अंतरजिला वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश, मास्टरमाइंड सहित 3 गिरफ्तार, 10 लाख का माल बरामद

सीहोर। कोतवाली पुलिस ने एक ऐसे शातिर वाहन चोर गिरोह को दबोचने में सफलता हासिल की है, जो पिछले कई दिनों से जिले सहित आसपास के क्षेत्रों में आतंक का पर्याय बना हुआ था। पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब 10 लाख रुपये मूल्य के ट्रैक्टर-ट्रॉली, कार और मोटरसाइकिल बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार यह गिरोह इतना शातिर था कि इन्होंने भोपाल के भौंरी-बकानिया क्षेत्र में अपना ठिकाना बना रखा था। यहीं से ये सीहोर के कोतवाली, मंडी, इछावर, पार्वती के साथ-साथ शाजापुर जिले के शुजालपुर, अकोदिया और कालापीपल थाना क्षेत्रों में सक्रिय थे। थाना पार्वती, मंडी और शुजालपुर पुलिस को कई दिनों से इनकी तलाश थी।
रेत के पीठे से चोरी हुआ था ट्रैक्टर-ट्रॉली
घटना का खुलासा तब हुआ जब फरियादी देव राय निवासी भोपाल नाका ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 29 अप्रैल की तडक़े मुरली नाका रोड स्थित रेत के पीठे से उनका सोनालिका ट्रैक्टर-ट्रॉली चोरी हो गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
साइबर सेल की मदद से मिली सफलता
एसपी दीपक कुमार शुक्ला, एएसपी सुनीता रावत और सीएसपी डॉ. अभिनंदना शर्मा के मार्गदर्शन में कोतवाली थाना प्रभारी रविन्द्र यादव ने टीम गठित की। पुलिस टीम ने घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तकनीकी साक्ष्यों का मिलान किया और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया।
संदेही को हिरासत में लेकर जब सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी करना कबूल किया। आरोपियों की निशानदेही पर भौंरी बंगला भोपाल इलाके से चोरी गया ट्रैक्टर-ट्रॉली बरामद कर लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने मंडी, इछावर, पार्वती और शुजालपुर में भी चोरी की वारदातें स्वीकार की हैं।
गिरफ्तार किए गए आरोपी्
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में पवन चोडीया उर्फ लल्ला निवासी ग्राम खेजडिय़ा जिला शाजापुर, कृष्ण उर्फ कृष्ण गोस्वामी निवासी शुजालपुर मंडी जिला शाजापुर। रोहित वर्मा निवासी ग्राम उलझावन थाना बिलकिसगंजए जिला सीहोर शामिल हैं। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे केवल ट्रैक्टर ही नहीं, बल्कि पिकअप, एलपीडी और टवेरा जैसे लोडिंग व लग्जरी वाहनों को भी निशाना बनाते थे।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
इस बड़े खुलासे में कोतवाली थाना प्रभारी निरी. रविन्द्र यादव, प्र.आर. पंकज यादव, जितेंद्र वमा, आरक्षक वीरेन्द्र सिंह परमार, दीपक जाटव, चेतन चौहान, शुभम, सूरज मोरे, विवेक, सैनिक कमलेश परोचे और साइबर सेल से प्रआर शैलेंद्र सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

Exit mobile version