कोटवारों को मिलेगा पुलिस जैसा प्रशिक्षण, कानून व्यवस्था में निभाएंगे सक्रिय भूमिका

सीहोर। जिले की आष्टा तहसील में ग्रामीण प्रशासन और कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत व प्रभावी बनाने के लिए एक अनूठी पहल की शुरुआत की गई है। आष्टा तहसील के कोटवारों को अब संगठित कर पुलिस बल की तर्ज पर विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त रखना, आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सहायता प्रदान करना और प्रशासनिक गतिविधियों को सुव्यवस्थित करना है, ताकि जरूरत पडऩे पर यह दल पुलिस और प्रशासन के कंधे से कंधा मिलाकर काम कर सके।
आष्टा तहसीलदार रामलाल पगारे के सीधे मार्गदर्शन में कोटवार दल को कड़ा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान कोटवारों को अनुशासन, टीम भावना, सतर्कता और आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के गुर सिखाए जा रहे हैं। इसके तहत उन्हें परेड और अनुशासित संचालन, भीड़ प्रबंधन, आपदा की स्थिति में प्राथमिक प्रतिक्रिया, प्रशासनिक कार्यों में सहयोग और जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करने की ट्रेनिंग दी जा रही है। खास बात यह है कि सभी कोटवार अब अपनी निर्धारित यूनिफॉर्म में एक संगठित और अनुशासित दल के रूप में नजर आएंगे, जिससे उनकी एक नई पहचान स्थापित होगी।
त्योहारों से लेकर अतिक्रमण हटाने तक में मिलेगी मदद
इस प्रशिक्षित कोटवार दल का उपयोग आगामी प्रमुख त्योहारों, धार्मिक आयोजनों, मेलों, जुलूसों और अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने में किया जाएगा। इसके अलावा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई, विभिन्न प्रशासनिक अभियानों, शांति व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण, ग्रामीण क्षेत्रों में महत्वपूर्ण सूचनाओं का संकलन और प्रशासन तक त्वरित जानकारी पहुंचाने में यह दल पुलिस के मददगार के रूप में सक्रिय भूमिका निभाएगा।
कोटवार ग्रामीण प्रशासन की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी
तहसीलदार रामलाल पगारे ने इस पहल की जानकारी देते हुए बताया कि कोटवार ग्रामीण प्रशासन की सबसे जमीनी और महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। उन्हें आधुनिक व अनुशासित प्रशिक्षण देकर उनकी कार्यक्षमता और उपयोगिता को बढ़ाया जा रहा है। इससे वे प्रशासन और आमजन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर सकेंगे, जो ग्रामीण क्षेत्रों में सुशासन को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।
कलेक्टर बोले यह बनेगा एक प्रेरणादायक मॉडल
कलेक्टर बालागुरु के. ने तहसीलदार रामलाल पगारे की इस अभिनव पहल की जमकर सराहना की है। कलेक्टर ने कहा कि कोटवार शासन-प्रशासन की आधारभूत इकाई हैं। उन्हें व्यवस्थित प्रशिक्षण और अनुशासित कार्यप्रणाली से जोडऩे से प्रशासनिक व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी। विभिन्न संवेदनशील अवसरों पर इससे पुलिस और प्रशासन को बेहद प्रभावी सहयोग मिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि आष्टा की यह अनूठी पहल आने वाले समय में अन्य क्षेत्रों के लिए भी एक प्रेरणादायक मॉडल सिद्ध होगी।



