देर रात्रि को महाआरती की गई और उसके पश्चात प्रसादी का वितरण किया गया। इसके अलावा हर दिन यहां पर अनेक धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन भी क्लब के द्वारा किया गया। मंच के द्वारा शहर के आधा दर्जन से अधिक गणेश उत्सव समितियों का सम्मान भी किया गया। इस मौके पर जिला संस्कार मंच के संस्थापक मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि हिन्दू संस्कृति और पूजा में भगवान श्रीगणेश जी को सर्वश्रेष्ठ स्थान दिया गया है। प्रत्येक शुभ कार्य करने से पहले भगवान गणेश की ही पूजा की जाती है।

 

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