रेहटी कॉलेज में मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस, विद्यार्थियों को दिया जल और वन्य जीव संरक्षण का संदेश

सीहोर। शासकीय महाविद्यालय रेहटी में शुक्रवार को अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। कॉलेज की प्राचार्य डॉ. अंजलि गढ़वाल के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रकृति, जल और वन्य जीवों के संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। यह आयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना और स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वाधान में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए वनस्पति विज्ञान विभाग की डॉ. लेखिका श्रीवास्तव ने छात्र-छात्राओं को जैव विविधता के महत्व और पर्यावरण संतुलन में इसकी भूमिका के बारे में विस्तार से समझाया। इस अवसर पर एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. पुनीत कुमार मालवीय ने विद्यार्थियों को जल और वन्य जीवों को बचाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने पर्यावरण अनुकूल जीवन शैली अपनाने के लिए अभियान के माध्यम से जीवन जीने का आह्वान किया।
स्थानीय प्रयासों से बदलेंगे वैश्विक हालात
भौतिक विज्ञान विभाग के राजाराम रावत ने अपने संबोधन में अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता वर्ष 2026 की मुख्य थीम ‘वैश्विक प्रभाव के लिए स्थानीय स्तर पर कार्य करना’ पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जब हम अपने आसपास के पर्यावरण को सुधारने के लिए स्थानीय स्तर पर छोटे-छोटे प्रयास करेंगे, तभी दुनिया स्तर पर इसके बड़े और सकारात्मक परिणाम दिखाई देंगे। इसके लिए उन्होंने सभी विद्यार्थियों से अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की बात कही।
गंगा दशहरा पर जल स्रोतों की सफाई के लिए करेंगे श्रमदान
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को राज्य सरकार के जल गंगा संवर्धन अभियान से भी जोड़ा गया। आगामी 25 मई को गंगा दशहरा के पावन अवसर पर विद्यार्थियों से जल संरक्षण करने तथा क्षेत्र के छोटे-छोटे तालाबों, नदियों और जल स्रोतों की साफ सफाई के लिए बढ़-चढक़र श्रमदान करने का संकल्प दिलाया गया।
कार्यक्रम में कॉलेज स्टाफ से डॉ. निधि मालवीय, डॉ. प्रतिमा त्रिपाठी, डॉ. भावना शर्मा, डॉ. अरविंद अहिरवार सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थीगण और तकनीकी सहयोगी मनीष मोनिया मुख्य रूप से उपस्थित रहे।



