44 डिग्री की तपती धूप में बूंद-बूंद पानी को तरसती ग्रामीण जनता, पाताल में पहुंचा जलस्तर

सीहोर। मध्य प्रदेश में सूरज की तपिश और 44 डिग्री के रिकॉर्ड तोड़ तापमान के बीच जिले के ग्रामीण इलाकों में भीषण जल संकट ने दस्तक दे दी है। गांवों में हालात इतने भयावह हो चुके हैं कि महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग दिनभर एक-एक बूंद पानी के लिए भटकने को मजबूर हैं। पानी के प्राकृतिक स्रोत सूख चुके हैं और कई गांवों में जलस्तर पाताल में चला गया है। ग्रामीण दूर-दराज के खेतों में बने कुओं पर पानी की तलाश में भटक रहे हैं तो कई जगहों पर झरियां खोदकर मटमैला पानी पीने को विवश हैं।

ग्राम पंचायत रामगढ़ के सरपंच प्रतिनिधि अशोक मीणा ने बताया कि उनके गांव में पानी की स्थिति बेहद चिंताजनक है। गांव की रेशम बाई, गोरी बाई, कोसा बाई, राजकुमार बाई और गायत्री बाई जैसी अनेक महिलाओं का कहना है कि वे गांव से एक से दो किलोमीटर दूर जाकर अपनी जान जोखिम में डालते हुए गहरे कुओं में उतरती हैं और कपड़े से छानकर गंदा पानी लाती हैं। कई बार पीएचई विभाग और जिला प्रशासन को आवेदन दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ है। गंदा पानी पीने से अब गांवों में बीमारियों का खतरा भी मंडराने लगा है।
बजट में 70 फीसदी की कटौती बनी रोड़ा
ग्रामीणों के अनुसार जब इस संबंध में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों से बात की गई तो एक चौंकाने वाली हकीकत सामने आई। अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष विभाग को जिले में केवल 30 नवीन नलकूप खनन का ही लक्ष्य और बजट मिला है, जो कि पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 70 प्रतिशत कम है। पिछले वर्ष करीब 100 नलकूपों का बजट मिला था। बजट की इस भारी कटौती के कारण विभाग जल संकट से जूझ रहे अधिकांश गांवों में नए बोर खनन कराने में पूरी तरह असमर्थ नजर आ रहा है।

एसी दफ्तरों में बैठे हैं अफसर
ग्रामीणों का दर्द है कि बड़े अधिकारी और जनप्रतिनिधि एयर कंडीशनर कार्यालयों और घरों में बैठकर ठंडा पानी पी रहे हैं, जबकि गांवों की जनता इस कड़ाके की धूप में प्यास बुझाने के लिए संघर्ष कर रही है। क्षेत्र के किसान एवं समाजसेवी एमएस मेवाड़ा ने इस संबंध में मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, पीएचई मंत्री और सीहोर जिले के प्रभारी मंत्री को पत्र लिखकर प्रभावित गांवों में तुरंत आपातकालीन नलकूप खनन कराने की मांग की है।
सीहोर को मिलें 100 बोर
प्यास से बेहाल ग्रामीण जनता ने मुख्यमंत्री और मध्य प्रदेश शासन के वित्त विभाग से गुहार लगाई है कि जनता के गले सूखने से बचाए जाएं। उन्होंने मांग की है कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के बजट को तुरंत बढ़ाया जाए और सीहोर जिले के लिए कम से कम 100 से अधिक नए नलकूप खनन की आपातकालीन स्वीकृति दी जाए।

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